हर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सिर्फ शारीरिक आकर्षण की वजह से नहीं होता, कई बार इसकी शुरुआत भावनात्मक दूरी से होती है. जब पति-पत्नी एक-दूसरे की बातें सुनना और समझना बंद कर देते हैं, तब रिश्तों में दरार आने लगती है. जिम्मेदारियों का बोझ, तनाव और समय की कमी रिश्तों में संवाद को कमजोर कर देते हैं. मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इंसान को सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि सम्मान, ध्यान और भावनात्मक जुड़ाव भी चाहिए होता है. कई मामलों में लोग अपने पार्टनर से प्यार करते हुए भी भावनात्मक सहारे की तलाश में गलत फैसले ले लेते हैं. हालांकि, किसी भी वजह से किया गया विश्वासघात सही नहीं ठहराया जा सकता. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का सबसे बड़ा नुकसान भरोसे को होता है, जिसका असर बच्चों और पूरे परिवार पर भी पड़ता है. हर अफेयर का अंत तलाक नहीं होता। कई रिश्ते ईमानदार बातचीत, काउंसलिंग और भरोसा दोबारा बनाने की कोशिश से बच भी जाते हैं. अगर रिश्ते में झूठ, अहंकार और आरोप-प्रत्यारोप बढ़ जाएं, तो संबंध टूटने की संभावना बढ़ जाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि किसी तीसरे व्यक्ति की ओर देखने से पहले अपने पार्टनर से खुलकर बातचीत करना सबसे जरूरी कदम है.