'केवल ओपनर्स का स्पॉट परमानेंट हैं', वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे T20I में शिवम दुबे को नंबर-4 पर भेजने पर बोले गंभीर; हार पर क्या कहा?
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी-20 में शिवम दुबे को नंबर-4 पर भेजने के फैसले पर कहा कि टीम में केवल ओपनर्स का स्पॉट ही पक्का है. बाकी बल्लेबाजों के बैटिंग ऑर्डर में मैच की परिस्थितियों के हिसाब से बदलाव होता रहेगा.
भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची में दूसरा टी-20 मैच खेला गया. इस मुकाबले में भारत को 249 रन बनाने के बावजूद 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. इससे चौथे नंबर पर शिवम दुबे को भेजने पर सवाल भी खड़े हुए. हालांकि, हेड कोच गौतम गंभीर ने इस फैसले का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि टीम में केवल ओपनर्स का स्पॉट परमानेंट है.
शिवम दुबे चौथे नंबर पर कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए. वे 10 गेंद में केवल 7 रन ही बना पाए. रोस्टन चेज ने बोल्ड कर उनकी पारी का अंत किया.
गौतम गंभीर ने क्या कहा?
गौतम गंभीर ने कहा कि भारत आने वाले मैचों में भी मैच की स्थिति के हिसाब से अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करता रहेगा. टी-20 क्रिकेट में केवल ओपनर्स का ही स्पॉट पक्का होता है. उन्होंने कहा कि हम लंबे समय से शिवम दुबे का ऐसे ही इस्तेमाल करते रहे हैं. इसमें टी-20 वर्ल्ड कप और उससे पहले के मैच भी शामिल हैं. यह कोई पहली बार लिया गया फैसला नहीं था.
शिवम दुबे के फ्लॉप होने पर क्या बोले गंभीर?
शिवम दुबे के फ्लॉप होने पर गंभीर ने कहा, यह इंटरनेशनल क्रिकेट है. कभी-कभी चीजें आपके पक्ष में जाती है तो कभी विपक्ष में... हमने अपनी लय खो दी. लेकिन दुबे को नंबर-4 पर भेजकर हमने काफी लय हासिल भी की है. उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों का डटकर सामना किया है.
गंभीर ने कहा, मुझे लगता है कि दुबे हमेशा से अपने बल्लेबाजी क्रम को लेकर लचीले रहे हैं. हम आगे भी उन्हें इस तरह ऊपर बल्लेबाजी करने के लिए भेज सकते हैं. मैं जब से कोच बना हूं, हमेशा यही कहा है कि टी-20 क्रिकेट में केवल सलामी बल्लेबाज ही परमानेंट होते हैं, बाकी बल्लेबाजों के बैटिंग ऑर्डर में बदलाव होता रहता है.
भारत की हार पर क्या बोले गंभीर?
गंभीर ने भारत की हार पर किसी एक खिलाड़ी को दोष नहीं दिया. उन्होंने कहा कि टीम को यह स्वीकार करना होगा कि वह बड़े टोटल का बचाव नहीं कर पाई. वेस्टइंडीज ने शानदार बैटिंग की. वे जीत के हकदार थे. हमें अभी बहुत काम करना है, क्योंकि जब आप वेस्टइंडीज जैसी खतरनाक टीमों के खिलाफ खेलते हैं तो आपको यह पता लगाना होगा कि किसी स्कोर का बचाव कैसे किया जाए. वो भी तब, जब टॉस आप हार गए हों.
गंभीर ने कहा कि टॉस आपके हाथ में नहीं हैं. खेल में कैच भी छूटते रहते हैं. भारत इस हार को नजरअंदाज नहीं कर सकता. टीम को ऐसे तरीके खोजने होंगे, जिससे विरोधी टीमें ओस से भीगीं सपाट पिच पर भी बड़े स्कोर का पीछा न कर सकें. आप किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते. उन्होंने कहा कि हम विश्व चैंपियन टीम हैं. इसलिए हम लगातार सुधार करना चाहते हैं.
पहले ओवर में दो विकेट लेने के बावजूद कैसे हारी टीम इंडिया?
एक समय वेस्टइंडीज ने पहले ही ओवर में 2 विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद लगा कि मैच भारत की मुट्ठी में है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. गंभीर ने कहा कि मैच का फैसला पहले ओवर में नहीं होता. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप पूरे मैच में कैसे खेलते हैं.
गंभीर ने कहा कि वे बल्ले और गेंद के बीच एक अच्छा मुकाबला चाहते हैं. उन्होंने कहा कि अगर आप छक्के और चौके देखना चाहते हैं तो हम भी वही देखना चाहते हैं, लेकिन अगर आप बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला देखना चाहते हैं तो हम भी वही चाहते हैं. अगर बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला हुआ तो अच्छा होगा. हमें बेहतर क्रिकेट देखने को मिलेगी.
होप-रदरफोर्ड ने भारत से छीना मैच
वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप की नाबाद 102 रन और शेरफेन रदरफोर्ड की 84 रन की तूफानी पारी ने भारत को मैच से बाहर कर दिया. अंत में रोमारियो शेफर्ड ने भी तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 13 गेंद में 34 रन ठोक दिए, जिससे वेस्टइंडीज ने 249 रन के लक्ष्य को महज 18.3 ओवर में हासिल कर लिया. अक्षर पटेल सबसे महंगे रहे. उन्होंने 18 की इकोनॉमी रेट से 3.3 ओवर में 63 रन देकर 1 विकेट लिया.




