5 मिनट के CCTV फुटेज में क्या दिखा? आत्महत्या से पहले अमायरा 10 बार टीचर के पास गई, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 9 वर्षीय अमायरा की मौत से पहले का नया CCTV वीडियो सामने आया है. परिवार का दावा है कि बच्ची मदद मांग रही थी, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई, जबकि पुलिस और स्कूल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में पिछले साल 1 नवंबर को हुई 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह बना है वह नया CCTV फुटेज, जिसे अमायरा के माता-पिता ने सार्वजनिक किया है. परिवार का दावा है कि यह वीडियो उनकी बेटी के आखिरी कुछ मिनटों की कहानी बताता है और यह दिखाता है कि वह लगातार मानसिक दबाव में थी, मदद मांग रही थी, लेकिन उसकी बात गंभीरता से नहीं सुनी गई.
अमायरा चौथी कक्षा की छात्रा थी. 1 नवंबर को वह स्कूल की चौथी मंजिल से नीचे गिर गई थी. गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उस समय से ही परिवार का आरोप रहा है कि उनकी बेटी लंबे समय से कथित बुलिंग (Bullying) का शिकार थी और स्कूल प्रशासन ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया.
नए CCTV फुटेज में क्या दिख रहा है?
परिवार की ओर से जारी किए गए वीडियो में घटना से पहले की कई गतिविधियां दिखाई देती हैं. वीडियो के साथ एक वॉयसओवर भी जोड़ा गया है, जिसमें माता-पिता अपनी तरफ से घटनाओं का क्रम बताते हैं. फुटेज में अमायरा सामान्य तरीके से कक्षा में प्रवेश करती हुई दिखाई देती है. वह अपनी एक सहेली से मिलती है और अन्य बच्चों के साथ डांस गतिविधि में भी हिस्सा लेती है. शुरुआत में सब कुछ सामान्य नजर आता है.
इसके बाद कुछ बच्चे एक डिजिटल स्लेट लेकर कक्षा में आते दिखाई देते हैं. परिवार का आरोप है कि इसी स्लेट पर कुछ ऐसा दिखाया गया, जिससे अमायरा असहज हो गई. उनके अनुसार, कुछ छात्र बार-बार वह स्लेट अमायरा को दिखा रहे थे, जिसके बाद उसके चेहरे के भाव बदलने लगे और वह परेशान दिखाई देने लगी.
क्या अमायरा मदद मांग रही थी?
वीडियो में अमायरा कई बार अपनी क्लास टीचर पूनिता शर्मा के पास जाती हुई दिखाई देती है. परिवार का कहना है कि वह शिक्षक को पूरी बात समझाने की कोशिश कर रही थी. परिजनों के मुताबिक, हर बार जब वह अपनी बात रखना चाहती थी, उसी दौरान दूसरे बच्चे भी शिक्षक के पास पहुंच जाते थे और उसके बारे में कुछ कहते दिखाई देते हैं.
उनका आरोप है कि अमायरा को अलग से सुनने या उसकी परेशानी समझने की कोशिश नहीं की गई. वीडियो में कुछ ऐसे पल भी दिखाई देते हैं, जिनमें अमायरा हाथ जोड़ती हुई, अपने मुंह और सिर को पकड़ती हुई नजर आती है. परिवार का कहना है कि उसकी बॉडी लैंग्वेज साफ बता रही थी कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थी.
कक्षा से बाहर निकली और फिर...
परिवार का दावा है कि वीडियो में अमायरा एक समय के बाद अचानक कक्षा से बाहर भागती हुई दिखाई देती है. उनका आरोप है कि न तो कोई शिक्षक उसके पीछे गया और न ही किसी कर्मचारी ने उसे रोकने की कोशिश की. परिवार के मुताबिक, वह स्कूल की चौथी मंजिल तक अकेले पहुंच गई, जहां से उसने छलांग लगा दी. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे.
माता-पिता ने लगाए गंभीर आरोप
अमायरा की मां शिवानी का कहना है कि उनकी बेटी लगातार मदद मांग रही थी, लेकिन उसकी आवाज किसी ने नहीं सुनी. उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती गई. उनका सवाल है कि आखिर एक 9 साल की बच्ची स्कूल परिसर में बिना किसी रोक-टोक के चौथी मंजिल तक कैसे पहुंच गई.
शिवानी ने यह भी आरोप लगाया कि जांच के दौरान पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. उनका कहना है कि मामले में कई बार जांच अधिकारी बदले गए, लेकिन अब तक उचित धाराएं नहीं लगाई गईं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है.
पिता ने भी उठाए सवाल
अमायरा के पिता विजय ने कहा कि परिवार पिछले कई महीनों से न्याय की मांग कर रहा है. उनका आरोप है कि मामले में प्रभावशाली लोगों का दबाव जांच को प्रभावित कर रहा है. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.
स्कूल प्रबंधन पर क्या कार्रवाई हुई?
पुलिस इस मामले में पहले ही स्कूल के मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे और क्लास टीचर पूनिता शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कथित आपराधिक लापरवाही से जुड़ी धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है. अब अमायरा का परिवार मांग कर रहा है कि मामले में किशोर न्याय (Juvenile Justice) अधिनियम की सख्त धाराएं भी जोड़ी जाएं और स्कूल प्रशासन की जवाबदेही तय की जाए.
मामला अब भी जांच के दायरे में
यह पूरा मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है. परिवार द्वारा जारी CCTV फुटेज ने कई नए सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन वीडियो में किए गए सभी दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं. जांच एजेंसियों और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी थी. फिलहाल इतना तय है कि 9 साल की एक बच्ची की मौत ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, बुलिंग की रोकथाम और शिक्षकों की संवेदनशीलता जैसे गंभीर मुद्दों पर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है.




