Begin typing your search...

'ये बाबा के लोग पूरे राज्य में गुंडई कर रहे हैं', क्या सच में रायबरेली में मरने वाले दलित ने जान बचाने के लिए राहुल गांधी का नाम लिया?

रायबरेली से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक दलित युवक को चोरी के शक में भीड़ ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

ये बाबा के लोग पूरे राज्य में गुंडई कर रहे हैं, क्या सच में रायबरेली में मरने वाले दलित ने जान बचाने के लिए राहुल गांधी का नाम लिया?
X
( Image Source:  Social Media )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Updated on: 6 Oct 2025 12:50 PM IST

उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक दलित युवक को चोरी के शक में भीड़ ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल क्लिप में यह दावा किया जा रहा है कि जब युवक ने अपनी जान बचाने के लिए राहुल गांधी का नाम लिया, तो हमलावरों ने कहा कि,'यहां सब बाबा वाले हैं. यह बयान अब सियासी भूचाल बन चुका है'.

मामले के तूल पकड़ते ही कांग्रेस ने योगी सरकार पर खुला हमला बोला है. पार्टी ने इसे दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की भयावह मिसाल बताया है और कहा है कि 'उत्तर प्रदेश में अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है,' राहुल गांधी ने भी मृतक के परिवार से फोन पर बात कर संवेदना जताई और न्याय की लड़ाई में साथ देने का वादा किया है.

कैसे हुई घटना?

यह दर्दनाक घटना रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के तुराबअली गांव की है. 38 वर्षीय हरिओम वाल्मीकि नाम का युवक 2 अक्टूबर की रात अपनी ससुराल जा रहा था. रास्ते में डाडेपुर सड़क पर कुछ ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और चोर समझकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. पिटाई इतनी बर्बर थी कि हरिओम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

पुलिस एक्शन में, 5 आरोपी गिरफ्तार

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई. मृतक के पिता गंगादीन की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और अब तक वैभव सिंह, विपिन कुमार, विजय मौर्य, सुरेश कुमार और सहदेव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारी गिरजा शंकर त्रिपाठी के मुताबिक, “घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा.'

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय आज हरिओम बाल्मीकि के घर पहुँचे. परिवार से मुलाक़ात कर के राहुल गांधी जी का संदेश दिया और न्याय दिलाने का वादा किया. दलित समाज के हरिओम वाल्मीकि को रायबरेली में अराजक गुंडों ने पीट पीट कर मार डाला था. इन दरिंदे ने अपने को बाबा वाला बताया था.

उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस भीषण अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करती रहेगी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्षरत रहेगी. कांग्रेस पार्टी की मांग है कि दोषियों को ऐसी कठोर सजा दी जाए, जो भविष्य के लिए नज़ीर बने. पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए. योगी सरकार दलित समाज पर हो रहे अन्याय और अत्याचार पर अंकुश लगाए तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए. वहीं कांग्रेस नेता अजय राय ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि ये बाबा वाले पूरे राज्य में खुलेआम गुंडई कर रहे हैं.

पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

वीडियो सामने आने के बाद रायबरेली एसपी ने कार्रवाई करते हुए ऊंचाहार कोतवाल, हल्का इंचार्ज और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है. विभागीय जांच जारी है ताकि लापरवाही के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा सके. कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने अपने X (Twitter) हैंडल पर पोस्ट किया.

“रायबरेली में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या करने की खबर बेहद दुखद है. वीडियो में दलित युवक आखिरी उम्मीद के तौर पर जब नेता विपक्ष राहुल गांधी का नाम लेता है, तो हत्यारे कहते हैं. हम ‘बाबा वाले’ हैं. ये घटना बताती है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों को खुली छूट दे रखी है. पार्टी ने आगे लिखा 'दलितों के खिलाफ अपराध के मामलों में यूपी नंबर 1 है और सरकार आंख मूंदकर बैठी है.'

मृतक का परिवार के बारे में

हरिओम वाल्मीकि मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है. वह शादीशुदा था और उसकी पत्नी पिंकी देवी अधिकतर मायके में रहती थीं. घटना के दिन हरिओम अपनी ससुराल जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया. परिवार में पिता गंगादीन, मां, दो बहनें, एक भाई और 12 साल की बेटी है. परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर गुस्सा और आक्रोश चरम पर है. कई लोग इसे 'मॉब लिंचिंग का सबसे शर्मनाक चेहरा' बता रहे हैं. वहीं कांग्रेस के साथ विपक्षी दलों ने इसे दलितों की सुरक्षा पर सवाल उठाने वाला मामला करार दिया है.

UP NEWS
अगला लेख