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दिल्ली चुनाव में कांग्रेस की 'छीछालेदर'! बिहार में अपने पुराने पार्टनर को कितना भाव देगी RJD?

दिल्ली चुनाव के बाद इस साल के अंत में बिहार विधानसभा का चुनाव होने वाला है. ऐसे में कहा जा रहा है कि हरियाणा और दिल्ली में कांग्रेस के छिछालेदर के बाद बिहार में RJD ज्यादा सीट नहीं दे सकती है तो वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कहा जा रहा है कि कांग्रेस कम से कम 100 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है.

दिल्ली चुनाव में कांग्रेस की छीछालेदर! बिहार में अपने पुराने पार्टनर को कितना भाव देगी RJD?
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 13 Feb 2025 3:17 PM IST

Bihar Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव खत्म हो गया है और बहुमत भाजपा को मिला है. अब बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और RJD के बीच चर्चा तेज हो गई है. हरियाणा और दिल्ली में कांग्रेस की हार को देखते हुए, RJD उसे ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं हो सकती है. माना जा रहा है कि कांग्रेस की हार के कारण उसे ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है, जिससे सीट बंटवारे में चुनौती आ सकती है.

इस साल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अभी से ही सीटों की मांग शुरू कर दी है. कांग्रेस ने प्रेशर पॉलिटिक्स के तहत राजद पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. 2020 के चुनाव में कांग्रेस ने महागठबंधन के तहत 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, और अब वह उसी फॉर्मूले के तहत चुनाव लड़ने की मांग कर रही है. लेकिन हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस को अच्छा परिणाम न मिलने पर बिहार विधानसभा चुनाव में इसका साइड इफेक्ट देखने को मिल सकता है.

कब होगा बिहार में चुनाव?

बिहार में इस साल नवंबर में चुनाव होने की संभावना है. यहां भाजपा को जेडी(यू) के साथ गठबंधन में, राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन की तुलना में मजबूत स्थिति में देखा जा रहा है, जिसमें पराजित कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल हैं. महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में भाजपा की जीत से मिली गति को देखते हुए, एनडीए ने बिहार की 243 सीटों में से 225 सीटें जीतने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है.

NDA और RJD की चुनावी तैयारी

नीतीश कुमार ने चुनाव की तैयारी में 'प्रगति यात्रा', 'नारी शक्ति रथ यात्रा', 'कर्पूरी रथ यात्रा', 'अंबेडकर रथ यात्रा' और 'अल्पसंख्यक रथ' चलाए हैं, जो विभिन्न समूहों को जोड़ने का प्रयास है. राजद के तेजस्वी यादव ने 'कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद' कार्यक्रम के तहत दौरे किए हैं और 'माई बहिन मान योजना' के तहत महिलाओं को ₹2,500 मासिक भत्ता, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और पेंशन बढ़ाने का वादा किया है.

एनडीए को भाजपा की ताकत, केंद्रीय बजट में बिहार के लिए लाभ, और इंडिया ब्लॉक की असफलताओं से समर्थन मिला है. दूसरी ओर, राजद 2020 के चुनावों में सबसे अधिक वोट शेयर प्राप्त करने के बाद फिर से मजबूत दावेदारी पेश कर रही है.

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