वो 8 कारण, रोहित शर्मा अब संन्यास ले लें या उन्हें टीम इंडिया से बाहर कर दें, Explainer
रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं. लगातार खराब फॉर्म, बढ़ती उम्र, 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों और युवा खिलाड़ियों को मौका देने की मांग के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब टीम इंडिया को नए दौर की शुरुआत करनी चाहिए.
Rohit Sharma ODI Retirement Debate: भारत और इंग्लैंड के बीच इस समय तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है. दोनों टीमें इस समय 1-1 की बराबरी पर हैं. भारत ने पहले मैच में इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, जबकि दूसरे मैच में इंग्लैंड ने हिसाब चुकता करते हुए भारतीय टीम को 4 विकेट से हराया. इसके बाद यह अफवाहें फैलने लगीं कि रोहित शर्मा 19 जुलाई को लॉर्ड्स में खेले जाने वाले तीसरे वनडे मैच के बाद संन्यास ले लेंगे, लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैंकिया ने इन अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि फिलहाल लॉर्ड्स में रोहित अपना आखिरी वनडे मैच नहीं खेल रहे हैं.
रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों और बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने ICC ट्रॉफी जीती और कई यादगार जीत दर्ज कीं, लेकिन हाल के प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए यह बहस तेज हो गई है कि क्या अब रोहित शर्मा को वनडे टीम से विदाई ले लेनी चाहिए या चयनकर्ताओं को नई शुरुआत करनी चाहिए. आइए जानते हैं वे 8 कारण, जिनकी वजह से यह चर्चा हो रही है...
1. बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी
- रोहित शर्मा बड़े मैचों के खिलाड़ी माने जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय में उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता नहीं दिखी है. एक अच्छी पारी के बाद कई मैचों में जल्दी आउट होने से टीम की शुरुआत प्रभावित हो रही है. आधुनिक क्रिकेट में शीर्ष क्रम के बल्लेबाज से लगातार रन बनाने की उम्मीद रहती है.
- रोहित का स्ट्राइक रेट भी सवालों के घेरे में हैं. उनका स्ट्राइक रेट लगातार कम हो रहा है, जो चिंता का बड़ा कारण है.
- रोहित शर्मा के स्ट्राइक रेट में गिरावट न्यूजीलैंड के भारत दौरे से शुरू हुई. इंदौर में 18 जनवरी 2026 को खेले गए पहले वनडे मैच में रोहित ने 13 गेंदों पर 11 रन, 14 जनवरी को राजकोट में दूसरे वनडे में 38 गेंदों पर 24 रन और 11 जनवरी को वडोदरा में खेले गए तीसरे वनडे में 29 गेंदों पर 26 रन बनाए. इस सीरीज में उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला.
- अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में भी रोहित शर्मा बड़ी पारी नहीं खेल पाए. वे तीन मैचों में 16, 48 और 79 रन बनाए. इसमें 79 रन आखिरी मैच में आए.
- इंग्लैंड दौरे पर रोहित अब तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं. वे पहले मैच में 11, जबकि दूसरे मैच में 26 रन बनाकर आउट हुए. उनका स्ट्राइक रेट तकरीबन 50 का रहा.
2. अपने खेल को लेकर दिख रहा है कन्फ्यूजन
कभी रोहित पहली गेंद से आक्रामक खेलते हैं, तो कभी काफी धीमी शुरुआत करते हैं. कई बार ऐसा महसूस होता है कि वह अपनी बल्लेबाजी की सही रणनीति तय नहीं कर पा रहे हैं. यह असमंजस उनके प्रदर्शन पर भी असर डाल रहा है. रोहित जब वनडे वर्ल्ड कप 2023 में कप्तान थे तो वे टीम को तेज शुरुआत दिलाते थे, लेकिन जब से उनकी कप्तानी गई है, वे स्ट्राइक रेट को लेकर संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं.
3. विराट कोहली से अलग है पूरा मामला
रोहित और विराट की तुलना अक्सर होती है, लेकिन दोनों की भूमिका अलग है. विराट नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हैं और उस स्थान पर फिलहाल कोई मजबूत विकल्प नहीं दिखता. वहीं ओपनिंग में यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, शुभमन गिल और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी जैसे कई विकल्प मौजूद हैं. ऐसे में टीम प्रबंधन के लिए बदलाव करना आसान हो सकता है.
