300 इंटरनेशनल मैच, टेस्ट करियर की सबसे तेज फिफ्टी... Lord's में Smriti Mandhana ने रचा इतिहास, 2017 का क्यों किया जिक्र?
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने लॉर्ड्स में अपना 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर इतिहास रच दिया. वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली सबसे युवा महिला क्रिकेटर बन गई हैं. यही नहीं, उन्होंने इस मैच में अपने टेस्ट करियर की सबसे तेज फिफ्टी भी जड़ी.
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में शॉट खेलतीं स्मृति मंधाना
INDW Vs EN-W Lord's Test: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज और उपकप्तान स्मृति मंधाना ने क्रिकेट इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है. इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेला जा रहा टेस्ट मैच उनका 300वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला है. इसके साथ ही, वह 300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली सबसे युवा महिला क्रिकेटर बन गई हैं. वहीं, कुल मिलाकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह दुनिया की 12वीं महिला खिलाड़ी हैं.
मंधाना ने अपने इस टेस्ट को यादगार बनाते हुए अपने करियर की सबसे तेज फिफ्टी भी जड़ी. उन्होंने महज 50 गेंदों में 1 छक्का और 8 चौके लगाते हुए अर्धशतक बनाया. यह लॉर्ड्स में महिला टेस्ट में पहली फिफ्टी है. इससे पहले, मंधाना ने 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 51 गेंदों में फिफ्टी जड़ी थी.
टेस्ट में सबसे तेज फिफ्टी जड़ने वाली महिला खिलाड़ी
- 42 - संगीता दबीर (IND-W) बनाम ENG-W, कोलकाता, 1995
- 46 - नैट साइवर-ब्रंट (इंग्लैंड) बनाम एसए-डब्ल्यू, ब्लोमफ़ोन्टेन, 2024
- 48 - नैट साइवर-ब्रंट (इंग्लैंड) बनाम ऑस्ट्रेलिया-डब्ल्यू, कैनबरा, 2022
- 49 - शुभा सतीश (IND-W) बनाम ENG-W, मुंबई DYP, 2023
- 50 - स्मृति मंधाना (IND-W) बनाम ENG-W, लॉर्ड्स, 2026
- 51 - स्मृति मंधाना (IND-W) बनाम AUS-W, कैरारा, 2021
किन खिलाड़ियों ने किया डेब्यू?
मैच शुरू होने से पहले इंग्लैंड की कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. भारत की ओर से श्री चरणी ने टेस्ट डेब्यू किया, जबकि यास्तिका भाटिया की टीम में वापसी हुई. वहीं इंग्लैंड ने एलिस कैप्सी और मैडी विलियर्स को टेस्ट कैप सौंपी.
स्मृति मंधाना ने 300वां इंटरनेशनल मैच खेलने पर क्या कहा?
- अपने 300वें मैच पर स्मृति मंधाना ने कहा कि उन्हें इस खास उपलब्धि का पता मैच से सिर्फ एक रात पहले चला. उन्होंने बताया कि खिलाड़ी आमतौर पर सभी फॉर्मेट के मैचों की गिनती नहीं रखते.
- मंधाना ने 2017 महिला वनडे विश्व कप फाइनल को याद करते हुए कहा कि उस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और उन्हें लगा था कि शायद दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिलेगा, लेकिन अब उसी ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है.
- मंधाना ने पिछले टी20 विश्व कप की निराशा का भी जिक्र किया और कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम के पास अच्छा मौका था, लेकिन क्रिकेट में हार-जीत खेल का हिस्सा है. उनका मानना है कि हर नई पारी शून्य से शुरू होती है और खिलाड़ियों को हर मैच में नई सोच के साथ उतरना चाहिए.
- रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी पर मंधाना ने कहा कि टी20 से टेस्ट क्रिकेट में आना आसान नहीं होता. टेस्ट में बल्लेबाज को धैर्य के साथ खेलना पड़ता है और बुनियादी तकनीक पर लौटना जरूरी होता है. उन्होंने बताया कि लंबी बल्लेबाजी का अभ्यास और क्रीज पर अधिक समय बिताना ही उनकी तैयारी का सबसे अहम हिस्सा रहा.
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की प्लेइंग 11
स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा. यास्तिका भाटिया, जेमिमा रोड्रिग्ज, हरमनप्रीत कौर, रिचा घोष. दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, सयाली सतघरे, श्री चरणी और क्रांति गौड़.




