जिस अकेले Sonal dinusha से परेशान हुई Team India उसकी राजीव शुक्ला ने की जमकर तारीफ, Sachin Tendulkar से कर दी तुलना, लोगों ने क्या कहा?
भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने कमाल की बल्लेबाजी का नजारा पेश किया है. 2 शतक इस सीरीज में वे लगा चुके हैं. उनकी बल्लेबाजी को देखकर बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सचिन तेंदुलकर से सोनल की तुलना कर दी.
Sachin Tendulkar and Sonal dinusha
Sri Lanka vs India 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला जा रहा दूसरा टेस्ट श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनुषा के लिए बेहद खास बन गया है. भारत के खिलाफ लगातार शानदार बल्लेबाजी कर रहे 25 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 103 रन की पारी खेली और दूसरी पारी में भी अर्धशतक जमाकर भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया. पहले टेस्ट में भी दिनुषा ने 100 और 84 रन की पारियां खेली थीं.
दिनुषा की लगातार बेहतरीन बल्लेबाजी से प्रभावित होकर बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उनकी तुलना महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से कर दी. शुक्ला की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कई यूजर्स ने युवा श्रीलंकाई बल्लेबाज की तारीफ तो की, लेकिन सचिन से तुलना को जल्दबाजी करार देते हुए राजीव शुक्ला को निशाने पर लिया.
राजीव शुक्ला ने पोस्ट में क्या लिखा?
सोनल दिनुषा की बल्लेबाजी से प्रभावित राजीव शुक्ला ने सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ करते हुए लिखा "श्रीलंका का खिलाड़ी सोनल कमाल का है. यह तेंदुलकर जैसा दिखता है. इंटरनेशनल क्रिकेट में यह एक बेहतरीन टेस्ट खिलाड़ी बन सकता है."
राजीव शुक्ला की पोस्ट पर क्यों भड़के यूजर्स?
सोनल दिनुषा की सचिन तेंदुलकर से तुलना को लेकर की गई राजीव शुक्ला की पोस्ट पर यूजर्स भड़कते हुए भी दिखाई दिए. एक यूजर ने कमेंट करके लिखा "बेतुकी तुलना! यह तो राजीव शुक्ला की तुलना ली कुआन या मार्गरेट थैचर से करने जैसा है." दूसरे यूजर ने लिखा "आप सिर्फ़ 2 टेस्ट मैचों की पारियों के आधार पर सचिन तेंदुलकर से तुलना कैसे कर सकते हैं? क्या आप बेवकूफ़ हैं? क्या आपको क्रिकेट की कोई जानकारी है?"
तीसरे यूजर ने लिखा "आपका दिमाग आपकी कांग्रेस पार्टी की तरह काम कर रहा है. सिर्फ़ 2 मैचों के बाद ही उसकी तुलना तेंदुलकर से कर रहा है. हालांकि सोनल दिनुषा ने अच्छा खेला, लेकिन सचिन से तुलना करने लायक बनने के लिए अभी उसे लंबा सफ़र तय करना है." वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा "सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैच खेले, तब जाकर वे तेंदुलकर बने. उनकी तुलना तेंदुलकर से न करें."
कैसे स्पिनर्स को किया परेशान?
दिनुषा ने भारतीय स्पिन आक्रमण के खिलाफ पैरों का बेहतरीन इस्तेमाल किया. वह क्रीज से बाहर निकलकर गेंद की लंबाई को बिगाड़ते रहे और जरूरत पड़ने पर स्वीप तथा रिवर्स-स्वीप जैसे शॉट भी खेले. उनकी यही रणनीति भारतीय गेंदबाजों के लिए चुनौती बनी रही. उनकी बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात लगातार स्ट्राइक रोटेट करना भी रही. वह केवल चौकों-छक्कों पर निर्भर नहीं रहे और लगातार सिंगल-डबल लेकर गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा.




