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तेल के कुएं से आपकी गाड़ी तक! कैसे पहुंचता है पेट्रोल और डीजल; आंकड़ों में समझिए पूरा खेल

एक लीटर पेट्रोल आपकी बाइक या कार तक कैसे पहुंचता है? कच्चे तेल की खरीद से लेकर रिफाइनरी, पाइपलाइन, फ्यूल टैंकर और पेट्रोल पंप तक की पूरी प्रक्रिया को आंकड़ों में समझिए.

तेल के कुएं से आपकी गाड़ी तक! कैसे पहुंचता है पेट्रोल और डीजल; आंकड़ों में समझिए पूरा खेल
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समी सिद्दीकी
By: समी सिद्दीकी1 Mins Read

Published on: 17 May 2026 2:24 PM

दुनिया भर में हर दिन करीब 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल निकाला जाता है. भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% तेल विदेशों से आयात करता है. सबसे ज्यादा तेल रूस, इराक, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों से आता है. आइये डेटा से समझते हैं. जमीन से निकलने वाले तेल का इस्तेमाल कैसे किया जाता है.

1- तेल के कुए से कच्चे तेल की सप्लाई

सबसे पहले कच्चे तेल के कुए से तेल की सप्लाई होती है और इसके बाद यह तेल के टैंकर्स के जरिए भारत पहुंचता है. तेल को डॉलर प्रति बैरल के दाम पर खरीदा जाता है. 1 बैरल तेल 159 लीटर के बराबर होता है.

2-कच्चे तेल की प्रोसेसिंग होती है

इसके बाद कच्चे तेल की प्रोसेसिंग की जाती है. जिसमें से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी को अलग किया जाता है.

3-प्रोसेस के बाद देश भर में सप्लाई

कच्चे तेल को रिफाइन करने के बाद जरूरत के हिसाब से इसे अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जाता है. पेंट्रोल और डीजल को पंप्स पर ट्रक्स के जरिए भेजा जाता है.

4- भारत में एक दिन में कितने तेल की खपत होती है?

भारत में सबसे ज्यादा खपत डीजल की होती है, इसके बाद पेट्रोल की खपत सबसे ज्यादा होती है.

5- किन इलाकों में सबसे ज्यादा खपत होती है?

सबसे ज्यादा खपत दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में होती है.

6- कैसे तय होती है कीमतें?

पेट्रोल और डीजल की कीमतें कच्चे तेल, टैक्स और ट्रांसपोर्ट चार्जेस को मिलाकर तय की जाती है.

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