UP के Ghazipur में भड़की हिंसा, नाबालिग की मौत के बाद बवाल; सपा प्रतिनिधिमंडल पर हमला, पुलिसकर्मी भी घायल- देखिए VIDEO
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में नाबालिग निशा विश्वकर्मा की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए और हिंसा भड़क उठी. इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल पर हमला किया गया, जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में उस वक्त हालात बेकाबू हो गए, जब समाजवादी पार्टी (सपा) का एक प्रतिनिधिमंडल एक किशोरी की मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहा था. पुलिस की मौजूदगी में ही अचानक माहौल हिंसक हो गया और प्रतिनिधिमंडल पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया गया. इस घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बताया जा रहा है कि यह 15 सदस्यीय सपा डेलीगेशन मृतका निशा विश्वकर्मा के परिवार से मिलने जा रहा था. लेकिन उससे पहले ही रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने पुलिस घेरा तोड़कर हमला बोल दिया. इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें सपा के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा भी शामिल हैं, जिनका सिर फूट गया है.
गाजीपुर में सपा प्रतिनिधिमंडल पर हमला कैसे हुआ?
गाजीपुर में सपा प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से पहले ही माहौल तनावपूर्ण हो चुका था. जैसे ही डेलीगेशन मौके के करीब पहुंचा, कुछ हमलावर अचानक पुलिस सुरक्षा घेरे में घुस आए और पथराव शुरू कर दिया. देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और लाठी-डंडे चलने लगे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया, जिससे यह घटना एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करती है.
गाजीपुर में कैसी भड़की हिंसा?
कौन-कौन हुआ घायल और क्या है स्थिति?
- इस हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
- सपा के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा का सिर फूट गया
- कई अन्य कार्यकर्ता घायल बताए जा रहे हैं
- इलाके के थानेदार को भी गंभीर चोटें आई हैं
- घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
क्यों पहुंचा था सपा का प्रतिनिधिमंडल?
कुछ दिन पहले गाजीपुर के एक गांव में निशा विश्वकर्मा का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. इसी मामले में न्याय दिलाने की मांग को लेकर सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा था. गाजीपुर में पुलिस की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी के उस प्रतिनिधिमंडल पर पत्थरबाज़ी की गई, जो विश्वकर्मा समाज की बेटी को न्याय दिलाने जा रहा था.' लेकिन परिवार से मुलाकात से पहले ही यह हिंसक घटना हो गई, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.




