दो बार रेकी...चढ़ावे की चोरी और पहाड़ से धक्का, झुंझुनूं के मशहूर बरखंडी धाम के संत की कैसे हुई हत्या, पुलिस ने किसे दबोचा? 10 Points
राजस्थान के झुंझुनूं स्थित मशहूर बरखंडी धाम के 80 वर्षीय संत सूरजदास जी महाराज की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है. आरोपी ने दो बार रेकी के बाद चढ़ावे के पैसे लूटने की कोशिश की और संत को पहाड़ से गहरी खाई में धक्का दे दिया. जानें पूरी वारदात
राजस्थान के झुंझुनूं के फेमस तीर्थ स्थल लोहार्गल स्थित बरखंडी धाम में 80 वर्षीय संत सूरजादास जी महाराज की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, संत की हत्या किसी अचानक हुए विवाद में नहीं हुई, बल्कि चढ़ावे की रकम लूटने के इरादे से की गई थी. आरोपी ने वारदात से पहले दो बार धाम की रेकी की थी और उसे पता था कि संत अकेले रहते हैं. बता दें, उनकी हत्या के बाद काफी बवाल हुआ था.
पुलिस के अनुसार, आरोपी 44 वर्षीय सुरेश कुमार ने 25 सितंबर की रात धाम में रुककर मौका तलाशा. अगले दिन उसने संत को बाथरूम में बंद कर दिया और चढ़ावे की रकम तलाशने लगा. संत के बाहर निकल आने के बाद आरोपी को डर था कि उसका राज खुल जाएगा. इसके बाद उसने संत को पहाड़ी की ओर ले जाकर गहरी खाई में धक्का दे दिया. पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को हिरासत में लिया, जहां पूछताछ में उसने हत्या और लूट की कोशिश की बात कबूल की.
10 प्वाइंट्स में जानें पूरा मामला
1. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने संत की हत्या चढ़ावे की रकम लूटने के इरादे से की थी. यह अचानक हुआ विवाद नहीं था, बल्कि आरोपी ने पहले से धाम को निशाना बनाया था.
2. आरोपी सुरेश कुमार, निवासी झाझम की ढाणी, पहाड़ीला, थाना गोठड़ा, ने वारदात से पहले बरखंडी धाम की दो बार रेकी की थी. उसे पता था कि संत सूरजादास जी महाराज धाम में अकेले रहते हैं और वहां श्रद्धालु चढ़ावा देते हैं.
3. पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर को सुरेश कुमार दोबारा बरखंडी धाम पहुंचा. इस बार वह रात में मंदिर परिसर में ही रुक गया, ताकि सुबह मौका देखकर चढ़ावे की रकम तलाश सके.
4. 26 सितंबर की सुबह आरोपी ने कथित तौर पर संत को बाथरूम में बंद कर दिया. इसके बाद वह धाम में चढ़ावे की रकम तलाशने लगा.
5. पुलिस के अनुसार, संत किसी तरह बाथरूम से बाहर निकल आए. आरोपी को डर था कि संत उसके बारे में लोगों को बता देंगे. इसके बाद उसने संत को रास्ते से हटाने का फैसला किया.
6. पुलिस के मुताबिक, आरोपी संत को पहाड़ी की तरफ ले गया और उन्हें गहरी खाई में धक्का दे दिया. ऊंचाई से गिरने के कारण संत की मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया.
7. वारदात के बाद जब संत धाम पर दिखाई नहीं दिए तो लोगों को शक हुआ. 27 सितंबर को श्रद्धालुओं ने इसकी जानकारी दी. इसके बाद संत के शिष्य शंकरलाल ने गोठड़ा थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई.
8. पुलिस और ग्रामीणों ने संत की तलाश शुरू की. इसी दौरान बरखंडी की पहाड़ियों में उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला. उसे बाहर निकालने के लिए SDRF जयपुर और जिला रेस्क्यू टीम की मदद ली गई.
9. पुलिस ने घटनास्थल पर FSL, डॉग स्क्वॉड, साइबर टीम और MOB की टीम को बुलाया. मेडिकल बोर्ड से संत का पोस्टमॉर्टम कराया गया. रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या और लूट का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई.
10. जांच में पुलिस ने पता लगाया कि संत की हत्या से पहले 25 सितंबर की रात धाम पर कौन रुका था. पूछताछ में सुरेश कुमार का नाम सामने आया. पुलिस ने उसकी गतिविधियों और मोबाइल लोकेशन की जांच की. साइबर सेल की मदद से उसकी लोकेशन घटनास्थल से करीब ढाई किलोमीटर दूर गोल्याणा गांव में मिली, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सुरेश कुमार ने हत्या और चढ़ावे की रकम लूटने की कोशिश की बात कबूल की है.




