जबलपुर हादसे की जिस तस्वीर पर रोया देश, वो निकली AI-generated, एक ही लाइफ जैकेट में थे मां-बेटे, दोनों की गई जान
जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक हादसे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई मां-बेटे की इमोशनल तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया. हालांकि बाद में प्रशासन ने साफ किया कि यह तस्वीर AI-जनरेटेड है और असली तस्वीर इससे अलग है. वास्तविकता में मां और बेटा एक ही लाइफ जैकेट में बंधे हुए थे और दोनों की इस हादसे में मौत हो गई.
मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी नदी में 30 अप्रैल को हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इस दुर्घटना में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं, जिनमें से एक मां-बेटे की तस्वीर ने लोगों को बेहद भावुक कर दिया. जिसके बाद हर कोई उस तस्वीर की चर्चा कर रहा है लेकिन क्या आपको बता है कि उस तस्वीर के भी दो रंग है आइए जानते हैं...
वायरल तस्वीर में दिखाया गया कि एक मां अपने बेटे को सीने से लगाए हुए है और उसे दोनों हाथों से थामे हुए है. इस तस्वीर ने लोगों के दिलों को छू लिया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर भावनात्मक रिएक्शन की बाढ़ आ गई. कई लोगों ने इसे मां के प्यार की मिसाल बताते हुए शेयर किया, लेकिन इस तस्वीर की सच्चाई कुछ और ही निकली.
AI-Generated तस्वीर का सच क्या है?
जबलपुर कलेक्टर ने इस वायरल तस्वीर को लेकर साफ किया कि यह फोटो असली नहीं, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाई गई है. यानी जिस तस्वीर पर लोग भावुक हो रहे थे, वह वास्तविक घटना की नहीं, बल्कि तकनीक से तैयार की गई एक काल्पनिक तस्वीर थी.
असली तस्वीर में क्या दिखा?
वहीं, इस हादसे की असली तस्वीर सामने आने पर घटना की भयावहता और भी ज्यादा साफ हो गई. असली फोटो में मां और बेटा एक ही लाइफ जैकेट में है. मां ने अपने बच्चे को उसी लाइफ जैकेट के अंदर सुरक्षित रखने की कोशिश की थी, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों की जान नहीं बच सकी. असली तस्वीर में दोनों के चेहरों पर सूजन दिखाई दे रही थी, जो हादसे की गंभीरता और पानी में लंबे समय तक रहने का संकेत देती है. तस्वीर आपको विचलित कर सकती है इसलिए हम उसे पेश नहीं कर रहे हैं और जबलपुर कलेक्टर को सोशल (क्ष) पर जा करके देख सकते हैं.
दिल्ली के एक ही परिवार के तीन शव
इस हादसे में बात करें दिल्ली के एक परिवार की खुशियों भरी यात्रा बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गई. दिल्ली कैंट इलाके का मैसी परिवार रिश्तेदार के गृह प्रवेश समारोह में शामिल होने जबलपुर गया था. कार्यक्रम के बाद उन्होंने वापसी से पहले घूमने का प्लान बनाया, लेकिन यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा हादसा बन गया. बृहस्पतिवार शाम परिवार करीब 40 लोगों के साथ क्रूज पर सवार हुआ. तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच बरगी बांध पर क्रूज अचानक असंतुलित होकर पलट गया. इस हादसे में मरीना (39), उनका 4 साल का बेटा त्रिशन उर्फ जहां और मरीना की मां मधुर मैसी (62) की मौत हो गई, जबकि परिवार के बाकी सदस्य किसी तरह बच निकले.
मरीना के भाई कुलदीप मोहन के मुताबिक, हादसे से ठीक पहले सब कुछ सामान्य था. मरीना वीडियो कॉल पर परिवार को नजारे दिखा रही थीं, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ा और हालात बेकाबू हो गए. आखिरी बार फोन पर उनकी आवाज आई-“मुझे बचा लो…”, और फिर कॉल कट गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रूज के ऊपरी हिस्से में मौजूद लोग घबराकर नीचे भागने लगे. पानी तेजी से अंदर घुसने लगा. इस बीच मरीना के पति प्रदीप ने हिम्मत दिखाते हुए लाइफ जैकेट ढूंढकर लोगों में बांटना शुरू किया. कुछ लोगों ने जैकेट पहन ली, जबकि कई डर के कारण नदी में कूद गए.
स्थानीय ग्रामीणों ने रस्सियों और बचाव उपकरणों की मदद से कई लोगों की जान बचाई. प्रदीप ने तैरकर खुद और अपनी बेटी को बचा लिया, लेकिन बाकी परिवार के सदस्य क्रूज के नीचे फंस गए. परिजनों ने इस पूरे हादसे के लिए लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि ‘येलो अलर्ट’ के बावजूद यात्रियों को कोई चेतावनी नहीं दी गई. साथ ही, मौके पर पर्याप्त लाइफ जैकेट और स्थायी रेस्क्यू टीम भी मौजूद नहीं थी. घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में पांच और शव बरामद हुए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं. अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और क्रूज स्टाफ के तीन सदस्यों को बर्खास्त कर दिया गया है.




