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पेट्रोल बम, फर्जी आधार, पाक लिंक और '333' ब्रांडिंग, रांची RSS दफ्तर पर हुए हमले में क्या हुए खुलासे?
रांची के RSS कार्यालय पर हमले की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने होटल के कमरे में बैठकर कथित साजिश रची, फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया और पेट्रोल समेत अन्य सामान खरीदे.
Ranchi RSS office Attacked: रांची के निवासपुर स्थित आरएफएसएल कार्यालय पर हमले के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. पुलिस की जांच में पता चला है कि कथित साजिश की पटकथा किसी सुनसान ठिकाने पर नहीं, बल्कि रांची के एक होटल के कमरे में लिखी जा रही थी. आरोपियों ने कथित तौर पर वारदात को अंजाम देने से पहले होटल में ठहरकर पूरी योजना बनाई और जरूरी सामान जुटाए.
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियां अब संभावित आतंकी नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने वाले तंत्र की भी पड़ताल कर रही हैं. पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो इस मामले को महज एक स्थानीय आपराधिक घटना से कहीं अधिक गंभीर बना सकते हैं.
मामले में अब तक क्या खुलासे हुए?
- पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अमन अशरफ ने बताया कि 16 जून की शाम उसे चोरी के आरोपी बुलबुल उर्फ ने रांची के एक होटल में बुलाया था.
- दोनों ने कांटाटोली स्थित रेखा इन होटल के कमरे नंबर 202 में ठहरकर कथित रूप से वारदात की योजना बनाई.
- जांच में सामने आया कि होटल में ठहरने के लिए वर्ष 2023 का कथित फर्जी आधार कार्ड इस्तेमाल किया गया था. आरोपियों ने एक दुकान से खाली बोतलें, करीब 130 रुपये का पेट्रोल, लाल रंग का पेंट और जूट का बोरा खरीदा था.
- गिरफ्तार आरोपी अमन अशरफ उर्फ मुन्ना और सैफ अशरफ लोहरदगा के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों के घरों पर जाकर जांच की और परिजनों से पूछताछ की.
- अमन का परिवार लोहरदगा की न्यू आजाद बस्ती में रहता है, जहां उसका दो मंजिला मकान है. सैफ का परिवार लोहरदगा नगर थाना क्षेत्र में रहता है. पूछताछ के दौरान सैफ के घर पर केवल महिलाएं मौजूद थीं.
- पूछताछ में अमन ने दावा किया कि भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान और दुबई में इस्तेमाल किए जा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, अमन ने बताया कि उससे भारतीय सिम कार्ड की मांग की गई थी.
- जांच में लोहरदगा निवासी हैदर अली का नाम भी सामने आया है, जिस पर सिम कार्ड उपलब्ध कराने का आरोप है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर भेजे गए सिम कार्ड का इस्तेमाल किन लोगों ने और किस उद्देश्य से किया.
- पुलिस ने मामले में लश्कर-ए-तैयबा समर्थक बताए जा रहे सुजान नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियां आरोपियों और कथित विदेशी हैंडलरों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं.
- पुलिस के अनुसार, पैसों के लालच में युवाओं को इस तरह की गतिविधियों में शामिल किए जाने की आशंका की भी जांच हो रही है.
- जांच में पाकिस्तान के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शाहजाद भट्टी का नाम भी सामने आया हैय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उसकी संभावित भूमिका की जांच कर रही हैं.
- शाहजाद भट्टी सोशल मीडिया पर ‘333’ ब्रांडिंग का इस्तेमाल करता है. भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क युवाओं को प्रभावित कर उन्हें अपराध और कट्टरपंथ की ओर धकेलने का माध्यम बन सकता है.
- जांच एजेंसियों का दावा है कि ऐसे नेटवर्क सोशल मीडिया पर नाराज, बेरोजगार या सिस्टम से असंतुष्ट युवाओं को तलाशते हैं. शुरुआत में उन्हें छोटे और कम जोखिम वाले काम सौंपे जाते हैं. भरोसा बनने के बाद उन्हें कथित तौर पर बड़े नेटवर्क से जोड़ा जाता है.




