क्या होता है बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम का अर्थ, जिसे बोलकर Ishan Kishan ने शुरू की अपनी बात, सामने थी अफगानिस्तान टीम, वीडियो वायरल
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के स्पेशल डिनर में ईशान किशन ने 'बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम' से अपनी स्पीच शुरू की और IPL के जरिए अफगान खिलाड़ियों से बने अपने रिश्ते का जिक्र किया. आइए जानते हैं 'बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम' का मतलब क्या होता है...
भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन इन दिनों अपने करियर के सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे टी-20 सीरीज में अच्छे लय में नजर आ रहे हैं. इसके अलावा, उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी कप्तानी में झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, जबकि ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी का खिताब दिलाया है.
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से भारतीय टीम के लिए आयोजित स्पेशल डिनर में किशन ने अपनी स्पीच की शुरुआत 'बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम' कहकर की. इसके बाद उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए IPL के दौरान भारतीय और अफगान क्रिकेटरों के बीच बनी दोस्ती और बॉन्ड का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ खेलना हमेशा अच्छा लगता है, क्योंकि भारतीय टीम के कई खिलाड़ी IPL में अफगान खिलाड़ियों के साथ खेल चुके हैं और उन्हें अच्छे इंसान के तौर पर जानते हैं.
क्या है 'बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम' का मतलब?
ईशान किशन ने अपनी स्पीच की शुरुआत जिस वाक्य से की, “बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम”, उसका सामान्य अर्थ है, “अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत कृपालु और दयालु है.” इसे इस्लामी परंपरा में किसी अच्छे या महत्वपूर्ण काम की शुरुआत में कहा जाता है. “बिस्मिल्लाह” का अर्थ 'अल्लाह के नाम से' होता है, जबकि 'अर-रहमान' और 'अर-रहीम' अल्लाह की दया और करुणा को दर्शाने वाले नाम हैं. इसी वाक्य को अंग्रेजी में आम तौर पर 'In the name of Allah, the Most Gracious, the Most Merciful' के रूप में अनुवाद किया जाता है.
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम का शब्द-दर-शब्द अर्थ
- बिस्मिल: अल्लाह के नाम से (बीस = से, इस्मी = नाम)
- अल्लाह: ईश्वर, ख़ुदा
- रहमान-रहमान: परम कृपामयी - सार्वभौम जीव-जंतुओं और मनुष्यों के लिए व्यापक रूप से उपलब्ध है.
- अर-रहीम: अपार कृपा - विशेष और निरंतर कृपा आस्था रखने वालों पर होती है.
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम का महत्व और उपयोग
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम को खाना खाने, पानी पीने, घर से बाहर जाने, पढ़ने या किसी भी काम की शुरुआत से पहले बोला जाता है. इसके साथ ही, पवित्र कुरान के हर अध्याय (सूरह अत-तौबा को ठीक करना) की शुरुआत इसी वाक्य से होती है. यह वाक्य बोलकर काम में बरकत (आशीर्वाद / लाभ) और सफलता की कामना की जाती है.
Nabi Bhai के साथ खेलने का किया जिक्र
ईशान किशन ने खास तौर पर अफगानिस्तान के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए नबी के साथ उनका समय काफी अच्छा रहा और बल्लेबाजी से जुड़े सेशन के दौरान नबी ने उनकी काफी मदद की. किशन ने कहा कि अफगान खिलाड़ियों से हमेशा कुछ न कुछ सीखने को मिलता है. उन्होंने यह भी बताया कि नबी ने उन्हें बल्लेबाजी की प्लानिंग और रणनीति को लेकर कई उपयोगी बातें बताई हैं.
अफगानिस्तान टीम की इस खूबी से प्रभावित हैं ईशान
किशन ने अफगानिस्तान की टीम की भूख और दृढ़ संकल्प को उसकी सबसे प्रभावशाली खूबियों में से एक बताया. नके मुताबिक, जब भी भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला होता है, अफगान खिलाड़ियों में विकेट लेने और बड़े स्तर पर मुकाबला करने की जबरदस्त इच्छा दिखाई देती है. यानी मुकाबला भले ही मैदान पर हो, लेकिन IPL की वजह से दोनों टीमों के कई खिलाड़ियों के बीच मैदान के बाहर भी अच्छी जान-पहचान है.
Duleep Trophy में दोहरा शतक, फिर T20 में भी दमदार पारी
ईशान किशन का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है, जब वह लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से कुछ ही दिन पहले उन्होंने Duleep Trophy में East Zone को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. फाइनल में किशन ने 270 रन और 80 रन की पारियां खेलीं और 'Player of the Match' रहे. कप्तान के तौर पर भी उन्होंने टीम के लिए अहम योगदान दिया. इसके बाद दो T20 मुकाबले में भी उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की.
किशन ने पहले टी-20 में 33 गेंदों पर 42 रन बनाए. उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी की, जिसकी बदौलत भारत ने 156 रन का लक्ष्य 13.4 ओवर में हासिल कर लिया. वहीं, दूसरे टी-20 में उन्होंने 23 गेंद में नाबाद 38 रन बनाए, जिसमें 2 छक्के और 3 चौके शामिल रहे. भारत ने 159 रन का लक्ष्य 14.5 ओवर में हासिल कर लिया.
अलग-अलग फॉर्मेट में कैसे ढलते हैं ईशान?
लगातार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के सवाल पर किशन ने कहा कि एक प्रोफेशनल क्रिकेटर के तौर पर अलग-अलग फॉर्मेट के हिसाब से जल्द से जल्द खुद को ढालना जरूरी है. उनका कहना था कि खिलाड़ी लगातार अलग-अलग फॉर्मेट खेलते रहते हैं. इसलिए T20 में वापस आने पर शुरुआती तौर पर थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन मैदान पर शांत और संयमित रहना जरूरी है. किशन ने यह भी माना कि फॉर्मेट बदलने पर कुछ गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उन गलतियों को पहचानकर अगले मैच में सुधार करना ही महत्वपूर्ण है.
किशन करते हैं बल्लेबाजी की तैयारी?
ईशान ने बताया कि वह अपनी बल्लेबाजी में सुधार के लिए गेंदबाजों के वीडियो देखते हैं और दोस्तों के साथ अपने खेल को लेकर चर्चा करते हैं. वह यह समझने की कोशिश करते हैं कि सामने वाला गेंदबाज किस तरह की योजना बना सकता है और उसके खिलाफ कौन से शॉट खेले जा सकते हैं. उनके मुताबिक, बल्लेबाजी के दौरान किसी एक खास क्षेत्र में शॉट लगाने की बजाय गेंद को देखकर प्रतिक्रिया देना भी बेहद जरूरी है. उनका मानना है कि कई बार बल्लेबाज लगातार बड़े शॉट खेलने के चक्कर में अपनी लय या बैटिंग शेप खो देता है. ऐसे में अपने खेल पर चर्चा करना और गलतियों को पहचानना सुधार का रास्ता है.
ईशान के लिए T20 क्रिकेट में अहम दौर
अफगानिस्तान के खिलाफ 42 रन की पारी से पहले ईशान घरेलू क्रिकेट में भी बड़ी पारियां खेल चुके हैं. इस दौरान उनका फोकस सिर्फ रन बनाने पर ही नहीं, बल्कि अलग-अलग परिस्थितियों में टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करने पर भी रहा. अभिषेक शर्मा के साथ उनकी 121 रन की साझेदारी इसका उदाहरण रही, जहां एक छोर से अभिषेक ने तेजी से रन बनाए और ईशान ने परिस्थितियों के मुताबिक अपनी भूमिका निभाई.




