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दिल्ली जाने से पहले जान लें नया नियम, चिल्ला बॉर्डर से लौटाए जा रहे BS-6 से नीचे के वाहन; भड़के नोएडा के लोग, जानें क्या कहा

दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 1 नवंबर से BS-6 से नीचे के दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लागू हो गया है. नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर ट्रैफिक पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी है. BS-4 समेत प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों को वापस लौटाया जा रहा है.

Delhi Restricts Entry of Non-BS6 Vehicles from Other States, Checking Begins at Chilla Border
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मोहम्मद रज़ा
मोहम्मद रज़ा3 Mins Read

Updated on: 1 Nov 2026 2:35 PM IST

1 नवंबर से BS-6 मानक से नीचे के वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लागू हो गया है. इसका असर नोएडा के वाहन चालकों पर भी दिखने लगा है. दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों की जांच के लिए अभियान शुरू कर दिया है. पुलिसकर्मी आने वाले वाहनों के दस्तावेज और उनकी BS श्रेणी की जांच कर रहे हैं. BS-6 से नीचे श्रेणी के वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है और उन्हें बॉर्डर से ही वापस भेजा जा रहा है.

प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू इस प्रतिबंध के तहत नोएडा में पंजीकृत BS-4 श्रेणी तक के करीब 1.51 लाख वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाई गई है. वहीं, दिल्ली में पंजीकृत इसी श्रेणी के वाहनों को राजधानी की सड़कों पर चलने की छूट दी गई है. दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों में केवल BS-6 मानक वाले या CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति है.

क्या बोले नोएडा के लोग?

  • इस व्यवस्था को नोएडा के लोगों ने दोहरी नीति बताया है. उनका कहना है कि नोएडा में पंजीकृत करीब 1.40 लाख वाहनों की निर्धारित आयु सीमा अभी बाकी है और उनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) भी है. इसके बावजूद उन्हें दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जबकि दिल्ली नंबर के BS-4 वाहन राजधानी में चल सकेंगे.
  • दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित होने से नोएडा के उन वाहन चालकों की परेशानी बढ़ेगी, जिन्हें देहरादून, चंडीगढ़, अंबाला, रोहतक और पानीपत जैसे शहरों की ओर जाना होता है.
  • इन शहरों तक पहुंचने के लिए दिल्ली होकर गुजरने वाले रास्तों का इस्तेमाल करने वाले चालकों को अब ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जाना पड़ सकता है. इससे उन्हें करीब 45 से 50 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी.
  • नोएडा के लोगों का तर्क है कि वैकल्पिक रास्तों से अधिक दूरी तय करने पर वाहनों में ईंधन की खपत और धुआं उत्सर्जन बढ़ेगा. ऐसे में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से लागू की गई इस व्यवस्था का असर उल्टा भी हो सकता है.

वहीं, चिल्ला, डीएनडी और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर वाहनों की जांच के चलते ट्रैफिक दबाव बढ़ने की आशंका है. खासकर सोमवार से कामकाजी दिनों में वाहनों की संख्या बढ़ने पर बॉर्डर पर जाम की स्थिति बन सकती है. रविवार को छुट्टी होने के कारण पहले दिन ट्रैफिक का दबाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है.

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