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इंशाअल्लाह और जज़ाकल्लाह कहना पड़ा भारी? कौन हैं IPS बुशरा, जिनका बंगाल में हुआ ट्रांसफर, जानें पूरा मामला, शब्दों का मतलब भी समझें

IPS बुशरा बानो के ‘अस्सलामुअलैकुम’, ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जज़ाकल्लाह’ वाले वीडियो पर विवाद होने के बाद उनका तबादला हो गया. जानें पूरा मामला, शिकायत किसने की और नेताओं ने क्या कहा.

इंशाअल्लाह और जज़ाकल्लाह कहना पड़ा भारी? कौन हैं IPS बुशरा, जिनका बंगाल में हुआ ट्रांसफर, जानें पूरा मामला, शब्दों का मतलब भी समझें
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समी सिद्दीकी
Edited By:समी सिद्दीकी8 Mins Read

Updated on: 15 Sept 2026 2:09 PM IST

पश्चिम बंगाल की मुस्लिम IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो के तबादले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. यह मामला उस वीडियो के बाद सामने आया, जिसमें बुशरा बानो ने अपने बयान की शुरुआत ‘अस्सलामुअलैकुम’ से की थी. उन्होंने बातचीत के दौरान ‘इंशाअल्लाह’ और आखिर में ‘जज़ाकल्लाह’ जैसे इस्लामी शब्दों का भी इस्तेमाल किया था. वीडियो सामने आने के बाद कुछ हिंदुत्व से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ने उन्हें निशाना बनाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें उन्हें स्टेट आर्म्ड पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन का डिप्टी कमांडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

बताया गया कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ यह सवाल उठाया गया कि उन्होंने ‘वंदे मातरम’ या ‘जय हिंद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया. इसके बाद मामला और बढ़ गया. कई सोशल मीडिया चैनल्स ने भी IPS अधिकारी को निशाना बनाया और पूरे मामले को ‘UPSC जिहाद’ से जोड़कर पेश किया.

किसने बुशरा बानो के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत?

इसी बीच Hindu Legal Fund नाम की एक वेबसाइट ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के पास IPS अधिकारी बुशरा बानो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. इसके अगले ही दिन बुशरा बानो का तबादला कर दिया गया. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह साफ नहीं है कि उनका तबादला आधिकारिक तौर पर इसी वीडियो और शिकायत के कारण किया गया था या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक कारण था. लेकिन तबादले के समय को लेकर सवाल जरूर उठ रहे हैं.

क्या है ‘जज़ाकल्लाह’ का मतलब?

‘जज़ाकल्लाह’ एक अरबी वाक्यांश है. इसका अर्थ है- “अल्लाह आपको इनाम दे” या “अल्लाह आपको इसका बदला दे.” मुस्लिम समुदाय में इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को उसके सहयोग, मदद, एहसान या अच्छे काम के लिए धन्यवाद देने के तौर पर किया जाता है. ‘जज़ाकल्लाह खैर’ का अर्थ broadly यह होता है कि “अल्लाह आपको अच्छे बदले से नवाजे.” इसलिए किसी व्यक्ति द्वारा ‘जज़ाकल्लाह’ कहना सामान्य तौर पर कृतज्ञता या धन्यवाद व्यक्त करने का एक धार्मिक-सांस्कृतिक तरीका है.

क्या है ‘इंशाअल्लाह’ का मतलब?

‘इंशाअल्लाह’ भी अरबी भाषा का एक आम धार्मिक वाक्यांश है. इसका अर्थ होता है—“अगर अल्लाह ने चाहा” या “ईश्वर की इच्छा हुई तो.” यह शब्द आम तौर पर भविष्य से जुड़ी किसी योजना, उम्मीद या संभावना के बारे में बात करते समय इस्तेमाल किया जाता है. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति कहता है, “मैं आपसे कल मिलूंगा, इंशाअल्लाह”, तो इसका मतलब है कि वह कल मिलने की योजना रखता है, लेकिन साथ ही यह भी मानता है कि भविष्य पूरी तरह इंसान के नियंत्रण में नहीं है और परिस्थितियां बदल सकती हैं. ‘इंशाअल्लाह’ शब्द तीन हिस्सों से मिलकर बना है—‘इन’ यानी अगर, ‘शा’ यानी इच्छा या चाहना और ‘अल्लाह’ यानी ईश्वर.

