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असम में कांग्रेस के काफिले पर पथराव का आरोप, गौरव गोगोई बोले- BJP बिना गुंडों के कुछ नहीं करती; नगांव में क्या हुआ?

असम के नगांव उपचुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस काफिले पर पथराव का आरोप लगा. गौरव गोगोई ने BJP कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए, जांच जारी है.

असम में कांग्रेस के काफिले पर पथराव का आरोप, गौरव गोगोई बोले- BJP बिना गुंडों के कुछ नहीं करती; नगांव में क्या हुआ?
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असम में नगांव लोकसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है. सोमवार को कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी नेताओं के काफिले पर पथराव किया गया. काफिले में असम कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नगांव से कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा समेत कई नेता मौजूद थे.

गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि काफिले को निशाना बनाने वालों में बीजेपी कार्यकर्ता शामिल थे. उन्होंने सोशल मीडिया पर क्षतिग्रस्त कार की तस्वीर और कथित घटना का वीडियो भी साझा किया. कांग्रेस ने इस घटना को लेकर असम सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. हालांकि, पथराव किसने किया और घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं, इसे लेकर जांच और स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है. घटना ऐसे समय हुई है जब 6 अक्टूबर को नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव होना है.

क्या है पूरा मामला?

मामला नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार से जुड़ा है. कांग्रेस नेता और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई पार्टी उम्मीदवार सिबामोनी बोरा के समर्थन में चुनावी कार्यक्रमों में शामिल होने जा रहे थे. उनके साथ पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन समेत कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद थे. कांग्रेस के मुताबिक, समागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के बरमा इलाके में उनके काफिले को कथित तौर पर पथराव का सामना करना पड़ा. स्थानीय रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर बीजेपी समर्थकों ने काले झंडे दिखाए और 'गो बैक' के नारे लगाए. इसके बाद स्थिति बिगड़ने और वाहनों पर पत्थर फेंके जाने की बात सामने आई.

गौरव गोगोई ने क्या आरोप लगाया?

गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा की कार को निशाना बनाया गया. उन्होंने कार की क्षतिग्रस्त तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया कि कांग्रेस के AICC सचिव मनोज चौहान कार के अंदर थे और पत्थर लगने से उनकी पसलियों में चोट आई. गोगोई ने अपने पोस्ट में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को पहले से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कहा गया था, लेकिन स्थिति को बिगड़ने दिया गया. इन आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच के बाद ही साफ होगी.

कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल

घटना के बाद कांग्रेस ने सिर्फ बीजेपी पर आरोप नहीं लगाया, बल्कि चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और नगांव उम्मीदवार के काफिले को निशाना बनाया गया. उन्होंने असम सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए उपद्रवी तत्वों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर आयोग की जिम्मेदारी है. उन्होंने आयोग से कार्रवाई की मांग की. हालांकि, ये कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं. इनके स्वतंत्र सत्यापन या घटना में कथित हमलावरों की राजनीतिक पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.

किस-किस नेता का काफिला था?

कांग्रेस के मुताबिक, जिस काफिले पर कथित पथराव हुआ उसमें कई बड़े नेता मौजूद थे. काफिले में शामिल प्रमुख चेहरे:

  • गौरव गोगोई- असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और सांसद
  • भूपेश बघेल- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री
  • सिबामोनी बोरा- नगांव लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार
  • रकीबुल हुसैन- धुबरी से कांग्रेस सांसद
  • कांग्रेस के अन्य स्थानीय नेता और कार्यकर्ता
  • घटना चुनाव प्रचार के दौरान सामने आई, जब कांग्रेस नेता नगांव में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में कार्यक्रमों में जा रहे थे.

कार में कौन था और क्या नुकसान हुआ?

गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर सिबामोनी बोरा की कार की तस्वीर शेयर की. उनके मुताबिक, कार में AICC सचिव मनोज चौहान मौजूद थे और पत्थर लगने से उन्हें चोट आई. हालांकि, घटना में कितने लोग घायल हुए, वाहनों को कितना नुकसान हुआ और चोटों की मेडिकल स्थिति क्या है, इस पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.

क्या बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ही पथराव किया?

यही इस पूरे विवाद का सबसे अहम सवाल है. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि हमले के पीछे बीजेपी समर्थक या कार्यकर्ता थे. लेकिन अभी यह आरोप जांच के स्तर पर है. स्थानीय रिपोर्टों में कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच तनाव, नारेबाजी और पथराव की बात सामने आई है, लेकिन पथराव की शुरुआत किसने की और इसमें कौन लोग शामिल थे, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. फिलहाल ये आरोप कांग्रेस के आरोपों तक ही है.

गौरव गोगोई ने हिमंत बिस्वा सरमा पर क्या कहा?

गौरव गोगोई ने घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में पुलिस भेज सकते हैं, लेकिन असम में पथराव करने वालों की पहचान करने में असम पुलिस को मुश्किल होगी. गोगोई ने चुनाव आयोग पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. ये बयान कांग्रेस की ओर से घटना के बाद दी गई राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं.

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