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Katni Railway Station पर बड़ा ऑपरेशन, 163 बच्चों की तस्करी का खुलासा! RPF- GRP ने बिछाया जाल, कैसे बची मासूमों की जिंदगी?

कटनी रेलवे स्टेशन पर रातभर चले संयुक्त अभियान में RPF और GRP ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 163 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचा लिया. ये सभी बच्चे बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे थे और मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है.

Katni Railway Station पर बड़ा ऑपरेशन, 163 बच्चों की तस्करी का खुलासा! RPF- GRP ने बिछाया जाल,  कैसे बची मासूमों की जिंदगी?
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी3 Mins Read

Updated on: 12 April 2026 3:01 PM IST

MP News: कटनी रेलवे स्टेशन पर रातभर चले संयुक्त अभियान में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे करीब 163 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचा लिया. इस मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जो बच्चों के साथ बिना टिकट और वैध दस्तावेजों के यात्रा कर रहे थे.

The Telegraph की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर डिवीजन के तहत आने वाले कटनी जंक्शन पर की गई, जिसे देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक माना जाता है.

जांच में क्या आया सामने?

रेलवे सुरक्षा बल कटनी के निरीक्षक वीरेंद्र सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि बच्चों को बिहार के अररिया क्षेत्र से महाराष्ट्र के लातूर ले जाया जा रहा था. उन्होंने बताया कि आरपीएफ को पहले से ही संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी, जिसके बाद जांच में यह पाया गया कि यात्रियों के पास कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे. इसके बाद रात करीब 8:30 बजे संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया गया, जो रविवार तड़के तक जारी रहा. सभी बच्चों की उम्र 6 से 13 वर्ष के बीच बताई गई है.

अधिकारियों के मुताबिक, राजकीय रेलवे पुलिस ने बिहार के विभिन्न जिलों से आए आठ आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(4) के तहत मामला दर्ज किया है. यह धारा 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की तस्करी से संबंधित है, जिसमें कम से कम 10 वर्ष की कठोर कैद और आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है.

किस मकसद से बच्चों को ले जाया जा रहा था?

प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि बच्चों को मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था, हालांकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है. इसके बाद ही पूरा खुलासा हो पाएगा.

कैसे आरोपियों को दबोचा?

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से पहले ही सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में बाहर ले जाया जा रहा है. इसके बाद सुरक्षाकर्मी प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहले से तैनात थे और ट्रेन के पहुंचते ही डिब्बों की तलाशी ली गई, जिसमें बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि सभी बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है और उनके माता-पिता से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. साथ ही उनकी पहचान, उम्र और यात्रा के उद्देश्य की पुष्टि की जा रही है. कुछ बच्चों को कटनी में रखा गया है, जबकि कुछ को जबलपुर में बाल संरक्षण इकाइयों की देखरेख में भेजा गया है.

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