क्या था कोटा बकरा विवाद? 7 साल बाद कोर्ट ने सुनाई सजा, परिवार के 12 लोगों को उम्रकैद
कोटा में बकरे को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या के मामले में अदालत ने 12 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह फैसला बताता है कि मामूली झगड़े में भी हिंसा करने पर कानून सख्त कार्रवाई करता है.
राजस्थान कोटा की एक अदालत ने हत्या के मामले में एक ऐसा फैसला सुनाया है, जो पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गया है. इस मामले में कोर्ट ने एक ही परिवार के 12 सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुना दी है. यह सजा बकरे के छोटे से विवाद को लेकर हुई एक युवक की हत्या के मामले में दी गई है. दोषियों में 10 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं. इनमें मुख्य आरोपी पति-पत्नी के अलावा उनके दो बेटे भी शामिल हैं. कोर्ट ने सजा के साथ-साथ हर दोषी पर 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
पूरा मामला क्या था?
यह घटना कोटा शहर के इंडस्ट्रियल एरिया के बॉम्बे योजना इलाके में हुई थी. 31 अगस्त 2018 को एक छोटे से बकरे के विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि एक युवक की जान चली गई. मृतक युवक का नाम इश्तियाक हुसैन था. वह एक रिटायर्ड एएसआई का बेटा था. घटना की शुरुआत तब हुई जब मृतक के मामा अब्दुल अजीद उर्फ पप्पू का उनके पड़ोसी रमजानी से बकरे को लेकर झगड़ा हो गया. बात बढ़ती देख कुछ लोग समझौता कराने के लिए रमजानी के घर गए. लेकिन वहां पहुंचते ही रमजानी और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने उन पर अचानक हमला कर दिया. हमलावरों ने चाकू, लकड़ी, तलवार और दूसरे धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया. इस हमले में इश्तियाक हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इस मामले में मृतक के भाई जाहिद हुसैन ने इंडस्ट्रियल एरिया के थाने में मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस ने जांच के बाद रमजानी और उसके पूरे परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की.
कोर्ट का फैसला
कोटा की महिला उत्पीड़न अदालत ने इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद 12 दोषियों को दोषी करार दिया और सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई. इन 12 दोषियों के नाम इस प्रकार हैं:
रमजानी (मुख्य आरोपी)
फरजाना (रमजानी की पत्नी)
मुश्ताक (बेटा)
मुख्तार (बेटा)
सद्दाम खान
शाहरुख
मुबारक अली
जाहिर खान
नईमुद्दीन
शाहदत
शाहीन खानम (महिला)
और एक अन्य सदस्य
कोर्ट ने साफ कहा कि यह हत्या प्री-प्लान थी और सभी आरोपी एक साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम देने में शामिल थे.
खास बात
यह कोटा जिले में एक साथ 12 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने का पहला मामला है. इससे पहले इसी साल पुलिसकर्मी की हत्या के एक मामले में 10 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. यह फैसला दिखाता है कि छोटे-छोटे विवादों को लेकर भी अगर कोई हिंसा करता है और किसी की जान ले लेता है, तो कानून बहुत सख्ती से काम करता है. एक पूरे परिवार को एक साथ सजा मिलना इस बात का सबूत है कि अपराध करने वाले चाहे कितने भी करीब हों, कानून किसी को नहीं बख्शता.




