सपनों को रौंदा, उड़ान को रोका- वक्त अभी आएगा! 30 मिनट में दुखी मन से NaMo का Emotional वार- 10 Pointers
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए विपक्ष पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के सपनों को रोका गया है और महिलाएं इसका जवाब देंगी. प्रधानमंत्रीने कहा कि 21वीं सदी की महिलाएं सब देख रही हैं.
देशवासियों को संबोधित करते पीएम मोदी
PM Modi on Women Reservation Bill: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल के गिरने के बाद 30 मिनट तक देशवासियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने इमोशनल होते हुए कहा, "आज मैं अपनी माताओं और बहनों से बात करने के लिए आया हूं. कल नारी शक्ति के उड़ान को रोक दिया गया. उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया गया. मैं इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं." प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी सबकुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान नहीं भूलती. उन्होंने इस दौरान विपक्ष, खासकर कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा पर जमकर बोला.
पीएम मोदी ने कहा कि देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगे, वह याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था, खुशियां मनाई थीं. कल संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का जिन दलों ने विरोध किया है उनसे मैं दो टूक कहूंगा ये लोग नारी शक्ति को फोरग्रांटेड ले रहे हैं. वे यह भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी हर घटना पर नजर रख रही है. वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है. इसलिए महिला आरक्षण बिल को रोककर जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी.
पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें
1- आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं. आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया. उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया. हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए. नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया.मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं.
2- हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को, देशहित को... इसका खामियाजा उठाना पड़ता है. इस बार भी यही हुआ है. कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है.
3- कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थी. महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे. उन्होंने जो किया, वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर, उसके आत्मसम्मान पर चोट थी.
4- महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है कि वह एंटी रिफॉर्म पार्टी है. कांग्रेस के एंटी रिफॉर्म रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है. कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है, देश की पीढ़ियों ने भुगता है.
5- कोई भी देश हित का काम होता है, कांग्रेस उसमें अड़ंगा जरूर डालती है. वह यूसीसी का विरोध करती है, एसआईआर का विरोध करती है, वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध करती है और सीएए का भी विरोध करती है. कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है- कोई भी रिफॉर्म आए, झूठ बोलो, भ्रम फैलाओ.
6 - कांग्रेस ने हमेशा निगेटिविटी फैलाती है. उसके इसी रवैये के कारण विकास की उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया, जिसका भारत हकदार है. कांग्रेस को महिला आरक्षण के विषय से नफ़रत है और उसने इसे रोकने के लिए हमेशा साज़िश रची है... जब भी इस दिशा में प्रयास किए गए, कांग्रेस ने हमेशा बाधाएं डालीं. इस बार भी, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इसे रोकने के लिए किसी न किसी झूठ का सहारा लिया... उन्होंने देश को गुमराह करने की कोशिश की.
7- 'नारी शक्ति वंदन संशोधन' का मकसद किसी से कुछ छीनना नहीं, बल्कि सबको कुछ देना था... इसका मकसद महिलाओं को वे अधिकार देना था जो 40 साल से लंबित थे, और जो 2029 के अगले चुनावों में उन्हें मिलने थे... यह उनके रास्ते से बाधाओं को हटाने के लिए किया गया एक 'महा-यज्ञ' था... 'नारी शक्ति वंदन संशोधन' आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है... कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने संसद में, सबके सामने, इस प्रयास की भ्रूण-हत्या कर दी है. कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी और DMK जैसी पार्टियाँ इसके लिए ज़िम्मेदार हैं... ये देश की 'नारी शक्ति' के गुनहगार हैं.
8- DMK के पास यह अवसर था कि वह तमिलनाडु के और अधिक लोगों को संसद सदस्य बनने में सक्षम बनाए और राज्य की आवाज को मज़बूत करे, लेकिन उसने इस अवसर को हाथ से जाने दिया. TMC के पास भी यह मौका था कि वह पश्चिम बंगाल के और अधिक लोगों को सशक्त करे और उनके प्रतिनिधित्व को बढ़ाए, लेकिन वह भी इस मौके को भुनाने में नाकाम रही।
9- कांग्रेस और उसके सहयोगी परिसीमन को लेकर लगातार झूठ बोल रहे हैं. वे इसी बहाने से फूट की आग भड़काना चाहते हैं. कांग्रेस ने 'फूट डालो और राज करो' की राजनीति अंग्रेजों से विरासत में सीखी है. आज भी, कांग्रेस उसी पर चल रही है. कांग्रेस ने हमेशा उन भावनाओं को हवा दी है, जिनसे देश के भीतर दरारें पैदा होती हैं. इसलिए, यह गलत जानकारी फैलाई गई कि परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा, लेकिन सरकार ने पहले ही दिन से यह साफ कर दिया है कि न तो किसी राज्य के प्रतिनिधित्व का अनुपात बदलेगा और न ही किसी का प्रतिनिधित्व कम होगा. सभी राज्यों की सीटें बराबर अनुपात में बढ़ाई जाएंगी. फिर भी, कांग्रेस, DMK, TMC, SP और दूसरी पार्टियां इसे मानने को तैयार नहीं हैं.
10- मैं जानता हूं कि आज मेरे देश की माताएं, बहनें, बेटियां... आप सभी दुखी हैं। मैं भी आपके इस दुख में दुखी हूं, लेकिन हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं, हमारा आत्मबल अजेय है. हमारे पास आगे भी और मौके आएंगे. हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है.




