8 घंटे काम के बदले ₹20,000 की मांग, राजस्थान की 3 कंपनियों में हड़ताल तेज; महिला कर्मचारियों का छलका दर्द
भिवाड़ी के कहरानी इंडस्ट्रियल एरिया में तीन कंपनियों के मजदूर 8 घंटे काम के बदले ₹20,000 वेतन की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं।. महिला मजदूरों ने भी कम सैलरी, बोनस और छुट्टियों की कमी को लेकर कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
पहले गुरुग्राम, फिर नोएडा और अब राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में भी मजदूरों का आंदोलन तेज हो गया है.शुक्रवार को भिवाड़ी के कहरानी इंडस्ट्रियल एरिया में तीन बड़ी कंपनियों के मजदूर धरने पर बैठ गए हैं. ये कंपनियां हैं – नैपिनो कंपनी, खुशखेड़ा की कूमी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और रिलैक्सो फुटवियर कंपनी. मजदूर कंपनी के गेट के सामने जमीन पर बैठकर धरना दे रहे हैं. वे जोर-जोर से नारे लगा रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं.
पुलिस भी बड़ी संख्या में मौके पर तैनात कर दी गई है, ताकि कोई अनहोनी न हो. मजदूरों की सबसे बड़ी मांग यह है कि उन्हें 8 घंटे की ड्यूटी के लिए 20 हजार रुपये मासिक वेतन मिलना चाहिए. साथ ही ओवरटाइम के लिए भी ज्यादा पैसे दिए जाएं. वे कहते हैं कि अभी उन्हें बहुत कम वेतन दिया जाता है, जबकि काम के घंटे बहुत ज्यादा हैं. कई मजदूर 12 घंटे तक काम करते हैं, लेकिन अच्छा वेतन नहीं मिलता.
महिला मजदूरों ने अपनी बात रखी
नैपिनो कंपनी में धरना दे रही महिला मजदूर संध्या ने बताया, 'हम 8 घंटे की ड्यूटी के लिए 16 हजार रुपये और 12 घंटे काम करने पर 20 हजार रुपये मांग रहे हैं. लेकिन कंपनी में जरूरत पड़ने पर छुट्टी भी नहीं मिलती. कोई बोनस भी नहीं दिया जाता.' दूसरी महिला मजदूर मनीषा शर्मा (प्रयागराज की रहने वाली) ने कहा, 'दूसरी कंपनियों में 8 घंटे काम करने वालों को 20 हजार रुपये सैलरी मिलती है, लेकिन यहां हमें सिर्फ 7 हजार रुपये दिए जाते हैं. होली-दिवाली जैसे त्योहारों पर कोई बोनस नहीं मिलता. अगर कोई छुट्टी ले ले तो उसकी दोगुनी पैसे काट लिए जाते हैं, जो बिल्कुल गलत है.'
पुराने मजदूरों की शिकायत
मजदूर योगेंद्र सेन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार वेतन बढ़ना चाहिए, लेकिन कंपनी प्रबंधन उसे मानने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा, '8 घंटे काम के लिए हमें 20 हजार रुपये मिलने चाहिए, लेकिन अभी तो सिर्फ 9 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. प्रबंधन का रवैया बहुत खराब है.' रिलैक्सो फुटवियर कंपनी के मजदूर विशाल कुमार ने बताया कि 3-4 साल से काम कर रहे पुराने मजदूरों का भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है. कंपनी में गेट पास नहीं दिया जाता, जिससे आने-जाने में परेशानी होती है. उन्होंने जीएम और अन्य अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. विशाल कुमार ने साफ कहा, 'जब तक हमारी सारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक कंपनी में काम बंद रहेगा और धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा.'
क्या रहा प्रबंधन का जवाब?
अभी तक कंपनी प्रबंधन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. प्रशासन और पुलिस मामले पर नजर रखे हुए हैं. उनका प्रयास है कि इंडस्ट्रियल एरिया में उत्पादन ज्यादा प्रभावित न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे. मजदूर दृढ़ हैं कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे धरना नहीं उठाएंगे.यह आंदोलन भिवाड़ी के साथ-साथ पहले गुरुग्राम और नोएडा में भी इसी तरह की मांगों को लेकर हुआ था, जिससे साफ है कि कई इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूर अपनी सुविधाओं और उचित वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं.




