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872 दिन जेल में बिताने के बाद अब किस मामले में गिरफ्तार हुए AAP के नेता सत्येंद्र जैन? 18 अक्टूबर 2024 को मिली थी रिहाई

दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. जहां उन्हें 18 अक्टूबर 2024 को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया था वहीं आज 18 अगस्त को दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सत्येंद्र जैन समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है.

872 दिन जेल में बिताने के बाद अब किस मामले में गिरफ्तार हुए AAP के नेता सत्येंद्र जैन? 18 अक्टूबर 2024 को मिली थी रिहाई
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दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. जहां उन्हें 18 अक्टूबर 2024 को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया था वहीं आज 18 अगस्त को दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सत्येंद्र जैन समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव और तीन निजी कंपनियों से जुड़े लोग भी शामिल हैं.

ये 6 लोग गिरफ्तार

सत्येंद्र कुमार जैन - दिल्ली सरकार के पूर्व जल मंत्री

उदित प्रकाश राय (IAS)- दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO

अंकित श्रीवास्तव- दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार

नागेंद्र यादव- M/s AN Enterprises के प्रोपराइटर

राजा कुमार कुर्रा - M/s Euroteck Environment Pvt. Ltd. के मालिक

पंकज वर्मा - M/s Srijanhar के प्रोपराइटर

किस मामले में गिरफ्तार हुए सत्येंद्र जैन?

यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) के विस्तार और अपग्रेडेशन के लिए हुई टेंडर प्रक्रिया में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से जुड़ा है. ACB के अनुसार, मामले में टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर, प्रक्रिया को प्रभावित करने और आपराधिक साजिश के आरोपों की जांच की जा रही है. यह केस दिल्ली सरकार के निदेशालय सतर्कता (Directorate of Vigilance) की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था.

ACB ने बताया कि इस मामले में FIR नंबर 10/2024 को 11 मई 2024 को दिल्ली के भ्रष्टाचार निरोधक शाखा थाने में दर्ज किया गया था. FIR में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ IPC की धारा 420, 409, 418 और 120-B भी लगाई गई हैं. जांच का मुख्य केंद्र दिल्ली जल बोर्ड के STP प्रोजेक्ट्स की टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और उससे जुड़े लोगों की भूमिका है.

इस मामले में सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह उस समय दिल्ली सरकार में जल मंत्री रह चुके थे. अब ACB की कार्रवाई के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है कि दिल्ली जल बोर्ड के इन प्रोजेक्ट्स में कथित अनियमितताएं कैसे हुईं, टेंडर की शर्तों में क्या बदलाव किए गए और इस पूरी प्रक्रिया में पूर्व मंत्री समेत अन्य आरोपियों की कथित भूमिका क्या रही.

सत्येन्द्र जैन कि गिरफ्तारी पर क्या बोले अरविंद केजरीवाल?

सत्येन्द्र जैन की गिरफ्तारी पर अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि, सत्येन्द्र जैन जी को एक बार फिर बीजेपी ने गिरफ्तार करवा दिया है. अभी कुछ वक्त पहले इन लोगों ने जेल में डालकर उनकी जो दुर्दशा की थी, वह सबको याद है. पिछला केस भी फर्जी था और यह केस भी फर्जी साबित होगा.

आखिर कब तक बीजेपी की ये तानाशाही चलती रहेगी? जिसे मन करता है, झूठे आरोप लगाकर जेल में डाल देते हैं. इनका झूठ एक बार फिर देश के सामने आएगा, लेकिन जेल में बिताए उस वक्त और मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा? बीजेपी के पाप का घड़ा अब भर चुका है. ये चाहे जितनी तानाशाही कर लें, अब मोदी सरकार का अंत तय है. पूरी आम आदमी पार्टी और देश की जनता सत्येन्द्र जैन जी के साथ मज़बूती से खड़ी है.

