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असम में डबल आफत! पहले Earthquake, फिर Cyclone ने मचाई तबाही; सिलचर में पेड़ उखड़े-बिजली लाइनें टूटीं, कई इलाकों मे छाया अधेरा

असम के कछार जिले में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके कुछ घंटों बाद सिलचर में चक्रवाती तूफान ने भारी तबाही मचाई. तेज हवाओं से पेड़ उखड़ गए, बिजली लाइनें टूट गईं और कई इलाकों में अंधेरा छा गया. प्रशासन ने राहत टीम तैनात कर हालात सामान्य करने की कोशिश शुरू कर दी है.

Silchar cyclone Cachar earthquake
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सिलचर में चक्रवाती तूफान ने मचाई तबाही
( Image Source:  X@WeatherMonitors )

Assam Cachar earthquake Silchar cyclone: दक्षिणी असम के कछार जिला में रविवार सुबह भूकंप और उसके बाद आए चक्रवाती तूफान ने लोगों में दहशत फैला दी. सुबह करीब 9:21 बजे 4.3 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिसके झटके महसूस होते ही लोग डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. हालांकि, भूकंप से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई, लेकिन हाल के दिनों में खराब मौसम झेल रहे लोगों के बीच डर का माहौल बन गया.

भूकंप के कुछ ही घंटों बाद सिलचर और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान ने भारी तबाही मचा दी. तेज हवाओं के कारण शहर के कई हिस्सों में बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं, जिससे कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली गुल हो गई. सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में मालूग्राम, तारापुर और डीसी ऑफिस एन्क्लेव शामिल हैं, जहां दशकों पुराने बड़े पेड़ गिरने से सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं और आसपास की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा.



यातायात हुआ बाधित

सड़कों पर पेड़ गिरने और मलबा फैलने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. इसके बाद प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को मौके पर भेजा, जिन्होंने रास्ते साफ करने और हालात सामान्य करने का काम शुरू किया.

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले भूकंप और फिर तूफान ने हालात और डरावने बना दिए. तारापुर के एक निवासी ने बताया कि “हम अभी भूकंप से संभल ही रहे थे कि तेज हवाओं और बारिश ने अचानक हालात खराब कर दिए. सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए और कई वाहन बाल-बाल बचे.”


अधिकारियों ने क्या बताया?

कछार जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. वहीं बिजली विभाग की टीमें भी तेजी से काम कर रही हैं, लेकिन नुकसान ज्यादा होने के कारण पूरी तरह बिजली बहाल होने में समय लग सकता है.

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