Zubeen Garg की मौत से क्या है इस महिला का कनेक्शन? आखिरी बार किया सिंगर के साथ कमरा शेयर
गुवाहाटी की सत्र अदालत ने 30 जनवरी 2026 को जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए संगीतकार अमृतप्रवा महंता और दो PSO की जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया मामला बनता है. अभियोजन के अनुसार सिंगापुर में यॉट यात्रा के दौरान जुबीन को अत्यधिक शराब पिलाई गई और सुरक्षा में लापरवाही बरती गई.
गुवाहाटी की सत्र अदालत ने हाल ही में 30 जनवरी 2026 को एक बड़ा फैसला सुनाया है. यह फैसला असम के मशहूर सुपरस्टार सिंगर जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) की मौत से जुड़े मामले में आया है. अदालत ने म्यूजिशियन अमृतप्रवा महंता की जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया. पुलिस ने उन पर हत्या का आरोप लगाया है साथ ही, जुबीन गर्ग के दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) नंदेश्वर बोराह और परेश बैश्य की जमानत याचिकाएं भी अदालत ने ठुकरा दीं. इन दोनों पर आपराधिक साजिश और धन के गबन (क्रिमिनल ब्रेक ऑफ ट्रस्ट) का आरोप है.
अदालत के जज ने कहा कि अमृतप्रवा पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं. ये आरोप ऐसे हैं जिनकी सजा मौत या उम्रकैद तक हो सकती है. अभियोजन पक्ष (प्रॉसिक्यूशन) ने यह साबित किया कि अमृतप्रवा पर प्रथम दृष्टया में मामला बनता है. उन्होंने मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और उसमें सक्रिय भूमिका निभाई, जिसकी वजह से जुबीन गर्ग की मौत हो गई.
पूरा मामला क्या है?
सितंबर 2025 में जुबीन गर्ग सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने गए थे. वहां 19 सितंबर को एक नौका (यॉट) पर वे तैरने गए. तैरते समय वे बेहोश हो गए और डूब गए. अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. पोस्टमॉर्टम में पता चला कि उनके शरीर में बहुत ज्यादा शराब थी. पुलिस का आरोप है कि अमृतप्रवा महंता ने जुबीन को ज्यादा शराब पिलाई. वे उसी होटल के कमरे में उनके साथ ठहरी थी. उन्होंने जुबीन के मैनेजर, आयोजक या पत्नी को यह नहीं बताया कि जुबीन ने कितनी ज्यादा शराब पी है और वे नींद-खाने से वंचित थे. नौका पर भी उन्होंने जुबीन को लाइफ जैकेट के बिना तैरने के लिए इनकरेज किया.
अमृतप्रवा महंता का बचाव क्या था?
उनके वकील ने अदालत में कहा, 'अमृतप्रवा ने असम और बाहर जुबीन के साथ कई बार परफॉर्म किया था. जुबीन उनके लिए पिता समान थे. सिंगापुर जाने पर उन्हें पता चला कि उन्हें जुबीन के साथ ही कमरा मिला है. लेकिन विदेश में आपत्ति जताने की स्थिति नहीं थी, इसलिए वे वहीं रहीं और ज़ुबीन के साथ कमरा शेयर किया. हालांकि उनका कहना है कि उन्हें यॉट यात्रा की जानकारी उन्हें एक दिन पहले मिली. मौत के बाद उन्होंने जुबीन को बचाने की पूरी कोशिश की हाथ डालकर मुंह खोला आदि. जांच पूरी हो चुकी है, आरोपपत्र दाखिल हो गया है. उन पर कोई प्रत्यक्ष अपराध नहीं है, सिर्फ लापरवाही का आरोप है, जो आपराधिक नहीं माना जा सकता. वहीं विशेष लोक प्रॉसिक्यूशन ने कहा, 'अमृतप्रवा को कमरे और यॉट यात्रा की पूरी जानकारी थी. उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जुबीन को लगातार शराब पिलाई (ब्लैक एंड व्हाइट व्हिस्की). यॉट पर उन्होंने किसी को नहीं बताया कि पिछली रात जुबीन ने कितनी शराब पी थी, जिससे वे तैर नहीं पाए. यह अपराध बहुत गंभीर है, समाज पर बुरा असर डालता है. ऐसे लोगों को जमानत नहीं मिलनी चाहिए.
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जुबीन की पत्नी का रुख
जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने जमानत के खिलाफ लिखित आपत्ति दी. उन्होंने कहा कि आरोप बहुत गंभीर हैं, जघन्य अपराध हैं. अगर जमानत मिली तो जांच और मुकदमे पर बुरा असर पड़ेगा, आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. कुल चार लोगों पर हत्या का आरोप है- अमृतप्रवा महंता, श्यामकानु महंता (आयोजक), सिद्धार्थ शर्मा (मैनेजर), शेखर ज्योति गोस्वामी (को-म्यूजिशियन). जुबीन के चचेरे भाई संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप. दो अन्य (श्यामकानु और संदीपन) ने पहले जमानत मांगी थी, लेकिन 22 जनवरी को वापस ले ली. बाकी दो (शर्मा और गोस्वामी) ने अभी जमानत नहीं मांगी.
सिंगापुर की जांच
सिंगापुर में अभी कोरोनर जांच चल रही है. वहां पुलिस ने बताया कि जुबीन ने शराब पी थी, लाइफ जैकेट पहनने से मना किया, और दोस्तों ने उन्हें वापस लाने की कोशिश की लेकिन वे बेहोश हो गए. किसी तरह का दबाव या जबरदस्ती नहीं थी. यह मामला अभी चल रहा है और काफी चर्चा में है, क्योंकि जुबीन गर्ग असम के बहुत बड़े और प्यारे गायक थे. अदालत ने जमानत खारिज करके सख्त रुख अपनाया है.





