300 रुपये में टेलीग्राम में बेची जा रही थी मासूमों की अश्लील वीडियो; झारखंड CID ने ऐसे किया रैकेट का भंडाफोड़
झारखंड CID ने गिरिडीह में बच्चों की अश्लील सामग्री बेचने वाले अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन रैकेट का खुलासा किया है. आरोपी टेलीग्राम के जरिए ओमान, UAE और बांग्लादेश तक वीडियो बेच रहे थे.
झारखंड के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बच्चों के साथ अत्याचार की एक बेहद बड़ी और अमानवीय ऑनलाइन गैंग का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह के सदस्य बच्चों की अश्लील वीडियो (चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेटिव एंड एब्यूज मटेरियल) बनाते या इकट्ठा करते थे और इन्हें विदेशों में ऑनलाइन बेचते थे. इस मामले में CID की टीम ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए दोनों आरोपी झारखंड के गिरिडीह जिले के रहने वाले हैं. इनकी पहचान वहाब अंसारी और हसन राजा के रूप में हुई है. दोनों ही काफी शातिर और संगठित तरीके से इस गंदे धंधे को चला रहे थे. CID की टीम ने गिरिडीह जिले के कोल्डीह इलाके से इन्हें दबोचा.
कैसे चल रहा था यह रैकेट?
आरोपियों का गिरोह पूरे देश के अलग-अलग राज्यों से बच्चों की अश्लील वीडियो हासिल करता था. इसके बाद ये वीडियो टेलीग्राम और टेलीग्राफ जैसे ऐप्स और चैनलों के जरिए विदेशों में बेचे जाते थे. मुख्य खरीदार ओमान, बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के लोग थे. ये लोग महज 300 रुपये जैसी छोटी राशि लेकर बच्चों के भविष्य और सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहे थे. पूरी वीडियो बेचने के लिए वे बहुत चालाक तरीका अपनाते थे. पहले वे वीडियो की छोटी-छोटी क्लिप (ट्रेलर) टेलीग्राम पर डाल देते थे. जब कोई ग्राहक पूरी वीडियो देखना चाहता तो पैसे मांगे जाते. पेमेंट मिलते ही आरोपी पूरी वीडियो का लिंक भेज देते थे.
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
झारखंड CID के साइबर क्राइम थाने में केस नंबर 41/26 के तहत यह कार्रवाई की गई. छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, अन्य डिजिटल डिवाइस और भारी मात्रा में बच्चों की अश्लील वीडियो बरामद किए गए. इसके अलावा, कुछ संदिग्ध बैंक खातों की भी जानकारी मिली है, जिनके जरिए इस अवैध धंधे का पैसा लेन-देन होता था.
CID की अपील
इस सफलता के बाद झारखंड CID ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी ऑनलाइन बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री या इसके कारोबार की कोई जानकारी मिले तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के 'वूमेन एंड चाइल्ड' सेक्शन में शिकायत दर्ज कराएं. छोटी-सी जानकारी भी बड़े अपराधियों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है.




