सुहागरात से 'साइको' तक, 9 साल की कथित प्रताड़ना; दिव्या को लेकर मानस पर क्या-क्या आरोप, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा कौन? Top Updates
लखनऊ के गोमतीनगर में पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या की, फिर बहन को गोली मारकर खुदकुशी कर ली. तीनों मौतों के पीछे पारिवारिक विवाद की जांच जारी है. इसी के साथ आइए जानते हैं कि इस मामले में अब तक कितने खुलासे सामने आए हैं.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर में गुरुवार को हुई गोलीबारी ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया. एक तरफ बैंक में काम करने वाली दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या हुई, तो दूसरी तरफ कुछ ही देर बाद उनके पति मानस बाजपेयी ने अपने घर पहुंचकर अपनी बहन शीबा को गोली मार दी और फिर खुद की जान ले ली. करीब आधे घंटे के भीतर हुई इन तीन मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस की शुरुआती जांच, परिवार के बयानों और सामने आए दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि इस पूरे मामले के पीछे लंबे समय से चला आ रहा पति-पत्नी का विवाद था. दोनों के रिश्ते में कई साल से तनाव था, मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंच चुका था और दोनों अलग रह रहे थे. अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनके बाद मानस ने इतना खौफनाक कदम उठाया.
कौन हैं प्रज्ञा मिश्रा?
प्रज्ञा मिश्रा पत्रकार और YouTuber हैं, जो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर वीडियो और डिजिटल कंटेंट के लिए जानी जाती हैं. वह ‘उल्टा चश्मा’ (Ulta Chasma) नाम से डिजिटल प्लेटफॉर्म चलाती हैं और ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक टिप्पणी तथा समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं. उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने पत्रकारिता/मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और 2017 के आसपास डिजिटल कंटेंट की शुरुआत की थी. प्रज्ञा मिश्रा कई संस्थानों में काम कर चुकी है और वे फिलहाल भारत सामाचार में काम करती हैं उन्हें पर 1.2 मिलियन लोग फॉलो करते हैं.
हालांकि, मौजूदा चर्चा में प्रज्ञा मिश्रा का नाम उनकी पत्रकारिता से ज्यादा उनकी बहन दिव्या मिश्रा की हत्या के कारण सामने आया है. दिव्या गोमतीनगर के ICICI बैंक में काम करती थीं. 20 अगस्त 2026 को उनके पति मानस बाजपेयी ने बैंक के बाहर कथित तौर पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद पुलिस के मुताबिक मानस ने अपनी बहन शीबा को गोली मारी और फिर खुदकुशी कर ली.
बैंक से शुरू हुई खौफनाक कहानी
घटना गुरुवार दोपहर करीब 12:15 बजे की बताई जा रही है. दिव्या मिश्रा गोमतीनगर के मनोज पांडेय चौराहे के पास स्थित एक निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम करती थीं. पुलिस के मुताबिक, मानस बाजपेयी बैंक के बाहर पहुंचा. दोनों के बीच कुछ देर बातचीत और विवाद हुआ. इसके बाद मानस ने कथित तौर पर हथियार निकालकर दिव्या पर गोली चला दी. इस हमले में दिव्या की मौत हो गई. घटना के बाद बैंक परिसर और आसपास अफरा-तफरी मच गई. CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है, ताकि वारदात से पहले और बाद की पूरी गतिविधि को समझा जा सके.
हत्या के बाद घर पहुंचा मानस
दिव्या पर हमला करने के बाद मानस वहां से निकल गया और करीब तीन किलोमीटर दूर अपने घर की तरफ गया. पुलिस के मुताबिक, घर पहुंचने के बाद उसने अपनी 31 वर्षीय बहन शीबा को गोली मार दी. इसके बाद मानस ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. इस तरह पति-पत्नी और मानस की बहन की मौत के साथ यह मामला तिहरे हत्याकांड और आत्महत्या में बदल गया. पुलिस के अनुसार, तीनों मौतें करीब 30 मिनट के भीतर हुईं.
पति-पत्नी के रिश्ते में कब से चल रहा था विवाद?
