कभी PCB की जमकर करते थे आलोचना, अब बोर्ड में निभा सकते हैं बड़ी भूमिका: अख्तर और नकवी के बीच कड़वाहट की बर्फ कैसे पिघली?
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में बड़ी भूमिका मिल सकती है.
शोएब अख्तर को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड कर मुखर आलोचक माना जाता रहा है. भारत के हाथों आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की हार के बाद अख्तर टीम की आलोचना करने में कोई कसर नहीं छोड़ते थे.... लेकिन ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे PCB में कोई बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
इंग्लैंड के हाथों पाकिस्तान 0-3 से शर्मनाक हार के बाद मोहसिन नकवी बोर्ड के थिंक टैंक का पुनर्गठन करने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, उन्हें कौन-सा पद मिलेगा, इसके बारे में अभी तक कोई ऐलान नहीं किया गया. नकवी और अख्तर के बीच पहले भी क्रिकेट को लेकर चर्चा हो चुकी है.
क्या अख्तर से मिले थे नकवी?
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकवी और अख्तर की पिछले हफ्ते मुलाकात हुई थी. दोनों ने क्रिकेट से जुड़े मामलों पर चर्चा की थी.
- कुछ हफ्ते पहले जब अख्तर के बड़े भाई का इंतकाल (निधन) हुआ था तो नकवी ने उनसे बातचीत की थी. दुख की घड़ी में वे अख्तर के साथ खड़े रहे.
- इससे 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' बहुत प्रभावित हुए. अख्तर को उनकी तेज गेंदबाजी के चलते 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' भी कहा जाता है.
- इस घटना के बाद से अख्तर और नकवी के बीच संबंध मजबूत हो गए. नकवी ने अख्तर को अपनी योजनाओं के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही, उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) और प्रशिक्षण शिविरों का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया.
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, अख्तर को एक महत्वपूर्ण पद मिल सकता है. ऐसा कहा जा रहा है कि जब अख्तर ने नकवी से मुलाकात की तो उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट को आगे बढ़ाने को लेकर अपनी सोच के बारे में जानकारी दी थी.
क्या अख्तर को कोई पद मिलेगा?
पाकिस्तान की इंग्लैंड के हाथों टेस्ट सीरीज में मिली हार के बाद PCB में बड़े पैमाने पर बदलाव की संभावना है. सीनियर टीम के फील्डिंग कोच शेन मैकडरमॉट और बैटिंग कोच एश्ले नोफ्के को हटाए जाने के बाद बोर्ड विदेशी कोचों और सलाहकारों को लाने की संभावना पर विचार कर रहा है. महिला टीम में भी बदलाव हो सकते हैं. पीसीबी लंबे समय के कोच की नियुक्ति पर विचार कर रही है.
अख्तर ने कई बार पीसीबी के प्रशासनिक फैसलों और चयन निर्णयों पर सवाल उठाए हैं. इससे वे पीसीबी के मुखर आलोचक बन गए. अब अख्तर पीसीबी के फैसलों और योजनाओं में सीधे तौर पर अपनी राय दे सकेंगे. यह अख्तर के लिए जिंदगी का अहम मोड़ साबित होगा.




