कौन हैं BJP नेता चौधरी देवराज सिंह, जिनकी ऑडी ने कुचला शख्स, क्या भतीजा चला रहा था कार? अलीगढ़ से आया भयावह वीडियो
अलीगढ़ में हॉर्न और रास्ता देने के विवाद के बाद ऑडी की टक्कर से मनोज की मौत हो गई. कार बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह के नाम पर है. आरोप लग रहे हैं कि ये टक्कर जानकर मारी गई.
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हॉर्न बजाने और सड़क पर रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया. आरोप है कि ऑडी कार सवारों ने पहले बाइक को पीछे से टक्कर मारी और फिर सड़क पर गिरे युवक को कार से कुचल दिया. इस घटना में मनोज नाम के व्यक्ति की मौत हो गई. मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बहस के बाद जानबूझकर उसे कार से कुचला गया. घटना के एक घायल चश्मदीद ने भी टक्कर को जानबूझकर किया गया बताया है.
यह घटना 20 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे अलीगढ़ के बन्नादेवी थाना क्षेत्र में हुई. पुलिस ने मामले से जुड़े CCTV फुटेज हासिल किए हैं और ऑडी कार को जब्त कर तकनीकी जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है. पुलिस ने चालक की पहचान कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई हैं.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
मनोज के परिजनों के मुताबिक, ऑडी कार में सवार लोगों और बाइक सवारों के बीच हॉर्न बजाने और रास्ता देने को लेकर कहासुनी हुई थी. आरोप है कि इसके बाद ऑडी सवारों ने मनोज की बाइक को पीछे से टक्कर मार दी. मनोज सड़क पर गिर गया, जिसके बाद कार उसके ऊपर से गुजर गई. इस घटना में उसकी मौत हो गई. मनोज का दोस्त कान्हा भी उसी गांव में रहता था और घटना के समय उसके साथ था.
जानकारी के मुताबिक, मनोज ओद्रा मोड़ पर कुछ सामान खरीदने के लिए रुका था. कान्हा सामान देने के लिए दुकान पर गया हुआ था. इसी दौरान पीछे से आ रही ऑडी कार में सवार लोगों ने हॉर्न बजाकर बाइक हटाने को कहा. मनोज ने बाइक रास्ते से हटा दी. इसके बावजूद कार में सवार लोगों ने उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की और गाली-गलौज की. मनोज ने उनसे कहा, "मैंने बाइक हटा दी है, फिर गाली क्यों दे रहे हो?" आरोप है कि इसके बाद कार सवारों ने उसे धमकी देते हुए कहा कि आगे देखना क्या होता है. इसके बाद मनोज अपने दोस्त कान्हा के साथ वहां से चला गया. परिजनों का आरोप है कि इसी विवाद के बाद ऑडी कार ने उसकी बाइक को पीछे से टक्कर मारी और फिर उसे कुचल दिया.
पुलिस ने क्या कहा?
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की. गुरुवार सुबह हरिपाल गेस्ट हाउस के CCTV फुटेज के जरिए सफेद रंग की ऑडी कार की पहचान की गई. जांच में पता चला कि कार पर उत्तराखंड का रजिस्ट्रेशन नंबर था. पुलिस के मुताबिक, यह कार अलीगढ़ के रघुवीरपुरी में रहने वाले चौधरी देवराज सिंह के नाम पर पंजीकृत है.
कौन हैं देवराज सिंह?
देवराज सिंह बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुके हैं. पुलिस ने कार को जब्त कर थाने पहुंचा दिया है. तकनीकी जांच के लिए भी कार को अपने कब्जे में लिया गया है. पुलिस की एक फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से सबूत भी जुटाए हैं. मामले की जांच जारी है. चौधरी देवराज सिंह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं. उनके फेसबुक अकाउंट पर करीब 11 हजार फॉलोअर्स बताए गए हैं.
ड्राइवर ने पहले हादसे की जिम्मेदारी ली, फिर बयान बदलने का दावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार सुबह पूछताछ के दौरान ड्राइवर ने शुरुआत में हादसे में शामिल होने की बात स्वीकार की थी. लेकिन बाद में उसने दावा किया कि देवराज सिंह के परिवार से मदद मिलने और नौकरी से जुड़े दबाव के कारण उसने हादसे की जिम्मेदारी ली थी. उसने कहा कि घटना के समय वह कार नहीं चला रहा था.
क्या बीजेपी नेता के भतीजे के हाथ में थी कार?
इस बीच, ऐसी चर्चाएं भी सामने आई हैं कि घटना के समय कार बीजेपी नेता के भतीजे विक्रांत सिंह के हाथ में थी. हालांकि, इस दावे की पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं की गई है. यह भी सामने आया है कि घटना के समय देवराज सिंह के परिवार का एक सदस्य कार में मौजूद था. लेकिन पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के समय ऑडी कौन चला रहा था और कार में कौन-कौन मौजूद था.
पुलिस ने क्या लिया एक्शन?
मनोज के चाचा छोटेलाल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार में सवार अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है. एसएसपी नीरज जादौन ने कहा कि CCTV फुटेज देखने से यह घटना सामान्य सड़क हादसा नहीं लगती. उन्होंने बताया कि इस आशंका को देखते हुए कि पहली टक्कर के बाद भी कार से मनोज को कुचला गया, हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब CCTV फुटेज, कार की तकनीकी जांच और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें भी बनाई हैं.
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. कुछ चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि परिवार के किसी सदस्य को बचाने के लिए ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. इन चर्चाओं में विक्रांत सिंह का नाम भी लिया जा रहा है. हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि घटना के समय कार कौन चला रहा था. ड्राइवर के बयान में बदलाव और कार में परिवार के सदस्य की मौजूदगी से जुड़े दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
कौन थे मनोज, जिनकी इस घटना में मौत हो गई?
मनोज की उम्र करीब 40 साल थी. वह अलीगढ़ के गभाना क्षेत्र के मेहरावल नगरिया गांव के रहने वाले थे. गांव के बाहर उनकी मिठाई की दुकान थी. परिवार के मुताबिक, मंगलवार रात दशहरे के दिन मनोज दुकान बंद करने के बाद कुछ सामान पहुंचाने के लिए बाइक से शहर जा रहे थे. इसी दौरान यह घटना हुई. मनोज के परिवार में उनकी पत्नी पुष्पा देवी, बेटा नकुल और दो बेटियां दीक्षा व निधि हैं. वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. उनके पिता गुड्डू सिंह ने बताया कि मनोज दुकान बंद करने के बाद सामान पहुंचाने के लिए निकले थे. इसी दौरान रास्ते में यह विवाद हुआ, जो उनकी मौत का कारण बन गया.




