पहले सुसाइड फिर अनुज और विभा गायब, क्यों सवालों में प्रेमानंद महाराज का आश्रम, कैसे सामने आएगा सच?
पहले तो रशिक दुलारी की मौत के बाद मथुरा के प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर सवाल उठ रहे हैं. वहीं अब हाथरस के अनुज चौधरी और नोएडा की विभा के लापता होने के मामलों ने भी चिंता बढ़ाई है. इन घटनाओं को लेकर कई सवाल हैं. लेकिन आश्रम की ओर क्या कुछ कहा गया है आए जानते हैं...
वृंदावन के केली कुंज आश्रम से जुड़े कुछ मामले इन दिनों चर्चा में हैं. एक तरफ करीब 25 वर्षीय शिष्य की मौत का मामला है, जिसके बाद पोस्टमार्टम से जुड़े दावों को लेकर सवाल उठे. दूसरी तरफ हाथरस के 18 वर्षीय अनुज चौधरी के परिजन अपने बेटे की तलाश करते हुए वृंदावन पहुंचे और आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए. अब नोएडा की 35 वर्षीय विभा सिंह के परिजन भी उसे तलाशते हुए वृंदावन पहुंचे हैं. परिवार के मुताबिक, विभा 15 अगस्त से लापता हैं और वह पहले भी प्रेमानंद महाराज के आश्रम आती रही थीं.
इन तीनों घटनाओं ने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं. लेकिन क्या इन मामलों के बीच वास्तव में कोई संबंध है? क्या दोनों लापता लोगों के आश्रम में होने की पुष्टि हुई है? मथुरा पुलिस ने अनुज के मामले में क्या कहा? आश्रम की ओर से क्या जवाब दिया गया? और जिस मौत को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं, उसकी वास्तविक स्थिति क्या है? आइए एक-एक सवाल के जरिए समझते हैं पूरी कहानी.
1. प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर अचानक इतने सवाल क्यों उठ रहे हैं?
विवाद की चर्चा एक शिष्य की मौत के बाद तेज हुई. इसके बाद हाथरस के 18 वर्षीय अनुज चौधरी के परिजन उसे तलाशते हुए वृंदावन पहुंचे. इसी बीच नोएडा की 35 वर्षीय विभा सिंह के परिवार के भी वृंदावन पहुंचने की जानकारी सामने आई. एक मौत और दो लोगों की गुमशुदगी की खबरें एक ही जगह से जुड़ती हुई दिखाई देने के कारण सवाल उठने लगे हैं. लेकिन अभी यह कहना सही नहीं होगा कि इन तीनों घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध साबित हो चुका है.
2. जिस शिष्य की मौत हुई, उसके मामले में क्या सामने आया?
केली कुंज आश्रम से जुड़े एक करीब 25 वर्षीय शिष्य की मौत की खबर सामने आई थी. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उसकी मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर सोशल मीडिया और अन्य स्तरों पर कई सवाल उठाए गए. कुछ दावों में शरीर के निजी अंग पर चोट और टांके लगाए जाने की बात कही गई. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का आधिकारिक विवरण सामने आए बिना इन बातों को अंतिम तथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा. सवाल यह है- मौत की वास्तविक वजह क्या थी और जांच में अब तक क्या सामने आया?
3. क्या अनुज चौधरी आश्रम से लापता हुआ था?
यहीं कहानी का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है. हाथरस के अनुज चौधरी के परिजनों का कहना है कि उनका बेटा लापता है और वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा लेने के बाद से नहीं मिला है. परिवार इसी वजह से वृंदावन पहुंचा और आश्रम के बाहर अपनी बात रखी. लेकिन मथुरा पुलिस के 2 अक्टूबर के बयान के मुताबिक, अनुज ने 26 जून 2026 को केली कुंज वृंदावन में दीक्षा ली थी, लेकिन उसके आश्रम के किसी कुंज में रहने की बात सामने नहीं आई है. यानी दीक्षा लेने की बात पुलिस ने बताई है, लेकिन आश्रम में रहने या वहीं से गायब होने की पुष्टि नहीं हुई है.
4. अनुज के परिवार ने पुलिस से कब शिकायत की थी?
पुलिस के मुताबिक, अनुज के परिजनों ने 5 जुलाई को हाथरस के सादाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. परिवार ने बताया था कि उनका बच्चा कोचिंग के लिए गया था और वापस नहीं लौटा. बाद में परिवार वृंदावन पहुंचा और उनका आरोप था कि अनुज आश्रम में हो सकता है और उन्हें आश्रम की तरफ से पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है. पुलिस ने आश्रम के लोगों से बातचीत की और परिजनों को उपलब्ध जानकारी से अवगत कराया.
5. मथुरा पुलिस ने अनुज के मामले में क्या कहा?
मथुरा पुलिस का कहना है कि अनुज के आश्रम में रहने की बात सामने नहीं आई है. पुलिस ने परिवार को भरोसा दिया है कि अनुज की तलाश में पुलिस अपनी भूमिका निभाएगी और उसे बरामद करने का प्रयास किया जाएगा. इसलिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है. अनुज आखिर कहां है और 26 जून को दीक्षा लेने के बाद उसके साथ क्या हुआ? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा.
6. अब नोएडा की विभा सिंह का मामला कैसे सामने आया?
