पहले तीखी बहस, फिर 'स्पिटिंग कोबरा' बाउंसर, कहानी साल 2010 डरबन टेस्ट की... जिसमें जैक कैलिस और श्रीसंत के बीच चला था कड़ा मुकाबला
साल 2010 में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया डरबन टेस्ट श्रीसंत की 'स्पिटिंग कोबरा' बाउंसर के लिए जाना जाता है, जिसपर उन्होंने दिग्गज जैक कैलिस को आउट किया था. इससे पहले दोनों की बची काफी बहस चली थी.
Jacques Kallis and S Sreesanth
जब-जब दुनिया के महान क्रिकेटर्स की बात होगी तब-तब साउथ अफ्रीका के दिग्गज जैक कैलिस का नाम लिया जाएगा. क्रिकेट मैदान पर एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड बनाने वाले कैलिस आज अपना 51वां जन्म दिन मना रहे हैं. कैलिस एक बेहतरीन ऑलराउंडर के तौर पर जाने जाते थे. टीम इंडिया के खिलाफ भी जैक कैलिस ने बहुत से मैच खेले थे.
लेकिन जब-जब उनके भारतीय टीम के सामने प्रदर्शन की बात आती है तो फैंस को साल 2010 का डरबन टेस्ट भी याद आता है. जहां पहले जैक कैलिस और टीम इंडिया के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत के बीच मैदान तीखी बहस देखने को मिली, फिर अचानक से श्रीसंत के हाथ से एक ऐसी खतरानक गेंद निकली की कैलिस चारो खाने चित हो गए थे.
डरबन टेस्ट में क्या हुआ था?
साल 2010 में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच डरबन के किंग्समीड मैदान पर टेस्ट मुकाबला खेला गया था. इस मैच में श्रीसंत लगातार आक्रामक अंदाज में गेंदबाजी कर रहे थे. उनकी कोशिश साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देने की थी. कैलिस क्रीज पर आए तो श्रीसंत ने उन पर दबाव बनाए रखा. गेंदबाजी के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. श्रीसंत का आक्रामक रवैया और कैलिस का शांत स्वभाव इस मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा था.
कैलिस से पहले श्रीसंत की दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्रीम स्मिथ के साथ भी मैदान पर बहस हुई थी. रिपोर्टों के मुताबिक, स्मिथ के आउट होने के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच माहौल गर्म हो गया था और स्मिथ ने गुस्से में श्रीसंत की ओर अपना बल्ला भी दिखाया था. इसके बाद भी श्रीसंत का जोश कम नहीं हुआ. कैलिस के क्रीज पर आने के बाद वह लगातार दबाव बनाने की कोशिश करते रहे. उनकी गेंदबाजी में तेजी, उछाल और आक्रामकता साफ नजर आ रही थी.
चौथे दिन 35वें ओवर में क्या हुआ?
मैच के चौथे दिन 35वें ओवर की दूसरी गेंद पर ऐसा पल आया जिसे क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखने वाले थे. श्रीसंत ने शॉर्ट-ऑफ-लेंथ गेंद फेंकी. डरबन की पिच पर दरारें पड़ चुकी थीं और गेंद एक दरार पर टप्पा खाने के बाद अचानक बेहद ऊंची उछल गई. गेंद तेजी से कैलिस के चेहरे और छाती की ओर आई. इस अतिरिक्त उछाल से बचने के लिए कैलिस को अपनी पीठ पीछे की ओर मोड़नी पड़ी. गेंद उनके दस्तानों से लगकर गली में खड़े वीरेंद्र सहवाग के हाथों में चली गई और कैलिस को पवेलियन लौटना पड़ा.
रवि शास्त्री ने गेंद को 'स्पिटिंग कोबरा' क्यों कहा?
श्रीसंत की गेंद जिस तरह अचानक उछली, उसने कमेंट्री कर रहे रवि शास्त्री का ध्यान भी खींचा. गेंद की उछाल देखकर उन्होंने कहा था कि "It's jumped at him like a spitting cobra!" यानी 'यह गेंद उन पर किसी थूकने वाले कोबरा सांप की तरह उछली है!' इसी कमेंट के बाद यह गेंद क्रिकेट फैंस के बीच 'स्पिटिंग कोबरा' के नाम से मशहूर हो गई. पिच की दरार से मिली असामान्य उछाल ने कैलिस जैसे अनुभवी बल्लेबाज को भी मुश्किल में डाल दिया था.
मैच किसने जीता था?
कैलिस का विकेट साउथ अफ्रीका के लिए अहम झटका था. वह टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते थे. उनके आउट होने से भारतीय गेंदबाजों को साउथ अफ्रीका पर दबाव बढ़ाने का मौका मिला. भारत ने इस टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया और अफ्रीका को 87 रनों से हराया. इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टेस्ट सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली. डरबन में मिली यह जीत भारतीय क्रिकेट के यादगार पलों में शामिल हो गई.




