भगवंत मान की पोस्ट पर ऐसा क्या कमेंट किया कि JE पर गिरी निलंबन की गाज? अब बोले- ‘मैंने नहीं किया’, 10 Points
भगवंत मान की फेसबुक पोस्ट पर कथित आपत्तिजनक कमेंट के बाद PSPCL के JE दविंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया. जानें क्या था कमेंट, JE ने क्या सफाई दी और पूरे मामले में AI का एंगल कैसे आया.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की एक फेसबुक पोस्ट पर किए गए कथित आपत्तिजनक कमेंट के मामले में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के एक जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है. कर्मचारी की पहचान पटियाला जिले के तोहरा सब-डिवीजन में तैनात दविंदर सिंह के रूप में हुई है. उन्हें 11 सितंबर को निलंबन आदेश दिया गया और उनका हेडक्वार्टर बठिंडा कर दिया गया. सूत्रों के मुताबिक, दविंदर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से आए थे, जिसके बाद PSPCL प्रबंधन ने कार्रवाई की.
हालांकि, दविंदर सिंह ने मुख्यमंत्री की पोस्ट पर कमेंट करने से इनकार किया है. उनका कहना है कि उनका फेसबुक अकाउंट हैक किया गया हो सकता है और किसी दूसरे व्यक्ति ने उनकी छवि खराब करने के लिए उनके अकाउंट का इस्तेमाल किया. इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी संगठनों में भी नाराजगी है. यूनियनों ने दविंदर की तत्काल बहाली की मांग की है और चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी गई तो राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा.
10 Points में जानें पूरा मामला
1. यह पूरा मामला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की एक फेसबुक पोस्ट पर किए गए कथित आपत्तिजनक कमेंट से शुरू हुआ. मुख्यमंत्री की पोस्ट में उन्हें विधानसभा में ब्लेजर पहने हुए दिखाया गया था. इसी पोस्ट के नीचे ‘Davinder Mehra’ नाम के अकाउंट से एक आपत्तिजनक कमेंट किया गया था.
2. उस कमेंट में मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था. इसका अर्थ था कि उनके सिर पर घमंड चढ़ गया है, वह एक महिला की तरह बोल रहे हैं और उनमें मर्दाना जैसा कुछ नहीं है.
3. इस कमेंट के बाद PSPCL के जूनियर इंजीनियर दविंदर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई. दविंदर सिंह पटियाला जिले के PSPCL सेंट्रल डिवीजन के तहत आने वाले तोहरा सब-डिवीजन में तैनात थे. उन्हें 11 सितंबर को सस्पेंशन ऑर्डर मिला. इसके साथ ही उन्हें अपना हेडक्वार्टर बदलकर बठिंडा करने का आदेश दिया गया.
3. सूत्रों के मुताबिक, दविंदर सिंह के निलंबन से जुड़े निर्देश मुख्यमंत्री कार्यालय यानी CMO से आए थे. इसके बाद ये निर्देश PSPCL प्रबंधन तक पहुंचे और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई. हालांकि, PSPCL के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस से इस संबंध में बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.
4. दविंदर सिंह ने खुद पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को वह लुधियाना स्थित सेंट्रल डिवीजन कार्यालय गए थे. उनके मुताबिक, वहां उन्हें मौखिक रूप से बताया गया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट पर उन्होंने कमेंट किया है. इसी वजह से उन्हें तुरंत तोहरा सब-डिवीजन की जिम्मेदारी से हटा दिया गया.
5. दविंदर सिंह ने अधिकारियों को बताया कि जिस फेसबुक पेज से कमेंट किया गया, वह उनका ही है, लेकिन उन्होंने वह कमेंट नहीं किया. उनका कहना है कि ऐसा लगता है कि किसी ने उनका फेसबुक पेज हैक कर लिया और उनकी छवि खराब करने के लिए उस पर कमेंट किया.
6. दविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने PSPCL में साल 2011 में लाइनमैन के तौर पर नौकरी शुरू की थी. बाद में उन्हें प्रमोट करके जूनियर इंजीनियर बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि PSPCL में अपने पूरे कार्यकाल के दौरान उनका रिकॉर्ड साफ रहा है और उनके खिलाफ पहले कोई ऐसी कार्रवाई नहीं हुई.
7. दविंदर सिंह के निलंबन के बाद बिजली क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. Joint Forum of Employees Federation और Bijli Ekta Manch के प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को सेंट्रल डिवीजन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस से मुलाकात की.
यूनियन नेताओं ने दविंदर सिंह को तत्काल बहाल करने की मांग की.
8. कर्मचारी यूनियनों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दविंदर सिंह को सात दिनों के भीतर तोहरा में दोबारा बहाल नहीं किया गया तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा. यूनियनों का कहना है कि वह इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध और तेज करेंगे.
9. कर्मचारी यूनियनों ने 16 सितंबर को पटियाला स्थित PSPCL मुख्यालय के तीनों मुख्य गेटों का घेराव करने की योजना बनाई है. यह प्रदर्शन केवल दविंदर सिंह के मामले तक सीमित नहीं है. कर्मचारी पहले से ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करने जैसी कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.
10. कर्मचारी यूनियनों ने दविंदर सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री की पोस्ट पर वह कमेंट नहीं किया. यूनियन नेताओं ने यह संभावना भी जताई कि किसी दूसरे व्यक्ति ने उनकी छवि खराब करने के लिए AI या किसी अन्य तकनीक का इस्तेमाल किया हो सकता है.




