बारिश में गुरुग्राम की सड़कें लबालब, Cars24 ने उतार दी बोट, देना पड़ गया इतने हजार का चालान
Cars 24 कंपनी को गुरुग्राम में बारिश के पानी से भरी सड़क पर बोट चलाना महंगा पड़ा. कंपनी को इसके लिए 50,000 का चालान भरना पड़ा. एक यूजर ने लिखा कि बिहार में 70 के दशक में आई बाढ़ में बोट चलाई थी तो उस पर भी चालान लगाना चाहिए था.
सेकेंड हैंड कारों को खरीदने और बेचने की सुविधा देने वाली कंपनी Cars 24 को गुरुग्राम में पानी भरी हुई सड़क पर बोट चलाना भारी पड़ गया. कंपनी को इसके लिए 50000 का चालान भरना पड़ा. कंपनी की ब्रांड और क्रिएटिव कम्यूनिकेशन की हेड प्राची शर्मा ने लिंक्डइन पोस्ट में यह जानकारी साझा की है.
प्राची ने लिखा, 'यह घटना तब घटी जब कंपनी ने मानसून के दौरान शहर के संकट का मजाक बनाते हुए गुड़गांव की पानी भरी सड़क पर एक नीले रंग की बोट को उतारा. हालांकि इसे एक मार्केटिंग स्टंट के रूप में देखा जा रहा है. कंपनी की इस पहल से उन लोगों को फायदा हुआ जो सड़क पर पैदल जाने वाले थे और सड़क पर जाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. यह मजाक इस समय मजाक नहीं रह गया जब आने जाने वाले लोगों ने इसे सड़क पार करना का साधन बना लिया.'
प्राची ने लिखा, 'हमने एक जोक के आधार पर बोट को सड़क पर उतारा था लेकिन यह जोक तब मजाक नहीं रहा जब लोगों ने इसे अपने आने जाने का सबसे आसान साधन बना लिया. इस बोट के लिए हमें पे करना पड़ा. चालान भी भरना पड़ा. उन्होंने कहा कि यह बात अब सही लोगों तक पहुंचनी चाहिए.
इस पोस्ट के बाद इसकी सोशल मीडिया पर बहुत चर्चा हो रही है. एक यूजर ने लिखा, चालान नकली नहीं है उसे भी पोस्ट करना चाहिए. किस सेक्शन के तहत चालान दिया गया है वो भी बताना चाहिए. ये बोट है मोटर व्हीकल नहीं. भले ही यह सुर्खियों में रही हो लेकिन असल बात है कि यह लोगों के लिए उपयोगी थी.
दूसरे ने लिखा, जब कोई मजाक किसी वास्तविक समस्या का समाधान करने लगता है, तो यह अभियान की तुलना में बुनियादी ढांचे के बारे में अधिक बताता है. तीसरे यूजर ने लिखा, 70 के दशक में जब पटना में बाढ़ आई थी तो वहां भी बोट चलाई गई थी, वहां पर चालान क्यों नहीं किया गया.




