एक दिन में Pink Card को कितनी बार कर सकते हैं इस्तेमाल? रेखा गुप्ता ने वीडियो जारी कर सभी Confusion किए दूर- FAQ
दिल्ली सरकार के ‘सहेली स्मार्ट पिंक कार्ड’ को लेकर फैली अफवाहों पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद सामने आकर सफाई दी है. उन्होंने साफ किया कि महिलाएं दिन में जितनी बार चाहें बस बदलकर सफर कर सकती हैं, उनका ट्रैवल पूरी तरह मुफ्त रहेगा.
दिल्ली की महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को और ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. 'सहेली स्मार्ट पिंक कार्ड' योजना के तहत अब महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन इस बार तकनीक के जरिए हर सफर का सटीक रिकॉर्ड भी रखा जाएगा. आइए इस खबर में पिंक कार्ड को लेकर सभी सवालों के जवाब और साथ की क्या-क्या अफवाहें फैल रही हैं सब जानते हैं?
क्या बस बदलने पर पिंक कार्ड काम नहीं करेगा?
इस सवाल पर खुद रेखा गुप्ता ने साफ जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह अफवाह है. उनके मुताबिक, अगर कोई महिला एक बस से दूसरी या तीसरी बस में भी ट्रांसफर करती है, तब भी उसका सफर पूरी तरह मुफ्त रहेगा. उन्होंने इसे 'blatant lie' बताते हुए कहा कि 'चाहे आप 5 मिनट यात्रा करें या 10 मिनट, और उसके बाद दूसरी या तीसरी बस लें. आपका सफर पूरी तरह मुफ्त रहेगा.'
क्या यह सिर्फ राजनीतिक प्रोपेगेंडा है?
मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर इसे राजनीतिक साजिश बताया. उनका कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं ताकि योजना को बदनाम किया जा सके. उन्होंने कहा कि 'कुछ लोग राजनीतिक प्रोपेगेंडा के लिए झूठ फैला रहे हैं कि बस बदलने पर कार्ड काम नहीं करेगा. यह पूरी तरह गलत है. आप खुद इस्तेमाल करके देखिए, यह 100% काम करेगा.”
दिल्ली में महिलाएं कितनी बस यात्राएं करती हैं?
Delhi Transport Corporation के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में रोजाना करीब 45 लाख बस यात्राएं होती हैं. इनमें से लगभग 20 लाख यात्राएं महिलाओं द्वारा की जाती हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि DTC बसें रोजाना 4.5 मिलियन ट्रिप करती हैं, जिनमें लगभग 2 मिलियन हमारी बहनों की हैं.' उन्होंने यह भी माना कि पहले इन यात्राओं का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड नहीं होता था, जिससे पारदर्शिता की कमी रहती थी.
पिंक कार्ड से क्या होगा फायदा?
‘सहेली स्मार्ट पिंक कार्ड’ का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब हर यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा. इससे सरकार सीधे भुगतान करेगी और बीच में किसी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं रहेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि 'हर बार जब आप बस में सफर करेंगी, आपका खर्च रिकॉर्ड होगा. सरकार सीधे भुगतान करेगी. बिना किसी भ्रष्टाचार और बिना किसी व्यक्तिगत लाभ के.”
कितने समय तक बनेंगे पिंक कार्ड?
दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि पिंक कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अगले तीन महीनों तक जारी रहेगी. महिलाओं से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'आपको घबराने की जरूरत नहीं है. लंबी लाइनों में खड़े होने की भी जरूरत नहीं है. आराम से अपना पिंक कार्ड बनवाइए और जितनी बार चाहें मुफ्त यात्रा कीजिए.'
पिंक कार्ड क्या है?
'सहेली स्मार्ट पिंक कार्ड' दिल्ली सरकार की एक खास योजना है, जिसे महिलाओं को सार्वजनिक बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के लिए शुरू किया गया है. यह कार्ड डिजिटल सिस्टम से जुड़ा होता है, जिससे हर यात्रा का रिकॉर्ड रखा जाता है और सरकार सीधे किराया वहन करती है.
पिंक कार्ड कैसे काम करता है?
- यह कार्ड बस में चढ़ते समय स्कैन किया जाता है.
- हर बार यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड बनता है
- सिस्टम ऑटोमैटिकली किराया कैलकुलेट करता है
सरकार सीधे ट्रांसपोर्ट विभाग को भुगतान करती है यानी महिला यात्रियों को कोई पैसा देने की जरूरत नहीं होती, पूरा खर्च सरकार उठाती है.
क्या बस बदलने पर भी यह कार्ड काम करेगा?
हाँ, बिल्कुल. अगर कोई महिला एक बस से उतरकर दूसरी या तीसरी बस में सफर करती है, तब भी पिंक कार्ड पूरी तरह काम करेगा और यात्रा मुफ्त ही रहेगी.
कौन-कौन पिंक कार्ड का उपयोग कर सकता है?
दिल्ली में रहने वाली सभी महिलाएं
छात्राएं, नौकरीपेशा महिलाएं, गृहिणियां
किसी भी आय वर्ग की महिला (कोई इनकम लिमिट नहीं) यानी यह सुविधा हर महिला के लिए उपलब्ध है.
क्या पिंक कार्ड के लिए कोई शुल्क देना होगा?
नहीं, पिंक कार्ड बनवाने और इस्तेमाल करने के लिए महिलाओं को कोई शुल्क नहीं देना होता. यात्रा पूरी तरह मुफ्त रहती है.
पिंक कार्ड कैसे बनवाएं?
- निर्धारित केंद्रों या कैंप में आवेदन करना होता है
- जरूरी पहचान पत्र देना होता है
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्ड जारी कर दिया जाता है
क्या यह सुविधा हर बस में मिलेगी?
यह सुविधा मुख्य रूप से दिल्ली की सरकारी बसों, खासकर DTC और क्लस्टर बसों में उपलब्ध है.
क्या पिंक कार्ड की कोई समय सीमा है?
फिलहाल सरकार ने कार्ड बनाने की प्रक्रिया सीमित समय (जैसे 3 महीने) तक चलाने की बात कही है, लेकिन योजना लंबे समय तक जारी रहने की संभावना है.




