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विदेश में नौकरी का सपना बना जहन्नुम, दुबई की जगह जबरदस्ती भेजा ओमान, फोन-पासपोर्ट छीना, अब मांगे रहे इतने लाख

विदेश में अच्छी नौकरी की तलाश झारखंड की प्रीति कुजूर के लिए मुश्किलों का सफर बन गई. उनका दावा है कि दुबई भेजने का वादा किया गया, लेकिन उन्हें ओमान पहुंचा दिया गया और अब वापसी के लिए 1.2 लाख रुपये मांगे रहे हैं.

विदेश में नौकरी का सपना बना जहन्नुम, दुबई की जगह जबरदस्ती भेजा ओमान, फोन-पासपोर्ट छीना, अब मांगे रहे इतने लाख
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( Image Source:  chatgpt )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 26 Jun 2026 1:14 PM IST

विदेश जाकर बेहतर जिंदगी और अच्छी कमाई का सपना न जाने कितने लोग देखते हैं. झारखंड की 22 साल की प्रीति कुजूर ने भी यही सपना देखा था. उसे भरोसा दिलाया गया कि दुबई में अच्छी नौकरी मिलेगी, लेकिन उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह सपना कुछ ही दिनों में डर और बेबसी की कहानी बन जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, प्रीति का दावा है कि उसे दुबई की जगह जबरन ओमान भेज दिया गया. वहां पहुंचते ही उनका फोन और पासपोर्ट ले लिया गया और जब उन्होंने भारत लौटने की बात कही तो कथित तौर पर 1.2 लाख रुपये की मांग की गई. अब वह अपने घर लौटने के लिए लगातार मदद की गुहार लगा रही हैं.

दुबई का वादा, लेकिन पहुंचा दिया ओमान

प्रीति कुजूर का आरोप है कि एजेंटों ने उन्हें दुबई में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था. हालांकि, दिल्ली से उड़ान भरने से ठीक पहले उन्हें और सिमडेगा की दो अन्य महिलाओं को बताया गया कि अब उन्हें दुबई नहीं, बल्कि ओमान भेजा जाएगा. विरोध करने पर कथित तौर पर कहा गया कि कुछ महीने ओमान में काम करने के बाद उन्हें दुबई भेज दिया जाएगा. इसी भरोसे पर तीनों महिलाएं फरवरी में ओमान चली गईं.

ओमान पहुंचते ही छीन लिए फोन और पासपोर्ट

प्रीति का दावा है कि ओमान पहुंचने के बाद लोकल एजेंट उन्हें एयरपोर्ट से सीधे एक ठिकाने पर ले गए, जहां उनके फोन और पासपोर्ट अपने पास रख लिए गए. उनका कहना है कि कई दिनों तक उन्हें बाहर जाने नहीं दिया गया. बाद में अलग-अलग घरों में घरेलू काम के लिए भेज दिया गया.

घर लौटने के लिए मांगे जा रहे पैसे

प्रीति का आरोप है कि जब उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई तो एजेंटों ने कहा कि पहले भर्ती और ट्रैवल पर खर्च हुए करीब 1.2 लाख रुपये चुकाने होंगे, तभी उन्हें वापस जाने दिया जाएगा. उनका यह भी कहना है कि उनसे तय काम से कहीं ज्यादा काम कराया जा रहा है.

क्या वापस लौट पाएगी प्रीति?

प्रीति के साथ ओमान गईं रेखा केरकेट्टा किसी तरह अपने परिवार की मदद से करीब 1.4 लाख रुपये खर्च कर भारत लौट आईं. लेकिन प्रीति अब भी वहीं फंसी हुई हैं. उन्होंने बताया कि उनके साथ केरल की एक महिला भी है, जिसकी तबीयत लगातार खराब हो रही है. प्रीति की बस एक ही इच्छा है कि वह सुरक्षित अपने गांव और परिवार के बीच लौट सकें. इस मामले के सामने आने के बाद झारखंड श्रम विभाग की प्रवासी श्रमिक सेल ने प्रीति से कॉन्टैक्ट किया है. विभाग के अनुसार, भारतीय दूतावास से भी सहायता मांगी गई है और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है.

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