क्या अजय राय ने पीएम मोदी को दी गंदी गाली? वायरल वीडियो पर मचा घमासान, पहले भी फिसली है जुबान
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक अजय राय का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे PM मोदी को गंदी गाली देते हुए नजर आ रहे हैं. जिसके बाद ये खबर आग की तरह फैल गई है तो वहीं आइए जानते हैं कि अजय राय की कब-कब जुबान फिसल चुकी है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है कि उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का बताया जा रहा है जिसमें यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पीएम मोदी को गाली देते नजर आ रहे हैं उनके इस वीडियो के बाद भाजपा हमले करने में बीते नहीं हट रही है. वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि महोबा में एक नीट छात्रा से जुड़े दुष्कर्म और अपहरण मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत के दौरान अजय राय ने पीएम मोदी के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया.
वीडियो सामने आते ही बीजेपी ने इसे मुद्दा बना लिया और कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप लगा दिया. हालांकि, अजय राय ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और यह AI जनरेटेड हो सकता है. लेकिन इस विवाद ने एक बड़ा सवाल फिर खड़ा कर दिया. क्या यह पहली बार है जब अजय राय पीएम मोदी को लेकर विवादों में घिरे हैं, या फिर यह उनकी आक्रामक राजनीतिक शैली का पुराना हिस्सा है?
महोबा का VIDEO और बढ़ता सियासी तूफान
महोबा पहुंचे अजय राय स्थानीय पुलिस और प्रशासन से छात्रा मामले में कार्रवाई को लेकर सवाल कर रहे थे. इसी दौरान रिकॉर्ड हुए कथित वीडियो में वे प्रधानमंत्री मोदी के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते सुनाई दिए. बीजेपी आईटी सेल प्रमुख Amit Malviya ने वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले जब अजय राय बीमार थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक रूप से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी, लेकिन अब वही कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई ने भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस को घेरते हुए इसे 'कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति' बताया.
क्या पहले भी विवादों में रहे हैं अजय राय?
असल में यह पहला मौका नहीं है जब अजय राय के बयान ने विवाद खड़ा किया हो. इससे पहले भी उनके कई बयान राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बटोर चुके हैं.
2022 का विवाद: 'बोरी में डालकर गाड़ देंगे' वाला बयान
फरवरी 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान अजय राय का एक बयान काफी चर्चा में आया था. उस समय कथित तौर पर उन्होंने कहा था कि 'योगी और मोदी को बोरी में डालकर जमीन के अंदर गाड़ देंगे.' इस बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा था और इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया था. विपक्षी नेताओं ने भी इसे अत्यधिक आक्रामक राजनीतिक भाषा करार दिया था.
कांग्रेस की आक्रामक राजनीति या व्यक्तिगत हमले?
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों और तीखे बयानों का दौर लगातार बढ़ा है. प्रधानमंत्री मोदी पर विपक्षी नेताओं द्वारा दिए गए कई बयान विवादों में रहे हैं. हाल ही में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा था कि ये लोग संविधान पर हमला कर रहे हैं. बीजेपी ने इस बयान को भी राजनीतिक मर्यादा से बाहर बताया था.
पुलिस अधिकारियों पर भी भड़के अजय राय
महोबा विवाद सिर्फ प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं रहा. आरोप है कि अजय राय ने यूपी पुलिस और महोबा पुलिस अधीक्षक के लिए भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया. उन पर एसपी को धमकाने और सीओ के साथ अभद्र भाषा में बात करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अजय राय एक संवेदनशील मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने पहुंचे थे और वीडियो को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.
AI, एडिटिंग और वायरल राजनीति का नया दौर
अजय राय की सफाई भी अपने आप में दिलचस्प है. उनका दावा है कि वीडियो AI तकनीक से तैयार किया गया या उसमें एडिटिंग की गई है. ऐसे में यह मामला सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि अब डिजिटल मैनिपुलेशन और वायरल राजनीति की बहस भी इसमें जुड़ गई है. आज के दौर में कुछ सेकंड का वीडियो राजनीतिक नैरेटिव बदल सकता है. यही वजह है कि हर वायरल क्लिप अब सिर्फ बयान नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुकी है.




