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रिटायरमेंट के एक महीने बाद उसी कुर्सी पर वापसी करने वाली IAS श्रुति भारद्वाज कौन? जानें RCDF में क्यों हुई नियुक्ति

IAS श्रुति भारद्वाज 31 अगस्त को RCDF MD पद से रिटायर हुईं, अब एक महीने बाद फिर उसी पद पर नियुक्त हुईं. जानें पे-माइनस-पेंशन नियुक्ति की पूरी कहानी.

रिटायरमेंट के एक महीने बाद उसी कुर्सी पर वापसी करने वाली IAS श्रुति भारद्वाज कौन? जानें RCDF में क्यों हुई नियुक्ति
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राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों IAS अधिकारी श्रुति भारद्वाज का नाम फिर चर्चा में है. वजह है उनकी RCDF यानी राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के MD पद पर दोबारा नियुक्ति. श्रुति भारद्वाज 31 अगस्त 2026 को इसी पद से रिटायर हुई थीं. इसके बाद करीब एक महीने तक RCDF की MD की कुर्सी खाली रही. अब 30 सितंबर को जारी आदेश के मुताबिक उन्हें पे-माइनस-पेंशन के आधार पर छह महीने या नियमित नियुक्ति होने तक फिर से MD/CEO की जिम्मेदारी दी गई है. इसी के साथ आइए श्रुति भारद्वाज की कहानी जानते हैं और साथ में उनके इस वापसी की वजह...

श्रुति भारद्वाज कौन हैं?

श्रुति भारद्वाज राजस्थान कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं. उनका मूल निवास दिल्ली बताया गया है और वे राज्य सिविल सेवा से प्रमोशन के जरिए IAS बनीं. उनके करियर में जिला कलेक्टर से लेकर सचिवालय और अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल रही हैं. RCDF में उनकी पोस्टिंग सितंबर 2024 में हुई थी. करीब दो साल तक उन्होंने राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की MD के तौर पर काम किया और 31 अगस्त 2026 को इसी पद से रिटायर हुईं.

रिटायरमेंट के एक महीने बाद फिर उसी कुर्सी पर वापसी कैसे हुई?

यही इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है. 31 अगस्त को श्रुति भारद्वाज के रिटायर होने के बाद RCDF की MD की कुर्सी खाली हो गई. करीब एक महीने तक इस पद पर किसी नए अधिकारी की नियमित नियुक्ति की जानकारी सामने नहीं आई. इसके बाद 30 सितंबर को सरकार ने आदेश जारी कर श्रुति भारद्वाज को फिर से RCDF का MD/CEO नियुक्त कर दिया. नई नियुक्ति छह महीने या सक्षम अधिकारी की नियमित नियुक्ति होने तक, जो पहले हो, प्रभावी रहेगी.

‘पे-माइनस-पेंशन’ पर क्या है वापसी?

आदेश में श्रुति भारद्वाज की नियुक्ति पे-माइनस-पेंशन के आधार पर की गई है. सरल भाषा में इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के बाद दोबारा जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी के भुगतान की गणना वेतन और पेंशन से जुड़े नियमों के आधार पर होती है. इसलिए इसे सामान्य IAS सेवा का एक्सटेंशन कहना सही नहीं होगा; यह रिटायरमेंट के बाद की पुनर्नियुक्ति है.

RCDF की कुर्सी एक महीने तक खाली क्यों रही?

श्रुति भारद्वाज के रिटायरमेंट के बाद यह पद खाली रहा. सितंबर की रिपोर्टों में उनकी संभावित पुनर्नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर चर्चा का जिक्र था. उस दौरान डेयरी क्षेत्र से जुड़े कुछ संगठनों ने भी उनकी पुनर्नियुक्ति का विरोध किया और सरकार से किसी अन्य अधिकारी को जिम्मेदारी देने की मांग की थी. अब सरकार ने पुनर्नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है.

श्रुति भारद्वाज का RCDF से क्या कनेक्शन है?

श्रुति भारद्वाज सितंबर 2024 में RCDF की MD बनी थीं. उनके करीब दो साल के कार्यकाल के दौरान सरस ब्रांड के विस्तार, डेयरी नेटवर्क और मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने जैसी योजनाओं पर काम हुआ. मई 2026 में डेयरी सेक्टर के विस्तार से जुड़ी एक हाईलेवल बैठक में RCDF की ओर से उन्होंने भी योजनाओं की जानकारी दी थी. उस समय राजस्थान में दूध संग्रह और प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने तथा सरस के नेटवर्क को राजस्थान से बाहर भी विस्तार देने की योजनाओं पर चर्चा हुई थी.

उनके करियर में और कौन-कौन से पड़ाव रहे?

RCDF से पहले श्रुति भारद्वाज कई अहम प्रशासनिक पदों पर रह चुकी हैं. उनके करियर में जिला कलेक्टर, जयपुर नगर निगम में कमिश्नर स्तर की जिम्मेदारी, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड, JDA, जल संसाधन विभाग और अन्य प्रशासनिक पद शामिल रहे हैं. वे नीम का थाना और बाद में डीग की जिला कलेक्टर भी रही हैं.

‘कलेक्टर से डेयरी फेडरेशन’ तक कैसा रहा सफर?

श्रुति भारद्वाज का प्रशासनिक करियर केवल एक विभाग तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने फील्ड प्रशासन से लेकर राज्य सरकार के विभागों में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. यही वजह है कि उनका नाम राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था में लंबे समय से जाना-पहचाना रहा है. उपलब्ध सेवा रिकॉर्ड में उनके कई पदों का उल्लेख मिलता है.

RCDF क्या है और इसकी कुर्सी इतनी अहम क्यों है?

RCDF यानी Rajasthan Cooperative Dairy Federation राजस्थान के सहकारी डेयरी नेटवर्क की शीर्ष संस्थाओं में से एक है और ‘Saras’ इसका प्रमुख ब्रांड है. इसका काम दूध संग्रह, प्रोसेसिंग और डेयरी उत्पादों के नेटवर्क से जुड़ा है. 2026 में राज्य सरकार ने RCDF और राजस्थान के डेयरी सेक्टर के विस्तार के लिए बड़े स्तर की योजनाओं पर भी काम किया है. यानी MD की कुर्सी सिर्फ एक प्रशासनिक पद नहीं है, बल्कि राज्य के बड़े डेयरी नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.

श्रुति भारद्वाज की वापसी पर सवाल क्यों उठे?

उनकी पुनर्नियुक्ति से पहले कुछ डेयरी संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर इसका विरोध किया था. कुछ संगठनों ने उनके कार्यकाल को लेकर कई आरोप लगाए और उनकी जगह किसी सेवारत अधिकारी को नियुक्त करने की मांग की. ये आरोप संबंधित संगठनों के हैं और इन्हें किसी स्थापित तथ्य या जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. दूसरी तरफ, उनकी वापसी के पक्ष में रिपोर्टिंग में उनके करीब दो साल के कार्यकाल और RCDF में चल रही विस्तार योजनाओं का उल्लेख किया गया है. फिलहाल जारी आदेश के मुताबिक उनकी नई नियुक्ति छह महीने या सक्षम अधिकारी की नियमित नियुक्ति होने तक है. यानी सरकार अगर इससे पहले किसी नियमित MD की नियुक्ति कर देती है तो उनकी यह जिम्मेदारी उससे पहले खत्म हो सकती है.

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