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पीने को साफ पानी नहीं, रात में टॉर्च से पढ़ाई; असम के एकलव्य स्कूल में Gen Alpha ने खोला मोर्चा, छात्र बोले- टीचर 'चाइनीज' बुलाते हैं

असम के हावड़ाघाट स्थित एकलव्य स्कूल में बदहाल व्यवस्था और शिक्षकों के कथित दुर्व्यवहार से नाराज छात्रों ने नगर पालिका परिसर में प्रदर्शन किया. छात्रों ने गंदे और अधिक आयरन वाले पानी, बिजली संकट, शिक्षकों के खाली पदों और समय पर किताबें व यूनिफॉर्म नहीं मिलने की शिकायत की.

Gen Alpha Students Protest at Assam
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असम के हावड़ाघाट स्थित एकलव्य स्कूल में छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. विद्यालय की बदहाल व्यवस्था और शिक्षकों के कथित दुर्व्यवहार से परेशान छात्र-छात्राएं शनिवार को स्कूल से बाहर निकलकर हावड़ाघाट नगर पालिका परिसर पहुंच गए और अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया. छात्रों ने साफ पेयजल, बिजली, शिक्षकों की कमी और समय पर पाठ्यपुस्तकें व यूनिफॉर्म नहीं मिलने जैसे मुद्दे उठाए. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है.

छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल में मिलने वाले पानी में आयरन की मात्रा अधिक है और पानी गंदा होने के कारण उसका इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो जाता है. बिजली संकट की वजह से रात में पढ़ाई के लिए टॉर्च की रोशनी का सहारा लेना पड़ता है. इसके अलावा, संगीत और योग जैसे विषयों के शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं. कुछ टीचर्स पर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने और उन्हें कथित तौर पर 'चाइनीज' कहकर अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है. छात्रों ने कहा कि समय पर किताबें और स्कूल यूनिफॉर्म नहीं मिलने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

छात्रों ने क्या-क्या कहा?

  • प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सबसे प्रमुख मुद्दा स्कूल में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता का उठाया. उनका आरोप है कि स्कूल में जो पानी मिलता है, उसमें आयरन की मात्रा ज्यादा है और वह गंदा भी रहता है. ऐसे में उन्हें पीने के पानी से लेकर रोजमर्रा के कामों तक में परेशानी होती है.
  • छात्रों का कहना है कि स्कूल जैसी जगह पर साफ पानी की व्यवस्था होना बुनियादी जरूरत है, लेकिन उन्हें इस सुविधा के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
  • बिजली की समस्या को लेकर भी छात्रों ने नाराजगी जताई. उनका कहना है कि रात के समय बिजली नहीं रहने पर उन्हें टॉर्च की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है. इससे पढ़ाई में परेशानी होती है और छात्रों की दिनचर्या भी प्रभावित होती है.
  • छात्रों ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया. उनके मुताबिक, संगीत और योग शिक्षक के पद खाली पड़े हैं. इससे इन विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
  • छात्रों का कहना है कि स्कूल में जरूरी विषयों के लिए पर्याप्त शिक्षक होने चाहिए, ताकि उन्हें पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों का भी अवसर मिल सके।
  • प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने कुछ शिक्षकों पर दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया. उनका दावा है कि कुछ शिक्षक उन्हें 'चाइनीज' कहकर अपमानित करते हैं. यह आरोप भी छात्रों की नाराजगी की प्रमुख वजहों में शामिल रहा. हालांकि, इन आरोपों पर स्कूल प्रशासन या संबंधित शिक्षकों का पक्ष सामने नहीं आया है.
  • छात्रों ने पाठ्यपुस्तकों और यूनिफॉर्म की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि उन्हें समय पर किताबें और स्कूल की वर्दी नहीं मिलती. इससे पढ़ाई और स्कूल की नियमित गतिविधियों पर असर पड़ता है.
  • छात्रों की मांग है कि शिक्षा से जुड़ी जरूरी सामग्री उन्हें समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आए.
  • गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी स्कूल में भोजन से विषाक्तता की घटना सामने आई थी, जिसके बाद कई छात्र बीमार पड़ गए थे. इस घटना ने विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता और छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई थी. अब बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर हुए प्रदर्शन ने स्कूल की व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

छात्रों और संगठनों ने अधिकारियों से की कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन में छात्रों के साथ अभिभावकों और उचुका तथा कार्वी छात्र संगठनों ने भी विद्यालय की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई. सभी ने संबंधित अधिकारियों से स्कूल की व्यवस्था में जल्द सुधार करने की मांग की है. उनकी मांग है कि स्वच्छ पेयजल और बिजली की सुविधा सुनिश्चित की जाए, शिक्षकों के खाली पद भरे जाएं और छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतों की जांच हो.

फिलहाल छात्रों के प्रदर्शन के जरिए स्कूल की बुनियादी सुविधाओं, पढ़ाई के माहौल और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं. अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इन शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं और विद्यालय की समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी किया जाता है.

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