गंगानगर गैंगरेप हादसे का शिकार हुई लड़की कहा? राजस्थान पुलिस ने बताई वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई, अब तक 19 लोग गिरफ्तार
श्रीगंगानगर गैंगरेप केस में 19 आरोपी गिरफ्तार, 3 होटल ध्वस्त, फेक वीडियो पर पुलिस का खुलासा, NCW ने राजस्थान पुलिस को फटकार लगाते हुए 15 दिन में रिपोर्ट मांगी.
राजस्थान के श्री गंगानगर में 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ 32 अन्य लोगों ने पांच दिनों तक कई बार रेप किया. इस मामले में पुलिस ने अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस अपराध से जुड़े तीन होटलों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया है.जांच में सामने आया है कि ऑटोचालक रामबाबू ने मौके का फायदा उठाते हुए बच्ची को होटल तक पहुंचा कर सौदा किया था जिसके बाद एक के बाद एक होटल तक पहुंची और हैवानों के हाथ लग गई.
इसी के साथ अब सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. हालांकि पुलिस ने सभी दावों को खारिज करते हुए फेक बताया है. इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने पूरे मामले में पुलिस और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
गंगानगर हादसे में शिकार हुई लड़की की हालात कैसी?
मामले के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट वायरल होने लगे, जिनमें दावा किया गया कि पीड़िता की मौत हो चुकी है या होटलों पर कार्रवाई के कुछ पुराने वीडियो इसी मामले से जुड़े हैं. राजस्थान पुलिस ने इन सभी दावों को भ्रामक बताया है. अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता जीवित है, सुरक्षित है और फिलहाल अपने परिवार के साथ है. उसकी मेडिकल देखरेख और मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग लगातार जारी है.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने राजस्थान पुलिस की लगाई फटकार
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने राजस्थान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की. आयोग ने पूछा कि आखिर इतने दिनों तक नाबालिग के साथ अपराध होता रहा और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी. आयोग ने इसे कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र की बड़ी विफलता बताया.
15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट देने का निर्देश
महिला आयोग ने श्रीगंगानगर के जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि जिले में संचालित सभी अवैध और बिना पंजीकरण वाले होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठिकानों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही पुलिस अधीक्षक को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि गश्त और निगरानी व्यवस्था की कमियों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए. आयोग ने 15 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी मांगी है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटेंगे आपत्तिजनक वीडियो
आयोग ने इस मामले से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री सोशल मीडिया से तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही चेतावनी दी गई है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने या उसकी तस्वीरें और वीडियो साझा करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पीड़िता की सुरक्षा और पुनर्वास पर रहेगा फोकस
महिला आयोग ने बाल कल्याण समिति (CWC) को निर्देश दिया है कि वह पीड़िता के घर का नियमित निरीक्षण करे और यह सुनिश्चित करे कि उसकी सुरक्षा, शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से लागू हों.
जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा
पुलिस अब केवल दुष्कर्म की वारदात तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव तस्करी, होटल संचालकों की भूमिका, अवैध गतिविधियों के नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आने वाले हर तथ्य की गहन पड़ताल की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
अब तक क्या-क्या हुआ?
- अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
- तीन होटलों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है.
- पीड़िता सुरक्षित है और परिवार के साथ है.
- सोशल मीडिया पर वायरल कई दावों को पुलिस ने फर्जी बताया है.
- राष्ट्रीय महिला आयोग ने 15 दिन में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
- अवैध होटलों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
इस मामले ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, मानव तस्करी, होटलों की निगरानी और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब नजर इस बात पर है कि जांच में आगे और कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ कितनी तेजी से कानूनी कार्रवाई पूरी होती है.