4. कप्तान रोहित और खिलाड़ी रोहित में दिखता है अंतर
जब रोहित कप्तान होते हैं तो उनका आत्मविश्वास और बॉडी लैंग्वेज अलग नजर आती है. लेकिन सिर्फ बल्लेबाज के रूप में उतरने पर कई बार वही प्रभाव दिखाई नहीं देता. इसका असर उनकी बल्लेबाजी में भी देखने को मिला है. रोहित दुनिया के ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने वनडे में तीन दोहरे शतक जड़े हैं. इस दौरान उनकी रणनीति थी कि शुरुआत में कुछ गेंदें खेलकर बाद में लंबे-लंबे शॉट खेले जाएं... लेकिन हाल के समय में रोहित की यही रणनीति दोबारा देखी जा रही है... लेकिन इसका फायदा उन्हें मिलता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है.
5. युवा खिलाड़ियों का रास्ता रुक रहा है
यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन जैसे युवा खिलाड़ी लगातार मौके का इंतजार कर रहे हैं. अगर टीम भविष्य की तैयारी करना चाहती है, तो उन्हें लगातार अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका देना जरूरी होगा. यशस्वी ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में नाबाद शतक जड़ा था, लेकिन उसके बाद भी उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए नहीं चुना गया. ऐसे में आलोचकों का मानना है कि रोहित की वजह से यशस्वी की वनडे टीम में जगह नहीं बन पा रही है. अभी रोहित और गिल वनडे में ओपनिंग करते हैं. यशस्वी बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. उनके टीम में आने से राइट और लेफ्ट कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा, जिससे विपक्षी टीम को अपनी रणनीति में बार-बार बदलाव करना पड़ेगा.
6. हर मैच के साथ बढ़ रहा है दबाव
अब स्थिति ऐसी हो गई है कि रोहित शर्मा अगर एक-दो मैचों में रन नहीं बनाते, तो उनके भविष्य पर सवाल उठने लगते हैं. लगातार बढ़ता यह दबाव उनके स्वाभाविक खेल को भी प्रभावित कर सकता है. वहीं, लगातार उड़ रही संन्यास की अफवाहें भी उन पर लगातार दबाव बना रही हैं. रोहित का एकमात्र सपना है वनडे वर्ल्ड कप जीतना... इसके लिए उन्होंने अपने फिटनेस में भी सुधार किया है. वे 2027 का वनडे वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं.
7. नए कप्तान और कोच के लिए बदलाव आसान होगा
अगर टीम पूरी तरह नए दौर में प्रवेश करती है, तो कप्तान और कोच दोनों युवा खिलाड़ियों के साथ नई रणनीति और बेहतर तालमेल विकसित कर सकते हैं. लंबे समय की योजना के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है. रोहित एक दिग्गज बल्लेबाज रहे हैं. उनको कैसा खेलना है, यह गिल नहीं बता सकते. न ही गिल रोहित को निर्देश दे सकते हैं. वहीं, रोहित की जगह यशस्वी जायसवाल या कोई और युवा बल्लेबाज हों तो उन्हें गिल और कोच अच्छे से निर्देश दे सकते हैं.
8. IPL में भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं
रोहित शर्मा का हालिया आईपीएल प्रदर्शन भी उनके अनुभव के अनुरूप नहीं रहा. फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी लगातार बड़े रन नहीं आने से उनकी फॉर्म को लेकर सवाल उठे हैं. IPL 2026 में रोहित ने 9 मैचों में केवल 2 अर्धशतक ही लगा पाए. वहीं, कुछ मैचों में वे चोट की वजह से नहीं खेल पाए.
कुल मिलाकर, रोहित शर्मा का भारतीय क्रिकेट में योगदान बेहद बड़ा रहा है और इसे किसी भी तरह कम नहीं आंका जा सकता. हालांकि, भविष्य की टीम तैयार करने, युवा खिलाड़ियों को मौका देने और हालिया प्रदर्शन को देखते हुए उनके करियर को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है. अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और खुद रोहित शर्मा के हाथ में होगा. अगर वह खेल जारी रखते हैं तो उन्हें लगातार प्रदर्शन करना होगा, वहीं अगर वह संन्यास लेते हैं तो यह भारतीय क्रिकेट के एक सफल अध्याय का सम्मानजनक अंत होगा.