जांच में सामने आए परिवार के बयानों और फैमिली कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, मानस और दिव्या के रिश्ते में लंबे समय से तनाव था. बताया जा रहा है कि करीब पांच साल पहले दोनों के बीच मतभेद बढ़ने लगे थे. पिछले तीन वर्षों में विवाद और गहरा गया. आखिरकार दोनों अलग रहने लगे. दिव्या इस रिश्ते को खत्म करना चाहती थीं और उन्होंने तलाक की दिशा में कानूनी कदम भी उठाए थे. दूसरी तरफ मानस कथित तौर पर दिव्या के साथ दोबारा रहने की कोशिश कर रहा था. यही मतभेद धीरे-धीरे अदालत तक पहुंच गया.
फैमिली कोर्ट तक पहुंच चुका था मामला
दिव्या ने पिछले साल अक्टूबर में फैमिली कोर्ट में मामला दाखिल किया था. इसके बाद जनवरी में उन्होंने कथित तौर पर हर्जाने और खर्च के लिए मानस से एक करोड़ रुपये की मांग की थी. इसके अलावा स्त्रीधन वापस करने से संबंधित मामला भी दायर किया गया था. दूसरी तरफ मानस ने मार्च में फैमिली कोर्ट में दिव्या के साथ रहने और उन्हें वापस घर लाने की मांग को लेकर अर्जी दाखिल की थी यानी दोनों के बीच सिर्फ घरेलू विवाद नहीं था, बल्कि मामला कानूनी लड़ाई में बदल चुका था.
18 अगस्त को कोर्ट में थी तारीख
अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी अमोल मुरकुट के मुताबिक, दिव्या और मानस के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था और मामला फैमिली कोर्ट में लंबित था. 18 अगस्त को भी मामले में तारीख लगी थी. पुलिस के अनुसार, इन्हीं विवादों और कानूनी मामलों को लेकर मानस मानसिक रूप से परेशान चल रहा था. जांच में यह भी सामने आया है कि उसने घटना से पहले ऑफिस से दो दिन की छुट्टी ली थी. हालांकि, किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है.
दिव्या के पिता ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
दिव्या के पिता सतीश चंद्र मिश्रा ने मानस पर अपनी बेटी को परेशान और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक, शादी के समय दिव्या HDFC बैंक में काम करती थीं. बाद में उन्होंने Axis Bank समेत अन्य बैंकों में भी काम किया और वर्ष 2022 से ICICI Bank में कार्यरत थीं. परिवार के मुताबिक, दिव्या और मानस की कोई संतान नहीं थी. पिता का दावा है कि मानस की कुछ हरकतों से दिव्या परेशान थीं और परिवार ने कई बार दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश की. लेकिन जब विवाद नहीं सुलझा तो दिव्या ने रिश्ते से अलग होने का फैसला किया.
तलाक के दौरान भी व्यवहार को लेकर सवाल
दिव्या के पिता ने दावा किया है कि फैमिली कोर्ट की सुनवाई के दौरान भी मानस के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई गई थी. उनका कहना है कि जज ने भी उसकी कुछ कथित हरकतों पर नाराजगी जताई थी. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है. इसलिए इसे फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
बहन प्रज्ञा मिश्रा ने क्या नए आरोप लगाए?
दिव्या की बहन पत्रकार और यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कई गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या ने उन्हें शादी के दौरान कथित प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के बारे में बताया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि दिव्या अपने पति को 'साइको' कहती थीं और दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ चुका था कि वह शादी खत्म करना चाहती थीं. प्रज्ञा ने एक और गंभीर दावा किया है. उनके मुताबिक, दिव्या ने उन्हें बताया था कि मानस और उसकी बहन ने अपनी बीमार मां के साथ कथित तौर पर इतनी मारपीट की थी कि उनकी मौत हो गई हालांकि इस आरोप की पुष्टि स्टेट मिरर हिंदी नहीं करता है.
