मजदूर आंदोलन में गाड़ियों में आग लगाने वाला आरोपी गिरफ्तार, लंबे वक्त से दे रहा था चकमा, आखिर कैसे पुलिस के हत्थे चढ़ा नरेश?
नोएडा के सेक्टर-63 में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई आगजनी और हिंसा मामले में पुलिस ने आरोपी नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की जांच में कई खुलासे हुए हैं.
Noida Labourer Protest: नोएडा पुलिस ने श्रमिक आंदोलन के दौरान सेक्टर-63 इलाके में हुई आगजनी और हिंसा के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी पर प्रदर्शन के दौरान वाहनों में आग लगाने और तोड़फोड़ करने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले वीडियो फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान की गई.
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के मीडिया सेल के मुताबिक, हाल ही में श्रमिकों और मजदूरों ने अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदर्शन किया था. इस दौरान कई जगहों पर कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए गए. इन्हीं घटनाओं में सेक्टर-63 स्थित विपुल मोटर्स के पास हिंसक प्रदर्शन और आगजनी का मामला भी शामिल था, जिसके संबंध में थाना सेक्टर-63 में केस दर्ज किया गया था.
कौन है आरोपी?
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान 45 वर्षीय नरेश कुमार पुत्र छोटेलाल के रूप में हुई है. वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के जैतीखेड़ा गांव का रहने वाला है और फिलहाल नोएडा के चोटपुर, सेक्टर-63 इलाके में रह रहा था. पुलिस के अनुसार वह सेक्टर-63 स्थित महावीरा कंपनी में टेलर के पद पर काम करता था.
क्या आया जांच में सामने?
जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन नरेश कुमार महावीरा कंपनी परिसर में पहुंचा था. वहां उसने कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाया और फिर नारेबाजी करते हुए उनके साथ बाहर निकल गया. इसके बाद वह सेक्टर-63 स्थित विपुल मोटर्स के पास पहुंचा, जहां पहले से बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
आरोप है कि नरेश कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर वहां खड़े कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों में आग लगा दी. इतना ही नहीं, लोहे के पाइप से वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई और कई अन्य गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया.
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान जुटाए गए वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों में आरोपी साफ तौर पर आगजनी और हिंसा में शामिल दिखाई दिया. इसी आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.
पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि नरेश कुमार पहले हरियाणा के मानेसर में हुए श्रमिक आंदोलन में भी शामिल रह चुका है. पुलिस को उसके मोबाइल फोन से श्रमिक यूनियन से जुड़े कुछ दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड भी मिले हैं.
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद आरोपी ने अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने की कोशिश की थी. इसके लिए उसने अपना मोबाइल नंबर दूसरी कंपनी में पोर्ट करा लिया था. हालांकि तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने उसका मोबाइल ट्रेस कर लिया और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.




