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क्या 50 पार कर गया है तापमान, दिल्ली-NCR से लेकर पूरे उत्तर भारत में गर्मी का ऐसा कहर, आखिर क्या है वजह?

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में लोगों को इन दिनों 50 डिग्री जैसी भीषण गर्मी का एहसास हो रहा है, जबकि वास्तविक तापमान इससे काफी कम है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी बड़ी वजह हवा में बढ़ी नमी और मानसून की देरी है, जिसने गर्मी को और ज्यादा असहनीय बना दिया है.

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क्या होता है 'फील्स लाइक' टेंपरेचर

( Image Source:  ANI )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत4 Mins Read

Updated on: 29 Jun 2026 11:10 AM IST

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है. हालांकि मौसम विभाग के रिकॉर्ड में अधिकतम तापमान करीब 41 से 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो रहा है, लेकिन हवा में ज्यादा नमी के कारण लोगों को 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक जैसी तपिश महसूस हो रही है. यानी थर्मामीटर कुछ और बता रहा है, जबकि शरीर पर गर्मी का असर कहीं ज्यादा पड़ रहा है.

दरअसल, इसे 'फील्स लाइक' या हीट इंडेक्स कहा जाता है. अधिक नमी के कारण शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूख पाता, जिससे शरीर ठंडा नहीं हो पाता और गर्मी कई गुना ज्यादा महसूस होती है. आइए जानते हैं कि आखिर इस समय इतनी भीषण गर्मी की वजह क्या है और आने वाले दिनों में राहत मिलने की कितनी उम्मीद है.

क्या होता है 'फील्स लाइक' टेंपरेचर?

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मौसम विभाग केवल वास्तविक तापमान ही नहीं, बल्कि 'हीट इंडेक्स' या 'फील्स लाइक' तापमान भी मापता है. यह बताता है कि मौसम इंसान को असल में कितना गर्म महसूस हो रहा है. इसमें तापमान के साथ हवा में मौजूद नमी भी शामिल होती है. जब ह्यूमिडिटी ज्यादा होती है, तो शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता है. इससे शरीर ठंडा नहीं हो पाता और गर्मी वास्तविक तापमान से कहीं अधिक महसूस होती है.

40 डिग्री में 50 डिग्री जैसी गर्मी क्यों महसूस हुई?

रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन शाम के समय 'फील्स लाइक' तापमान 50 डिग्री से भी ऊपर पहुंच गया. इसकी वजह दिनभर 37 से 70 प्रतिशत के बीच रही नमी थी. अधिक नमी के कारण शरीर की नैचुरल ठंडक बनाए रखने के प्रोसेस पर असर पड़ा, जिससे लोगों को तेज उमस और असहनीय गर्मी का सामना करना पड़ा.

मानसून की देरी ने बढ़ाई परेशानी

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आमतौर पर जून के आखिर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली पहुंच जाता है, जिससे तापमान में गिरावट आने लगती है. लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाएं अभी भी गर्मी बढ़ा रही हैं, जबकि अरब सागर से आने वाली नम हवाएं वातावरण में नमी बढ़ा रही हैं. इन दोनों तरह की हवाओं के मिलने से बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो पा रही है.

क्या आने वाले दिनों में मिल सकती है राहत?

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मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है. सोमवार तक तापमान 40 से 42 डिग्री के आसपास रह सकता है, लेकिन मंगलवार से इसमें धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है. यदि बारिश की गतिविधियां बढ़ती हैं, तो जुलाई की शुरुआत तक अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है.

उत्तर भारत में कैसा है मौसम?

उत्तर भारत के कई इलाकों में अभी भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. साथ ही कई जगहों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने से मौसम में कुछ राहत मिल सकती है.

बचाव के लिए क्या करें?

  • दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें.
  • पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस जैसे तरल पदार्थ पीते रहें.
  • हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें.
  • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि उमस वाली गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है.
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