ग्रेटर नोएडा के PNB से कैसे उड़ाए गए खाताधारकों के 10.24 करोड़ रुपये, CBI ने किन-किन लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR?
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में ग्राहकों के खातों से करीब 10.24 करोड़ रुपये गायब होने का मामला बढ़ता जा रहा है. इस मामले में CBI ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में अब सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया है. बैंक की शिकायत के मुताबिक, ग्राहकों के खातों से करीब 10.24 करोड़ रुपये की रकम बिना उनकी जानकारी और अनुमति के निकाली गई. इस पूरे मामले में बैंक की एक महिला कर्मचारी दीपांशी पर दूसरे बैंक अधिकारियों की यूजर आईडी का इस्तेमाल कर संदिग्ध लेनदेन करने का आरोप है. सीबीआई ने बैंक कर्मचारी समेत कई लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बैंक की शिकायत के अनुसार, मामले का खुलासा तब हुआ जब संगीता नाम की एक खाताधारक अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचीं. इस दौरान उन्हें पता चला कि 16 सितंबर 2026 को उनके खाते से तीन ऐसे ट्रांजेक्शन हुए हैं, जिनकी उन्होंने कोई अनुमति नहीं दी थी. उन्होंने बैंक अधिकारियों से इसकी शिकायत की. उस समय शाखा प्रबंधक मौजूद नहीं थे, जिसके बाद बैंक कर्मचारी दीपांशी ने उनसे बात की और लेनदेन को सही बताया.
शाखा प्रबंधक ने किससे की पूछताछ?
बाद में जब शाखा प्रबंधक ने इस मामले में दीपांशी से पूछताछ की तो उसने बताया कि संगीता ने प्रॉपर्टी में निवेश के लिए अपने पति की सहमति से आशुतोष पाठक के खाते में रकम ट्रांसफर की थी. हालांकि, बैंक की जांच में इन लेनदेन से जुड़े जरूरी वाउचर नहीं मिले. इसके बाद मामले में गड़बड़ी का शक गहरा गया. बैंक की शिकायत में कहा गया है कि वाउचर गायब मिलने के बाद दीपांशी से दोबारा पूछताछ की गई. इस दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि आशुतोष पाठक के कहने पर ग्राहकों के खातों से बिना उनकी जानकारी के रकम ट्रांसफर की गई थी. आरोप है कि इसके लिए बैंक के अलग-अलग अधिकारियों की CBS यूजर आईडी का इस्तेमाल किया गया. बैंक के मुताबिक, दीपांशी ने यह भी बताया कि अवैध लेनदेन से जुड़े वाउचर उसने नष्ट कर दिए थे, क्योंकि उनके लिए ग्राहकों की अनुमति और अधिकारियों की मंजूरी से जुड़े दस्तावेज मौजूद नहीं थे.
बैंक की जांच में क्या आया सामने?
बैंक की शुरुआती जांच में सामने आया कि ग्राहकों के बचत खातों के अलावा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में भी गड़बड़ी की गई. आरोप है कि कई एफडी में आशुतोष पाठक और अन्य लोगों को ज्वाइंट होल्डर बना दिया गया. इसके बाद एफडी से रकम वापस आने वाले खाते की जानकारी बदलकर उन्हें समय से पहले बंद कर दिया गया. एफडी से मिली रकम आरोपियों से जुड़े खातों में ट्रांसफर कर दी गई. इसके अलावा कुछ ग्राहकों के खातों में मोबाइल ट्रांजेक्शन अलर्ट भी बंद या बदल दिए गए थे, ताकि खाते से रकम निकलने की जानकारी उन्हें तुरंत न मिल सके. बैंक का दावा है कि इस तरीके से करीब तीन साल तक अलग-अलग ग्राहकों के खातों में अनधिकृत लेनदेन किए गए.
बैंक की शिकायत में आशुतोष पाठक के अलावा प्रदीप कुमार, मेम्बंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी के नाम भी शामिल हैं. आरोप है कि ग्राहकों के खातों से निकाली गई रकम पहले इन लोगों के खातों में भेजी गई और फिर अलग-अलग माध्यमों से आशुतोष पाठक के खाते तक पहुंचाई गई. कुछ रकम नकद निकालने की बात भी शिकायत में कही गई है.
बैंक ने क्या बताया?
बैंक ने अब तक करीब 10.24 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की पहचान की है. हालांकि, सभी ग्राहकों के खातों का मिलान और रकम की जांच अभी जारी है. बैंक का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद हेराफेरी की कुल रकम और प्रभावित खातों की संख्या बढ़ सकती है. बैंक ने अपनी शिकायत में बताया है कि दीपांशी ऑफिस असिस्टेंट के पद पर कार्यरत थी. बैंक के नियमों के अनुसार उसे इस तरह के लेनदेन स्वतंत्र रूप से करने का अधिकार नहीं था. इसके बावजूद उस पर दूसरे अधिकारियों की यूजर आईडी का इस्तेमाल कर ग्राहकों के खातों में लेनदेन करने का आरोप है. बैंक ने संबंधित अधिकारियों की यूजर आईडी के इस्तेमाल और उनकी संभावित भूमिका की भी जांच की मांग की है.
PNB की ओर से मुख्य प्रबंधक अजय कुमार पांडेय ने सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB), गाजियाबाद में शिकायत दी थी. इसके बाद सीबीआई ने मामला दर्ज किया है. मामले की जांच सीबीआई के डीएसपी डॉ. जाहिर अख्तर को सौंपी गई है. बैंक ने जांच एजेंसी को भरोसा दिया है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, बैंकिंग सिस्टम के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराए जाएंगे. फिलहाल सीबीआई पूरे मामले में रकम के लेनदेन, बैंक कर्मचारियों की भूमिका और अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जांच करेगी.