हत्या से पहले दिव्या हादसे में घायल हुई थीं
प्रज्ञा ने दावा किया कि हत्या से कुछ समय पहले दिव्या एक हादसे में घायल हुई थीं. उनके हाथ और पैर में फ्रैक्चर हुआ था. करीब डेढ़ से दो महीने बाद उन्होंने काम पर लौटना शुरू किया, लेकिन प्रज्ञा के मुताबिक हत्या वाले दिन भी दिव्या पूरी तरह ठीक नहीं थीं और लंगड़ाकर चल रही थीं. यहीं से मामले में एक और सवाल जुड़ता है. क्या मानस लगातार दिव्या पर नजर रख रहा था?
क्या मानस दिव्या का पीछा कर रहा था?
प्रज्ञा मिश्रा ने आरोप लगाया कि मानस हत्या से पहले दिव्या का पीछा कर रहा था. उनके मुताबिक, दिव्या बैंक में अपने एक सहयोगी के साथ चेक लेने गई थीं. वहीं मानस भी पहुंच गया. प्रज्ञा ने दावा किया कि CCTV फुटेज में दोनों के बीच बातचीत या विवाद के नजारे देखे जा सकते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मानस ऑटो रिक्शा से बैंक के बाहर पहुंचा था और उसके पास रिवॉल्वर थे. इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस CCTV फुटेज और दूसरे साक्ष्यों की जांच कर रही है.
हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां से आया?
यह इस मामले का सबसे बड़ा सवाल है. प्रज्ञा मिश्रा ने सवाल उठाया है कि मानस के पास हथियार कहां से आया? क्या उसने इसे कानूनी तरीके से हासिल किया था या किसी दूसरे माध्यम से उसके पास पहुंचा? क्या इस मामले में किसी और व्यक्ति ने उसकी मदद की? पुलिस की जांच में हथियार की खरीद, उसके स्रोत और घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी.
क्या इस हत्याकांड में कोई और शामिल था?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पुलिस ने किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है. प्रज्ञा मिश्रा ने जरूर इस संभावना को लेकर सवाल उठाए हैं कि मानस के पास हथियार कैसे पहुंचे और क्या किसी ने उसकी मदद की थी. लेकिन अभी तक इसे सिर्फ एक सवाल के तौर पर देखा जा रहा है, न कि स्थापित तथ्य के रूप में. जांच एजेंसियां CCTV, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, हथियार और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर इस पहलू को खंगाल रही हैं.
दिव्या के बैंक पहुंचने से लेकर तीन मौतों तक क्या हुआ?
- अब तक सामने आई जानकारी के आधार पर घटनाक्रम कुछ इस तरह समझ आता है-
- दोपहर करीब 12:15 बजे: मानस गोमतीनगर स्थित उस बैंक के बाहर पहुंचा, जहां दिव्या काम करती थीं.
- बैंक के बाहर: दोनों के बीच बातचीत और विवाद हुआ.
- इसके बाद: मानस ने कथित तौर पर दिव्या पर गोली चला दी. उनकी मौके पर मौत हो गई.
- कुछ देर बाद: मानस अपने घर पहुंचा.
- घर पर: उसने अपनी 31 वर्षीय बहन शीबा को गोली मार दी.
- इसके बाद: मानस ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.
- पुलिस के मुताबिक, तीनों मौतें करीब आधे घंटे के भीतर हुईं.
अब तक की तस्वीर क्या कहती है?
अब तक सामने आई जानकारी से इतना स्पष्ट है कि यह कोई अचानक हुआ पारिवारिक झगड़ा भर नहीं था. पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, दोनों अलग रह रहे थे, मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंच चुका था और दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग कानूनी कदम उठाए गए थे. गुरुवार को यह विवाद उस भयावह मोड़ पर पहुंचा, जहां दिव्या की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके बाद मानस ने अपनी बहन और फिर खुद को गोली मार ली. हालांकि, घरेलू हिंसा, पीछा करने, मानसिक स्थिति, हथियार की उपलब्धता और किसी अन्य व्यक्ति की संभावित भूमिका को लेकर सामने आए कई दावे अभी जांच के दायरे में हैं. इसलिए इन आरोपों को अंतिम तथ्य मानने के बजाय जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है.