इसी बीच नोएडा की 35 वर्षीय विभा सिंह के लापता होने का मामला सामने आया. परिवार के मुताबिक, विभा 15 अगस्त से लापता हैं. परिजनों को पता था कि विभा प्रेमानंद महाराज को काफी मानती थीं और पहले भी कई बार आश्रम आ चुकी थीं. इसलिए परिवार को आशंका हुई कि शायद वह वृंदावन के आश्रम में हों. इसी तलाश में परिवार मथुरा-वृंदावन पहुंचा.
7. क्या विभा आश्रम में मिलीं?
जानकारी के मुताबिक, परिवार को आश्रम में विभा के बारे में जानकारी नहीं मिली है. यानी यहां भी एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है—परिवार आश्रम तक तलाश में पहुंचा है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि विभा आश्रम में थीं या वहीं से लापता हुईं. अब सवाल है कि विभा आखिरी बार कहां देखी गईं और उनके मोबाइल या अन्य सुरागों से पुलिस को क्या जानकारी मिली?
8. आश्रम की तरफ से क्या कहा गया?
आपके दिए विवरण के मुताबिक, आश्रम की ओर से बताया गया कि परिजनों की अनुमति के बिना किसी को दीक्षा नहीं दी जाती. हालांकि अनुज और विभा के मामलों में आश्रम की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया और रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से सामने आना इस पूरी कहानी को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा. क्या आश्रम के पास आने वाले और दीक्षा लेने वाले लोगों का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है?
9. क्या एक मौत और दो गुमशुदगी के बीच कोई कनेक्शन है?
अभी तक ऐसा कोई पुष्ट तथ्य सामने नहीं है जिससे इन तीनों मामलों को सीधे जोड़ दिया जाए. एक शिष्य की मौत अलग मामला है. अनुज के लापता होने की जांच अलग है और विभा सिंह की तलाश अलग मामला है. लेकिन तीनों मामलों की चर्चा एक ही संदर्भ में होने की वजह से लोगों के मन में सवाल जरूर उठ रहे हैं. क्या ये सिर्फ संयोग हैं या जांच में कोई कड़ी सामने आएगी? इसका जवाब फिलहाल जांच के पास है.
10. प्रेमानंद महाराज की जिम्मेदारी को लेकर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
इतने बड़े धार्मिक आश्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शिष्य आते हैं. ऐसे में किसी व्यक्ति की मौत या गुमशुदगी का मामला सामने आने पर सुरक्षा, रिकॉर्ड और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. लेकिन किसी आश्रम या उसके प्रमुख की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करने के लिए यह देखना जरूरी होगा कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में आश्रम में था या नहीं, आश्रम के पास उसकी मौजूदगी का कोई रिकॉर्ड था या नहीं और घटना के समय वहां की प्रशासनिक व्यवस्था क्या थी. क्या आश्रम की तरफ से इन मामलों पर विस्तृत जवाब आएगा?
11. क्या प्रेमानंद महाराज ने इन मामलों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
आपके दिए विवरण के मुताबिक, इन मामलों पर प्रेमानंद महाराज की ओर से कोई स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या आश्रम प्रशासन या महाराज की ओर से इन मामलों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया जाएगा? खासकर अनुज के परिवार की शिकायत और विभा के परिजनों की तलाश को लेकर आश्रम के पास उपलब्ध रिकॉर्ड सामने आने से कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं.
12. आसाराम बापू को लेकर प्रेमानंद महाराज का पुराना बयान क्यों चर्चा में है?
इन घटनाओं के बीच प्रेमानंद महाराज का एक पुराना वीडियो या बयान भी सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर किया जा रहा है. इसमें उनसे आसाराम बापू को लेकर सवाल किया गया था. आपके दिए विवरण के अनुसार, जवाब में उन्होंने जेल और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उदाहरण देते हुए श्रद्धा से जुड़ी बात कही थी. यह बयान मौजूदा घटनाओं से अलग और पुराना है. इसलिए इसे वर्तमान मामलों के सबूत या कारण के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा. फिर यह पुराना बयान अभी क्यों वायरल हो रहा है? क्योंकि मौजूदा विवाद के बीच सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो को नए संदर्भ में शेयर किया जा रहा है.
13. क्या सोशल मीडिया पर चल रही हर बात को सच माना जा सकता है?
नहीं. इस मामले में कई दावे सोशल मीडिया और मौखिक चर्चाओं के जरिए सामने आ रहे हैं. लेकिन किसी व्यक्ति के लापता होने, आश्रम में रहने, मौत के कारण या किसी आपराधिक भूमिका से जुड़े दावे को पुलिस रिकॉर्ड, एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या आधिकारिक बयान से अलग करके देखना जरूरी है. यही वजह है कि अनुज के मामले में पुलिस का बयान महत्वपूर्ण है. पुलिस ने दीक्षा की बात बताई है, लेकिन आश्रम में रहने की पुष्टि नहीं की है.
14. अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?
अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम में क्या चल रहा है. सवाल यह है- अनुज चौधरी कहां है? विभा सिंह कहां हैं? 25 वर्षीय शिष्य की मौत की वास्तविक वजह क्या थी? क्या इन तीनों मामलों की जांच में कोई साझा कड़ी सामने आएगी? आश्रम के पास इन लोगों से जुड़ा कौन-कौन सा रिकॉर्ड मौजूद है? और सबसे अहम- क्या आश्रम प्रशासन इन सवालों पर सार्वजनिक तौर पर विस्तृत जवाब देगा? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही मिलेंगे. जब तक ठोस सबूत सामने नहीं आते, इन घटनाओं को जोड़कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.




