IAS नहीं हैं राजस्थान की मोनिका यादव, इस पद पर हैं तैनात, वायरल दावों के बीच सामने आई पूरी कहानी
राजस्थान की पारंपरिक पोशाक में नवजात बच्चे को गोद में लिए एक महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है. दावा है कि यह IAS अधिकारी मोनिका यादव हैं, जिन्होंने 22 साल की उम्र में UPSC पास किया था. हालांकि, NDTV की पड़ताल में वायरल दावे की तस्वीर सामने आई है और मोनिका की पहचान से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई.
सोशल मीडिया पर इन दिनों राजस्थान की ट्रेडिश्नल पोशाक पहने एक महिला की तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. तस्वीर में महिला की गोद में एक नवजात बच्चा नजर आ रहा है. सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि तस्वीर आईएएस अधिकारी मोनिका यादव की है, जिन्होंने महज 22 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास कर ली थी.
तस्वीर और इसके साथ किया जा रहा दावा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि, जब इस दावे की पड़ताल की गई तो तस्वीर से जुड़ी कहानी कुछ अलग सामने आई.
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मोनिका यादव ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा जरूर पास की है, लेकिन वह IAS अधिकारी नहीं हैं. वह भारतीय रेल यातायात सेवा यानी IRTS की 2018 बैच की अधिकारी हैं. मोनिका के पिता हरफूल सिंह यादव ने भी इस बात की पुष्टि की है.
IAS नहीं, IRTS अधिकारी हैं मोनिका यादव
मोनिका यादव की पहचान एक सफल सिविल सर्विस अधिकारी के तौर पर जरूर है, लेकिन उन्हें IAS बताना सही नहीं है. उन्होंने साल 2017 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की थी. इस परीक्षा में उन्हें ऑल इंडिया 403वीं रैंक मिली थी, इसके बाद उन्हें IRTS कैडर आवंटित किया गया.
IRTS यानी इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस रेलवे की एक अहम सेवा है. इसके अधिकारी रेलवे में यात्री और माल परिवहन से जुड़े व्यावसायिक और परिचालन कामकाज को संभालते हैं. मोनिका फिलहाल राजस्थान के अजमेर में डिविजनल कमर्शियल मैनेजर के पद पर तैनात हैं. यानी उनकी उपलब्धि जरूर बड़ी है, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें IAS अधिकारी बताने वाला दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है.
UPSC से पहले भी हासिल कर चुकी थीं बड़ी सफलता
मोनिका यादव की सफलता की कहानी केवल UPSC तक सीमित नहीं है. सिविल सेवा परीक्षा पास करने से पहले ही उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर ली थीं.
मोनिका ने अपने पहले ही प्रयास में चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी CA की परीक्षा पास की थी. इसके बाद उन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी RPSC की परीक्षा भी दी. इसमें उन्हें 93वीं रैंक मिली और उनका चयन DSP के पद के लिए हुआ.
हालांकि, उन्होंने DSP के पद पर ज्वाइन नहीं किया. इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और 2017 में इसे पास कर IRTS में जगह बनाई.
ट्रनिंग के दौरान भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा. लखनऊ स्थित भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें एकैडमिक परफॉरमेंस के लिए बेस्ट परफॉर्मर का पुरस्कार मिला था.
छह साल पुरानी है वायरल तस्वीर
वायरल तस्वीर को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आई है. सोशल मीडिया पर इसे मौजूदा समय की तस्वीर बताकर शेयर किया जा रहा है, जबकि यह तस्वीर करीब छह साल पुरानी है.
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, यह फोटो साल 2020 की है. उस समय मोनिका यादव पहली बार मां बनी थीं. तस्वीर में वह अपनी नवजात बेटी को गोद में लिए नजर आ रही हैं. उस समय भी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी और अब साल 2026 में इसे दोबारा अलग दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.
फिलहाल मोनिका यादव मैटरनिटी लीव पर हैं. उनके परिवार में फिर से जल्द ही एक और बच्चे का स्वागत होने वाला है. इस वजह से भी उनकी पुरानी तस्वीर एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई है.
पिता और पति भी प्रशासनिक सेवा से जुड़े
मोनिका यादव का परिवार भी प्रशासनिक सेवा से जुड़ा हुआ है. उनके पिता हरफूल सिंह यादव राजस्थान में प्रशासनिक अधिकारी रह चुके हैं. वह राजस्थान सिविल सेवा के अधिकारी थे और बाद में प्रमोशन के जरिए IAS बने. फिलहाल वह बूंदी के जिला कलेक्टर के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं.
मोनिका के पति सुशील यादव भी IAS अधिकारी हैं. वह 2017 बैच के अधिकारी हैं और मूल रूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ से हैं. वर्तमान में वह राजस्थान के बालोतरा जिले के कलेक्टर हैं.
सीकर जिले की निवासी
मोनिका यादव राजस्थान के सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र के लिसाड़िया गांव की रहने वाली हैं. उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने CA, RPSC और UPSC जैसी अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की.
हालांकि, वायरल तस्वीर के साथ उनकी उम्र और IAS पद को लेकर किए जा रहे दावे सही नहीं हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने 2017 में UPSC परीक्षा पास की थी और उन्हें IRTS कैडर मिला था.




