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IPL 2026: डगआउट में मोबाइल चलाने के बावजूद कैसे बच गए Romi Bhinder? Vaibhav Sooryavanshi पर भी नहीं हुई कार्रवाई

Rajasthan Royals के मैनेजर Romi Bhinder डगआउट में मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद हुए थे. माना जा रहा था कि उन पर बैन लगाया जा सकता है, लेकिन BCCI ने सिर्फ जुर्माना और चेतावनी देकर मामला खत्म कर दिया.

Romi Bhinder Mobile Controversy IPL
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डगआउट में मोबाइल चलाते राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर Romi Bhinder
( Image Source:  X@AkashYadav_02 )

IPL 2026 में Rajasthan Royals के मैनेजर Romi Bhinder को डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करने के मामले में बड़ी राहत मिली है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की एंटी-करप्शन यूनिट ने जांच के बाद उन्हें सिर्फ जुर्माना और चेतावनी देकर छोड़ दिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट ने पूरे मामले की जांच की. शो-कॉज नोटिस के जवाब में भिंडर ने अपनी मेडिकल स्थिति का हवाला दिया, जिसे जांचकर्ताओं ने स्वीकार कर लिया. सीनियर BCCI अधिकारी ने बताया कि भिंडर ने नियमों का उल्लंघन जरूर किया, लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए कड़ी कार्रवाई नहीं की गई.

वैभव सूर्यवंशी पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई?

घटना के दौरान 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भी भिंडर के पास बैठे थे और फोन स्क्रीन की ओर देखते नजर आए थे. हालांकि जांच में उनके खिलाफ कोई चर्चा या कार्रवाई नहीं हुई. अधिकारी ने कहा कि वह युवा खिलाड़ी हैं और फ्रेंचाइज़ी को उन्हें नियम बेहतर तरीके से समझाने चाहिए.

क्या है पूरा मामला?

यह घटना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए मैच के दौरान हुई थी. राजस्थान रॉयल्स की पारी के 11वें ओवर में रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद हो गए थे, जो PMOA (Players and Match Officials Area) प्रोटोकॉल का उल्लंघन था.

क्या कहते हैं नियम?

PMOA प्रोटोकॉल के अनुसार, ड्रेसिंग रूम में मैनेजर फोन इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन डगआउट में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित है. सीमित टीम अधिकारियों को ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की अनुमति होती है. भिंडर ने नियमों का उल्लंघन किया, लेकिन जांच एजेंसी उनकी सफाई से संतुष्ट दिखाई दी. इसी वजह से उन पर बैन नहीं लगाया गया और वे बड़ी कार्रवाई से बच गए.

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