'एक और 0 पर भी नहीं होंगे ड्रॉप', गंभीर-सूर्या ने जताया भरोसा तो चमके अभिषेक शर्मा; T20 World Cup 2026 में जड़ी पहली फिफ्टी
अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ 30 गेंदों पर 55 रन की शानदार पारी खेलकर खराब फॉर्म से दमदार वापसी की. लगातार तीन बार शून्य पर आउट होने के बाद उन पर दबाव था, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर ने उन्हें पूरा समर्थन दिया और भरोसा दिलाया कि खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम से बाहर नहीं किया जाएगा.
Abhishek Sharma Half Century Vs Zimbabwe: भारत के विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए तूफानी अर्धशतक जड़ा. इससे पहले, वे तीन मैच में अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे, जबकि चौथे मैच में उनके बल्ले से महज 15 रन आए. लगातार तीन बार शून्य पर आउट होने और एक धीमी पारी के बाद उन पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन चेपॉक में उन्होंने 30 गेंदों पर 55 रन की दमदार पारी खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई. उनकी इस पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल रहे, जिससे भारत 256/4 के बड़े स्कोर तक पहुंच सका.
इस पारी के साथ अभिषेक शर्मा ने अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप में आत्मविश्वास भरी वापसी की. उन्होंने बताया कि टीम के भरोसे ने उन्हें मुश्किल दौर से बाहर निकलने में मदद की. अभिषेक ने कहा कि खराब प्रदर्शन के बावजूद ड्रेसिंग रूम में सभी का विश्वास उनके लिए भावुक करने वाला था. टीम परिवार की तरह उनके साथ खड़ी रही.
अभिषेक शर्मा ने क्या कहा?
- युवा ओपनर ने खास तौर पर कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर का जिक्र किया, जिन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि एक और शून्य पर आउट होने के बाद भी उन्हें टीम से बाहर नहीं किया जाएगा.इसी समर्थन ने उन्हें दबाव से मुक्त होकर खेलने की ताकत दी.
- अभिषेक ने अपनी इस पारी को पूरी टीम को समर्पित करते हुए कहा कि ड्रेसिंग रूम का माहौल और साथियों का विश्वास ही उनकी प्रेरणा बना. उन्होंने कहा कि यह पारी उसी भरोसे का परिणाम है और आगे भी वह टीम के लिए मैच जिताने की कोशिश करेंगे.
अभिषेक के लिए कैसा रहा वर्ल्ड कप?
वर्ल्ड कप की शुरुआत अभिषेक के लिए बेहद कठिन रही थी. पेट के संक्रमण के कारण वह पहले मैच में शून्य पर आउट हुए और एक मुकाबला मिस भी करना पड़ा. वापसी के बाद भी दो बार शून्य पर आउट होकर उन्होंने अनचाहा हैट्रिक बना दिया था. ऐसे मुश्किल समय में टीम मैनेजमेंट के भरोसे और खिलाड़ियों के समर्थन ने उन्हें संभाले रखा.




