Tendulkar के इस शॉट को खेलना चाहते हैं Kohli, बोले- जिस खिलाड़ी को देखकर क्रिकेट खेलना शुरू किया, उससे तुलना ठीक नहीं
विराट कोहली ने कहा कि सचिन तेंदुलकर दुनिया के सबसे संपूर्ण बल्लेबाज हैं. अगर उन्हें उनसे एक चीज लेनी हो तो वह 'सब कुछ' लेना चाहेंगे. खास तौर पर तेंदुलकर का लैप शॉट उन्हें बेहद पसंद है, जिसे वे उसी सहजता से खेलना चाहते हैं.
Virat Kohli on Sachin Tendulkar: क्रिकेट में यह बहस कभी खत्म नहीं होगी कि विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर में बेहतर बल्लेबाज कौन है। लेकिन सच यह है कि दोनों की तुलना करना अलग-अलग दौर की दो महानताओं को तौलने जैसा है. तेंदुलकर ने उस दौर में बल्लेबाजी की जब रिवर्स स्विंग और कठिन परिस्थितियों में रन बनाना आसान नहीं था, जबकि कोहली ने खासकर वनडे में चेज़ करते हुए जो निरंतरता दिखाई है, वह भी कमाल की है. दोनों में एक समानता यह भी है कि अपने-अपने समय में ये भारत की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी उम्मीद बने रहे. तेंदुलकर 1990 के दशक में 'वन-मैन आर्मी' थे, तो कोहली ने भी लंबे समय तक वही जिम्मेदारी निभाई.
अगर शॉट्स की बात करें तो तेंदुलकर का स्ट्रेट ड्राइव और बैकफुट पंच विपक्ष के लिए खतरे की घंटी होता था, वहीं कोहली का कवर ड्राइव और उनकी कलाईयों का कमाल आधुनिक क्रिकेट में अलग पहचान रखता है। फिर भी, तेंदुलकर को भारत ही नहीं, दुनिया के सबसे संपूर्ण बल्लेबाजों में गिना जाता है. यह बात खुद कोहली भी मानते हैं.
कोहली ने क्या कहा?
- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ बातचीत में, आईपीएल के 19वें सीजन से पहले कोहली ने कहा कि अगर उन्हें तेंदुलकर से क्रिकेट से जुड़ी एक चीज़ लेनी हो, तो वह 'सब कुछ' लेना चाहेंगे. उन्होंने याद किया कि 1999 में पीठ की चोट के बाद तेंदुलकर ने अपनी बल्लेबाजी में बदलाव किया और पावर-हिटिंग कम होने पर स्पिनरों के खिलाफ पैडल स्वीप और लैप शॉट जैसे शॉट्स से नई पहचान बनाई.
- कोहली ने खास तौर पर तेंदुलकर के लैप शॉट की तारीफ करते हुए कहा कि वह शॉट वे उसी नज़ाकत से खेलना चाहते हैं. उनके मुताबिक, तेंदुलकर ने स्पिनरों के खिलाफ जिस सटीकता और सहजता से यह शॉट खेला, वैसा करना बेहद मुश्किल है.
- तेंदुलकर के अलावा कोहली ने अन्य खेल दिग्गजों से भी गुण लेने की इच्छा जताई- एमएस धोनी की संतुष्टि, क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अनुशासन और लियोनेल मेसी की अद्भुत क्षमता.
- इससे पहले 2017 के एक इंटरव्यू में भी कोहली कह चुके हैं कि तेंदुलकर से उनकी तुलना करना उचित नहीं है. उनके मुताबिक, जिस खिलाड़ी को देखकर उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, उसके साथ प्रतिस्पर्धा की बात ही नहीं हो सकती.
- कोहली ने तेंदुलकर को अब तक का सबसे संपूर्ण बल्लेबाज बताते हुए कहा कि उनकी महानता की बराबरी करना किसी के लिए आसान नहीं है.
कुल मिलाकर, यह बहस भले चलती रहे, लेकिन कोहली और तेंदुलकर, दोनों अपने-अपने दौर के ऐसे दिग्गज हैं, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. क्रिकेट में दोनों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता.




