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हल्दी की रस्म बनी मौत का कारण! जहरीले केमिकल से दुल्हन की मौत, नकली हल्दी पर क्या है डॉक्टरों की सलाह

मध्य प्रदेश के खरगोन और इंदौर में हल्दी की रस्म के दौरान मिलावटी हल्दी से गंभीर एलर्जी के मामले सामने आए हैं. एक दुल्हन की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

हल्दी की रस्म बनी मौत का कारण! जहरीले केमिकल से दुल्हन की मौत, नकली हल्दी पर क्या है डॉक्टरों की सलाह
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( Image Source:  AI Created )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 14 May 2026 7:32 PM

मध्य प्रदेश के खरगोन और इंदौर में हाल ही में एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है. शादी-विवाह के दौरान लगाई जाने वाली हल्दी में जहरीला केमिकल मिला होने के कारण एक नई दुल्हन की मौत हो गई, जबकि चार अन्य दूल्हा-दुल्हनों की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. हल्दी, जो भारतीय संस्कृति में पवित्रता, शुभता और परंपरा का प्रतीक मानी जाती है, उसी में मिलावट ने कई परिवारों की खुशियों को अंधेरे में बदल दिया.

खरगोन में हल्दी की रस्म के दौरान दुल्हन को मिलावटी हल्दी लगाई गई. कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इंदौर के एमवाय अस्पताल में भी इसी तरह की चार शिकायतें आईं. इनमें एक मरीज की हालत इतनी खराब हो गई कि डॉक्टरों को उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा.

मरीजों में मुख्य लक्षण थे:

चेहरे पर सूजन

होंठों का फूलना

सांस फूलना

शरीर पर लाल-लाल चकत्ते

बेचैनी और कमजोरी

हिन्दुस्तान के मुताबिक, 'डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में पता चला कि हल्दी में मेटानिल येलो नाम का एक खतरनाक केमिकल मिलाया गया था. यह रंग सस्ता होता है, इसलिए कुछ बेईमान व्यापारी इसे असली हल्दी में मिलाकर ज्यादा मुनाफा कमाते हैं. यह केमिकल खाने और त्वचा पर लगाने दोनों के लिए बेहद हानिकारक है और गंभीर एलर्जी, सांस की तकलीफ और यहां तक कि मौत का कारण बन सकता है.

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

खरगोन के सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने तुरंत टीम भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है. परिवार ने अस्पताल की पर्ची भी दिखाई है, जिसमें साफ लिखा है कि हल्दी से रिएक्शन हुआ है. इस्तेमाल की गई हल्दी का सैंपल फ़ूड डिपार्टमेंट को जांच के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की पूरी डिटेल सामने आएगी. एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने लोगों से अपील की है कि शादी-विवाह या किसी भी त्योहार में इस्तेमाल होने वाली हल्दी हमेशा भरोसेमंद दुकान या ब्रांड से ही खरीदें. अगर हल्दी लगाने के बाद चेहरे पर सूजन, सांस लेने में तकलीफ या चकत्ते दिखें तो बिना देरी किए अस्पताल पहुंचें.

नकली हल्दी की पहचान कैसे करें?

नकली हल्दी से बचने के लिए इन आसान तरीकों से जांच कर सकते हैं:

पानी का टेस्ट: थोड़ी हल्दी एक गिलास साफ पानी में डालें और हिलाएं. असली हल्दी धीरे-धीरे नीचे बैठ जाती है और पानी हल्का पीला हो जाता है. नकली हल्दी में रंग जल्दी घुल जाता है और पानी का रंग तेज पीला या नारंगी हो जाता है.

सफेद कागज या कपड़े पर टेस्ट: हल्दी को थोड़ा गीला करके सफेद कागज या कपड़े पर लगाकर देखें. असली हल्दी पीला निशान छोड़ती है जो आसानी से साफ नहीं होता. मिलावटी हल्दी चमकदार पीला रंग छोड़ती है जो बहुत जल्दी फैल जाता है.

स्वाद और गंध: असली हल्दी की गंध तीखी और प्राकृतिक होती है. स्वाद कड़वा-मीठा होता है. नकली हल्दी में केमिकल की तेज रासायनिक गंध आ सकती है

ब्रांड और पैकिंग: हमेशा FSSAI मार्क वाला पैकेट खरीदें. अच्छे और जाने-माने ब्रांड (जैसे MDH, Everest, या स्थानीय विश्वसनीय विक्रेता) चुनें. खुले में बिकने वाली सस्ती हल्दी से बचें

लैब टेस्ट: अगर शक हो तो नजदीकी खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में सैंपल भेज सकते हैं

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