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Twisha Sharma Case: सीबीआई ने फाइल की 636 पेजों की चार्जशीट, पति और सास पर किन-किन धाराओं में केस दर्ज, मर्डर के आरोपों में कितना दम?

ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई ने 636 पेजों की चार्जशीट दाखिल कर ली है. सीबीआई की चार्जशीट मर्डर की तरफ कोई इशारा नहीं कर रही है, बल्कि मामला सुसाइड का लग रहा है, हालांकि अंतिम फैसला इस पर कोर्ट को ही करना है.

Twisha Sharma Case: सीबीआई ने फाइल की 636 पेजों की चार्जशीट, पति और सास पर किन-किन धाराओं में केस दर्ज, मर्डर के आरोपों में कितना दम?
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( Image Source:  X/ @azizkavish, @JaikyYadav16 )

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने भोपाल की विशेष अदालत में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है. जांच एजेंसी ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज से जुड़े आरोप और आत्महत्या के लिए उकसाने के प्रावधानों के तहत मामला आगे बढ़ाया है. मामले में सबसे अहम बात यह है कि ट्विशा के परिवार की ओर से लगाए गए हत्या के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई सबूत CBI की जांच में सामने नहीं आया. बल्कि मौजूदा सबूतों के आधार पर एजेंसी सुसाइड के निष्कर्ष की ओर बढ़ी है, जबकि दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना को उनकी मौत से जोड़कर देखा गया है.

पति और सास पर क्या लगे आरोप?

CBI ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 80(5), 3 और 108 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है. इसके साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न तथा आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप लगाए हैं. दोनों पहले से ही मामले में आरोपी हैं.

ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की हत्या की गई और बाद में उसकी मौत को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटकाया गया. परिवार ने शुरुआती जांच में भी कई सवाल उठाए थे, जिसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी.

व्हाट्सऐप चैट से लेकर क्या-क्या खंगाला?

जांच के दौरान CBI ने ट्विशा की व्हाट्सऐप बातचीत, फोन रिकॉर्ड और मौत से कुछ समय पहले उनकी मां के साथ हुई आखिरी बातचीत सहित कई डिजिटल सबूतों की जांच की. एजेंसी ने तकनीकी साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच के लिए समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के वॉयस सैंपल भी हासिल किए थे. इससे पहले CBI ने आरोपियों के संपर्क में आए लोगों और घटना के बाद की गतिविधियों की भी पड़ताल की थी.

सूत्रों के अनुसार, CBI की जांच में समर्थ सिंह की ओर से ट्विशा के कथित उत्पीड़न के संकेत मिले. यह तनाव ट्विशा के अजन्मे बच्चे से जुड़े मुद्दे से संबंधित बताया गया है. जांचकर्ताओं ने उत्पीड़न को ट्विशा के आत्महत्या जैसे चरम कदम से जोड़कर देखा है. हालांकि, इन निष्कर्षों पर अंतिम कानूनी फैसला अदालत को करना है.

दहेज से जुड़ी धाराएं क्यों महत्वपूर्ण हैं?

चार्जशीट में दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं को शामिल किया जाना इस मामले का महत्वपूर्ण पहलू है. इससे संकेत मिलता है कि CBI ने ट्विशा की मौत की परिस्थितियों की जांच करते समय दहेज से जुड़ी कथित मांग, क्रूरता और उत्पीड़न के पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा. ट्विशा की मौत के बाद उनके ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोपों में मामला दर्ज किया गया था.

CBI ने ट्विशा की सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की घटना के बाद की गतिविधियों की भी जांच की. जांचकर्ताओं ने यह पता लगाने की कोशिश की कि ट्विशा की मौत के तुरंत बाद किन लोगों से संपर्क किया गया और उन संपर्कों का मामले से क्या संबंध था. सूत्रों के मुताबिक, गिरिबाला ने घटना के बाद कई फोन किए थे. इनमें CCTV इंस्टॉलर और उस ब्यूटी सैलून के मालिक से हुई बातचीत भी शामिल थी, जहां ट्विशा मौत से पहले गई थीं.

CCTV फुटेज को लेकर क्यों उठे सवाल?

जांच में CCTV DVR और उससे जुड़े आरोपों को भी खंगाला गया. सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने ऐसे सबूतों की जांच की जिनसे कथित तौर पर संकेत मिलता है कि CCTV फुटेज के कुछ हिस्सों को निकालकर या संपादित करके बाद में मीडिया में पेश किए गए थे. फुटेज में समर्थ सिंह को ट्विशा को CPR देने की कोशिश करते हुए दिखाए जाने की बात भी सामने आई थी.

ट्विशा अपनी मौत वाले दिन एक ब्यूटी सैलून गई थीं. सैलून से जुड़े लोगों के बयान भी जांच का हिस्सा बने. सैलून की मालकिन के मुताबिक, ट्विशा की मौत के अगले दिन गिरिबाला ने फोन कर ट्विशा के सैलून आने का समय, उनके द्वारा ली गई सेवाओं और उस दौरान उनके व्यवहार के बारे में जानकारी मांगी थी. गिरिबाला ने पहले सैलून जाने की घटना का हवाला देते हुए यह दावा किया था कि ट्विशा और समर्थ के बीच उस समय किसी तरह का तनाव नहीं था.

गिरिबाला ने किसको किए थे कॉल?

CBI ने गिरिबाला सिंह के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी पड़ताल की. सूत्रों के अनुसार, ट्विशा की मौत के बाद उनके फोन से 46 कॉल किए गए थे. इनमें भोपाल प्रशासन से जुड़े कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत भी शामिल बताई गई. गिरिबाला की ओर से इन कॉल को ट्विशा की मौत के बाद शोक संवेदना से जुड़ा बताया गया था.

अब दाखिल चार्जशीट में CBI का रुख परिवार के हत्या के दावे से अलग दिखाई देता है. एजेंसी के अनुसार, उपलब्ध सबूत आत्महत्या की ओर संकेत करते हैं, जबकि कथित दहेज उत्पीड़न और क्रूरता को मौत की परिस्थितियों से जोड़ा गया है. 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के साथ CBI ने अपनी जांच के निष्कर्ष अदालत के सामने रख दिए हैं.

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