क्या होता है अस्सलाम अलैकुम?

अस्सलाम अलैकुम एक अरबी का वाक्य है जिसका शाब्दिक अर्थ है "आप पर शांति हो" (Peace be upon you). यह इस्लाम धर्म में अभिवादन (Greeting) करने का पारंपरिक तरीका है.

महुआ मोइत्रा ने क्या उठाए सवाल?

इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इस मामले की तुलना BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सरकार की ओर से कथित तौर पर बनाए गए प्रेयर रूम से की. महुआ मोइत्रा ने कहा कि एक तरफ BJP की सरकार BRICS शिखर सम्मेलन में ‘प्रेयर रूम’ बनाकर अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि दिखा रही है, वहीं दूसरी तरफ एक मुस्लिम महिला IPS अधिकारी को सिर्फ ‘अस्सलामुअलैकुम’ और ‘जज़ाकल्लाह’ कहने के कारण किनारे किया जा रहा है.

अमित शाह का का मोइत्रा ने क्यों किया जिक्र?

महुआ मोइत्रा ने यह भी कहा कि यह मामला उस घटना के करीब दो सप्ताह बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आधिकारिक कार्यक्रमों में मुस्लिम अधिकारियों को शामिल नहीं किया जा रहा. उन्होंने IPS और IAS associations से सवाल करते हुए इसे “communal nonsense” यानी सांप्रदायिक बकवास बताया था.

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने क्या कहा?

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस मामले पर IPS Association से ध्यान देने की अपील की. उन्होंने आरोप लगाया कि एक “नफरत फैलाने वाले टीवी चैनल” ने सबसे पहले बुशरा बानो के वीडियो को सनसनीखेज तरीके से पेश किया. इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू हो गई. इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि अधिकारी के पक्ष में खड़े होने के बजाय राज्य सरकार ने अगले ही दिन उनका तबादला कर दिया.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए सवाल किया, “आप किस तरह का भारत बना रहे हैं?” इसके साथ ही उन्होंने IPS Association को टैग करते हुए पूछा, “क्या आप यह देख रहे हैं?”

अनुज चौधरी से क्यों हो रही तुलना?

इस विवाद के बीच सोशल मीडिया यूजर कविश अजीज ने पश्चिम बंगाल की IPS अधिकारी बुशरा बानो के मामले की तुलना उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारी अनूज चौधरी के मामले से की. अनुज चौधरी उस समय संभल में Circle Officer के पद पर तैनात थे. उन्हें एक धार्मिक रथ यात्रा में पुलिस की वर्दी में शामिल होते और हाथ में गदा लिए देखा गया था. बाद में उन्हें Firozabad में Additional Superintendent of Police के पद पर प्रमोट किया गया.

कविश अजीज ने दोनों घटनाओं की तुलना करते हुए कहा कि बुशरा बानो को एक अभिवादन करने के लिए ट्रांसफर किया गया, जबकि अनूज चौधरी को वर्दी में धार्मिक यात्रा में शामिल होने के बाद प्रमोशन मिला. यह तुलना सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहस में पुलिस अधिकारियों के व्यक्तिगत धार्मिक विश्वास और उनकी आधिकारिक भूमिका के बीच संतुलन को लेकर सवाल खड़े कर रही है.

कौन हैं बुशरा बानो

  • दी गई जानकारी के अनुसार, बुशरा बानो 2021 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और उनका कैडर पश्चिम बंगाल है.
  • वह मौजूदा वक्त में खड़कपुर में तैनात थीं.
  • वह UPSC Civil Services Examination के जरिए Direct Recruit (RR) के तौर पर IPS में शामिल हुईं.
  • उनकी IPS पहचान संख्या 20211196 बताई गई है.
  • प्रोफाइल के अनुसार, वह Pay Level 10 पर हैं. यह पोस्टिंग 1 जनवरी 2025 से बताई गई है.
  • उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक वह उत्तर प्रदेस के त से ताल्लुक रखती हैं.
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने UPSC परीक्षा दो बार पास की और इससे पहले सऊदी अरब में काम किया था. इसके बाद उन्होंने भारत में IPS अधिकारी के रूप में सेवा करने का रास्ता चुना.
  • उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से मैनेजमेंट में PhD, MBA तथा NET-JRF जैसी डिग्रियां प्राप्त की हैं.
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