जब डूबने लगी नाव तब दी गई लाइफ जैकेट, जबलपुर क्रूज हादसे में 9 की मौत, लोगों ने बताया अपना दर्द
बरगी बांध में खराब मौसम के दौरान क्रूज नाव पलटने से 9 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हैं. बचे यात्रियों ने लाइफ जैकेट और सुरक्षा इंतजामों की भारी लापरवाही का आरोप लगाया है.
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा चलाई जा रही एक क्रूज नाव गुरुवार शाम को जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में अचानक पलट गई. इस हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है. नाव में कुल 43 यात्री सवार थे, जिनमें चालक दल के सदस्य भी शामिल थे. शाम करीब 6 बजे अचानक मौसम बहुत खराब हो गया. तेज़ आंधी और तूफान आने लगा. हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई. इतनी तेज़ हवा के कारण नर्मदा नदी के बांध के पानी में बड़ी-बड़ी लहरें उठने लगीं. नाव इन तेज़ हवाओं और लहरों की चपेट में आ गई. नाव अस्थिर हो गई, उसका बैलेंस्ड बिगड़ गया और वह अचानक पलट गई. जब नाव पलट रही थी, तब यात्रियों में भगदड़ मच गई और हर तरफ चीख-पुकार होने लगी. लोग खुद को बचाने की कोशिश करने लगे.
बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रबंधन की टीमें और स्थानीय प्रशासन के लोग बचाव कार्य में जुट गए. गुरुवार देर रात तक और शुक्रवार को भी खोज और बचाव अभियान चलाया गया. शुक्रवार को कुछ और शव बरामद होने के बाद मरने वालों की संख्या 9 हो गई. कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.
यात्रियों का आरोप
बच गए कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि नाव में सवार होने के दौरान लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी. जब नाव डूबने लगी और अफरा-तफरी मच गई, तब जाकर लाइफ जैकेट बांटी गईं. एक व्यक्ति जूलियस ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को इस हादसे में खो दिया है. उनकी बेटी और पोता अभी भी लापता हैं. उन्होंने कहा, 'सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं थे. जब नाव डूबने लगी तब जाकर जैकेट दी गई.' एक अन्य बचे व्यक्ति सम्राट ने कहा कि तूफान आने से पहले ही तेज हवाएं चल रही थीं. उन्होंने नाव चालक से वापस लौटने की गुजारिश की थी, लेकिन चालक ने उनकी बात नहीं मानी. नाव बांध के बीचों-बीच पलट गई. उन्होंने बताया कि उन्होंने मिलकर करीब 15-16 लोगों को बचाने में मदद की.
सरकार की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है. राज्य सरकार ने हर मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. इसके अलावा, सरकार ने पूरी घटना की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच में यह देखा जाएगा कि:
क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था?
मौसम खराब होने के बावजूद नाव क्यों नहीं रोकी गई?
लाइफ जैकेट सही समय पर क्यों नहीं दी गई?
बरगी बांध जबलपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. यहां नर्मदा नदी पर क्रूज नाव की सैर पर्यटकों को बहुत पसंद आती है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा की कमियों को उजागर कर दिया है. अभी भी कुछ लोगों की तलाश जारी है और पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है.