दिल्ली जल बोर्ड मामले में क्या है पूरा विवाद?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, दिल्ली के 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को अपग्रेड करने के लिए जारी टेंडरों की शर्तों में कथित तौर पर इस तरह बदलाव किए गए जिससे कुछ चुनिंदा कंपनियों को फायदा मिल सके. ED के अनुसार, इन चार टेंडरों की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 1,546 करोड़ रुपये थी, जिसे बाद में बढ़ाकर करीब 1,943 करोड़ रुपये किया गया. एजेंसी ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के जरिए एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया.

इस केस में सत्येंद्र जैन का नाम क्यों आया?

सत्येंद्र जैन उस समय दिल्ली सरकार में मंत्री और दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन रह चुके थे. ED की जांच में उनका नाम भी आरोपियों में शामिल किया गया. दिसंबर 2025 में ED ने सत्येंद्र जैन समेत 14 आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की. एजेंसी ने मामले में करीब 17.70 करोड़ रुपये के कथित अपराध से अर्जित धन का जिक्र किया और करीब 15.36 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच किए जाने की जानकारी दी. हालांकि, AAP ने इन आरोपों को राजनीतिक कार्रवाई बताया है और जैन के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है.

सत्येंद्र जैन की पहली गिरफ्तारी कब हुई थी?

सत्येंद्र जैन की चर्चित गिरफ्तारी 30 मई 2022 को हुई थी. उस समय ED ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था. यह मामला कथित तौर पर उनसे जुड़ी कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से संबंधित था. यानी यह समझना जरूरी है कि 2022 की गिरफ्तारी दिल्ली जल बोर्ड के मौजूदा मामले में नहीं हुई थी. जल बोर्ड से जुड़े मामले में बाद में ACB की FIR के आधार पर ED ने अलग से जांच आगे बढ़ाई.

जेल में रहने के दौरान क्या हुआ?

गिरफ्तारी के बाद सत्येंद्र जैन लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहे. हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी आधार पर उन्हें अंतरिम/मेडिकल जमानत भी मिली थी. सुप्रीम कोर्ट के मार्च 2024 के आदेश में दर्ज है कि उन्हें 30 मई 2022 को मेडिकल ग्राउंड पर रिहाई मिली थी, जिसके बाद उन्हें दोबारा सरेंडर करने का निर्देश दिया गया. इसके बाद वह दोबारा जेल गए और करीब 18 महीने से अधिक समय जेल में रहने के बाद अक्टूबर 2024 में उन्हें नियमित जमानत मिली.

जेल से कब बाहर आए सत्येंद्र जैन?

18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी. इसके बाद वह तिहाड़ जेल से बाहर आए. उस समय वह मई 2022 से जेल में थे, हालांकि बीच में मेडिकल बेल की अवधि भी रही थी.

दिल्ली जल बोर्ड केस में जांच कहां तक पहुंची?

दिल्ली जल बोर्ड मामले में ED ने जांच आगे बढ़ाते हुए दिसंबर 2025 में सत्येंद्र जैन समेत 14 लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की. एजेंसी का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर कर एक कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और कथित तौर पर करीब 17.70 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित रकम बनी. इस मामले में सत्येंद्र जैन की भूमिका को लेकर आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है. इसलिए मौजूदा रिपोर्टिंग में आरोपों को तथ्य के रूप में पेश करने के बजाय जांच एजेंसी के दावों के तौर पर लिखना जरूरी है.

अब ACB की नई गिरफ्तारी के दावे पर क्या स्थिति है?

AAP की ओर से सत्येंद्र जैन की ACB द्वारा नई गिरफ्तारी का दावा किया गया है. लेकिन इस दावे की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उन्हें किस FIR, किस धाराओं और किस कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया गया है. इसलिए फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि सत्येंद्र जैन का दिल्ली जल बोर्ड केस से संबंध जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में पहले से मौजूद है, लेकिन 2022 की उनकी गिरफ्तारी इसी मामले में नहीं हुई थी. 2022 में ED ने उन्हें दूसरे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था और अक्टूबर 2024 में वह जमानत पर जेल से बाहर आए थे.

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