असम में बाढ़ का कहर! ब्रह्मपुत्र उफान पर, 6 जिलों के 221 गांव पानी में डूबे; 46 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित, एक महिला की मौत-VIDEO
असम में बाढ़ के कारण 3,800 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि पानी में डूब गई है. 450 से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है, जबकि हजारों जानवर भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं.
Assam flood
असम में मानसून से पहले ही बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बुधवार तक राज्य के छह जिलों में बाढ़ से 46,938 लोग प्रभावित हुए हैं. बाढ़ का सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में देखने को मिला है. यहां अकेले करीब 45,841 लोग प्रभावित हुए हैं.
इसके अलावा, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और बिस्वनाथ जिलों में भी बाढ़ का पानी लोगों के घरों और गांवों तक पहुंच गया है. ASDMA के मुताबिक, धेमाजी जिले के सिसिबोरगांव इलाके में मंगलवार रात एक महिला तेज बहाव में बह गई, जिससे उसकी मौत हो गई. यह इस साल असम में बाढ़ से होने वाली पहली मौत है.
धुबरी जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं कई नदियां
धुबरी ज़िले में बाढ़ की स्थिति और खराब हो गई है, क्योंकि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. गौरंग, टिपकाई, चंपावती और गंगाधर जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. नदी के किनारे और निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं.
असम में क्यों है बाढ़ का कहर?
- असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. राज्य के 6 जिलों में करीब 46 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
- धेमाजी जिला सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित है. यहां 45 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं.
- बाढ़ के हालात इसलिए और गंभीर हो गए हैं. क्योंकि ब्रह्मपुत्र समेत राज्य की दो प्रमुख नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं.
- कई क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. सड़क, खेती और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है.
- अधिकारियों के मुताबिक, 221 गांव और 10 राजस्व क्षेत्र बाढ़ की चपेट में हैं. वहीं 3,809 हेक्टेयर से ज्यादा खेती की जमीन पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
- बाढ़ के कारण विस्थापित हुए 450 से ज्यादा लोगों ने चार राहत शिविरों में शरण ली है.
- इसके अलावा प्रशासन ने छह राहत वितरण केंद्र भी बनाए हैं, जहां जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है।
- बाढ़ का असर सिर्फ लोगों पर नहीं बल्कि पशुओं पर भी पड़ा है. ASDMA के अनुसार, 88 हजार से ज्यादा जानवर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
- प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत-बचाव कार्य जारी हैं.




