बारिश बनी काल! खुले नाले में समाया 28 वर्षीय आर्यन, एक हादसे ने फिर खड़े किए नोएडा प्राधिकरण पर बड़े सवाल
नोएडा में बारिश के दौरान खुले नाले में गिरने से 28 वर्षीय आर्यन की मौत हो गई. हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
बारिश का मौसम जहां लोगों को राहत देता है, वहीं लापरवाही की छोटी-सी चूक कभी-कभी जिंदगी छीन लेती है. नोएडा में ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां बारिश के बीच काम पर निकले 28 वर्षीय युवक की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई.
यह घटना सिर्फ एक परिवार का सहारा छिनने की कहानी नहीं है, बल्कि शहर की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था और खुले पड़े नालों की खतरनाक हकीकत को भी उजागर करती है. हर मानसून में ऐसे हादसे सामने आते हैं, लेकिन सवाल यही है कि आखिर इनसे सबक कब लिया जाएगा?
काम पर निकला था आर्यन, लेकिन घर नहीं लौट सका
थाना सेक्टर-58 क्षेत्र के सेक्टर-57 में गुरुवार को 28 वर्षीय आर्यन, निवासी ग्राम चौड़ा, सेक्टर-22, रोज की तरह अपने काम पर जा रहा था. लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया था और खुले नाले का अंदाजा लगाना मुश्किल था. इसी दौरान उसका पैर फिसला और वह सीधे नाले में जा गिरा. तेज बहाव और गहराई के कारण वह बाहर नहीं निकल सका.
सहकर्मी ने बचाने की पूरी कोशिश की
आर्यन के साथ मौजूद उसके सहकर्मी शुभम ने घटना होते ही शोर मचाया और आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला. आनन-फानन में उसे सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. कुछ ही मिनटों की इस घटना ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं.
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-58 पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. अधिकारियों का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. उनका कहना है कि इलाके में कई नाले लंबे समय से खुले पड़े हैं. बारिश के दौरान पानी भर जाने से यह पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां शुरू हो रहा है. लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद सुरक्षा के लिए न तो रेलिंग लगाई गई और न ही नालों को ढकने का कोई स्थायी इंतजाम किया गया.
हर बारिश के साथ लौट आता है वही सवाल
यह पहली घटना नहीं है जब खुले नाले ने किसी की जान ली हो. हर मानसून में ऐसे हादसे सामने आते हैं, लेकिन हादसों के बाद कुछ दिनों तक चर्चा होती है और फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है. अब स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि शहर के सभी खुले नालों को तत्काल ढका जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और संवेदनशील स्थानों पर मजबूत सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े.




